श्रावस्ती जनपद के नासिरगंज कस्बे में 7 मोहर्रम के अवसर पर जनाबे कासिम इब्ने हसन की मेहंदी का जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने भाग लिया। उन्होंने नोहाख्वानी और मातम करते हुए कर्बला के शहीदों को याद किया। यह जुलूस कस्बे के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरा। इस दौरान पूरे क्षेत्र में गम और अकीदत का माहौल रहा, जिसमें लोगों ने श्रद्धापूर्वक हिस्सा लिया। जनाबे कासिम, हजरत इमाम हसन के बेटे और इमाम हुसैन के भतीजे थे। कर्बला की घटना में उन्होंने कम उम्र में ही बहादुरी और कुर्बानी की मिसाल पेश की थी। मान्यताओं के अनुसार, उनकी शादी की बात चल रही थी, लेकिन वे दूल्हे के बजाय मैदान-ए-जंग में उतरे और हक की राह में शहीद हो गए। यह मेहंदी का जुलूस जनाबे कासिम की कुर्बानी और कर्बला के वाकये की याद दिलाता है। आयोजन के दौरान पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी। जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
श्रावस्ती में 7 मोहर्रम पर निकला मेहंदी का जुलूस:अकीदतमंदों ने कर्बला के शहीदों की याद में किया मातम
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