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वाराणसी- कोडीन युक्त कफ सीरप तस्करी के मामले में बड़ी कार्रवाई, सफेमा ने सरगना शुभम जायसवाल के पिता भोला प्रसाद की 30.52 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया

वाराणसी में कोडीन युक्त कफ सीरप की तस्करी के एक बड़े मामले में दिल्ली स्थित अपीलीय अधिकरण सफेमा (SAFEMA) ने नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रापिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट 1985 के तहत कड़ी कार्रवाई की है। मुख्य सरगना शुभम जायसवाल के पिता भोला प्रसाद की कुल 30.52 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया गया है।

रोहनिया के भदवर से हुई थी भारी बरामदगी

यह कार्रवाई रोहनिया के भदवर इलाके में 28 नवंबर 2025 को हुई छापेमारी से जुड़ी है। पुलिस ने एक दो मंजिला मकान में चल रहे जिम के तहखाने से 500 पेटी से अधिक कोडीन युक्त कफ सीरप बरामद किया था। इस मामले में शुभम जायसवाल, उसके पिता भोला प्रसाद समेत करीब एक दर्जन लोगों के नाम आरोपी के रूप में सामने आए थे।

जांच रिपोर्ट के आधार पर शुरू हुई जब्ती की प्रक्रिया

इंस्पेक्टर राजू सिंह ने 24 जनवरी 2026 को अपनी रिपोर्ट भेजी थी, जिसके आधार पर संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया शुरू हुई। भोला प्रसाद को 30 दिनों का समय दिया गया था कि वे साबित करें कि उनकी संपत्ति अवैध कमाई से नहीं बनी है। लेकिन वे ऐसा साबित नहीं कर सके। इसके बाद सफेमा ने अंतिम फैसला सुनाते हुए पूरी संपत्ति जब्त करने का आदेश दे दिया।

जब्त की गई संपत्तियों का विवरण

जब्त की गई संपत्तियों में शामिल हैं:

– चल संपत्ति: इंडियन बैंक के तीन खातों में जमा लगभग 1.19 करोड़ रुपये
– अचल संपत्त:
– पिंडरा में तीन कृषि भूमि
– शिवपुर में आवासीय जमीन
– भेलूपुर में लगभग 23 करोड़ रुपये का मकान
– मडौली और चेतगंज में आवासीय तथा खाली प्लॉट

इसके अलावा भोला प्रसाद की पत्नी शारदा, पुत्री प्रगति और वैशाली पुर्सवानी के नाम पर भी कई संपत्तियां दर्ज हैं, जिन्हें भी जब्त किया गया है।

मुख्य आरोपी शुभम दुबई में, प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने बताया कि मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल वर्तमान में दुबई में है। उसे भारत लाने की प्रत्यर्पण प्रक्रिया तेज कर दी गई है। उन्होंने कहा कि एसआईटी और पुलिस की मजबूत जांच के आधार पर सभी आरोपियों को सजा दिलाई जाएगी।

इस मामले में अमित टाटा समेत दो अन्य लोगों के खिलाफ भी वारंट जारी करने की अपील की गई है।

कानून के लंबे हाथों का संदेश

यह कार्रवाई न सिर्फ कोडीन युक्त कफ सीरप तस्करी के खिलाफ सख्त रुख को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि अवैध कमाई से बनाई गई संपत्ति अंततः जब्त होकर सरकार के पास चली जाती है।

वाराणसी पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों पर शून्य सहनशीलता बरती जाएगी और उनकी अवैध संपत्तियों को बेनामी या परिवार के नाम पर होने के बावजूद जब्त किया जाएगा।

यह मामला पूरे पूर्वांचल में नशीले पदार्थों की तस्करी पर लगाम लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आगे की जांच में और खुलासे होने की संभावना है।

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