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शनिवार को बन रहा है गुरु और शनि का शुभ योग, आपकी राशि पर असर क्या? पढ़ें राशिफल

फाल्गुन अमावस्या के बाद मूलांक 3 वाले लोगों के लिए 21 फरवरी का दिन नए रास्ते खोलने जा रहा है। मीन राशि के चंद्रमा और बृहस्पति की ऊर्जा से आज का दिन बौद्धिक कार्यों और सकारात्मक बदलावों के लिए बेहद खास रहेगा। आज का दिन उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो अपनी रचनात्मकता और बुद्धिमानी से कुछ नया करना चाहते हैं।

शनिवार और मूलांक 3 का यह दुर्लभ संयोग न केवल आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा बल्कि पुराने रुके हुए कामों में भी गति लाएगा। आइए जानते हैं आपकी राशि के लिए आज का दिन क्या खास लेकर आया है।

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क्या करें और क्या न करें?

मेष राशि

आज किस्मत आपके साथ है। बिजनेस और नौकरी में अचानक कोई अच्छी खबर मिल सकती है।

क्या करें: खुद पर भरोसा रखें। परिवार को समय दें।

क्या न करें: किसी से झगड़ा न करें। पैसों का बड़ा जोखिम न लें।

वृषभ राशि

आर्थिक रूप से दिन मजबूत है। पुराने कर्ज से राहत मिल सकती है। रिश्तों में प्यार बढ़ेगा।

क्या करें: बजट बनाकर चलें। अपनी सेहत का ध्यान रखें।

क्या न करें: बिना बात के गुस्सा या बहस करने से बचें।

मिथुन राशि

आज आपकी बुद्धि का लोहा माना जाएगा, छात्रों को परीक्षा में सफलता मिलने के पूरे योग हैं।

क्या करें: लोगों से संपर्क बढ़ाएं। पढ़ाई पर पूरा ध्यान दें।

क्या न करें: अफवाहों पर यकीन न करें। किसी भी काम में जल्दबाजी न दिखाएं।

कर्क राशि

घर में शांति का माहौल रहेगा और माता-पिता का सहयोग मिलेगा। प्रॉपर्टी से जुड़े काम बन सकते हैं।

क्या करें: घर के जरूरी काम निपटाएं। मन को शांत रखें।

क्या न करें: बीती हुई बातों को दोबारा न उखाड़ें। तनाव से दूर रहें।

सिंह राशि

कार्यक्षेत्र में आपकी लीडरशिप की तारीफ होगी। सीनियर्स का पूरा सपोर्ट मिलेगा।

क्या करें: बड़े फैसले लेने के लिए सही समय है। एक्सरसाइज जरूर करें।

क्या न करें: घमंड करने से बचें साथ ही फालतू के खर्चों को कंट्रोल करें।

कन्या राशि

नौकरी में प्रमोशन या किसी बड़े इनाम की संभावना है, आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

क्या करें: अपनी मेहनत जारी रखें और छोटे-छोटे लक्ष्यों को पूरा करें।

क्या न करें: आलस को खुद पर हावी न होने दें और सेहत को नजरअंदाज न करें।

तुला राशि

शादीशुदा जिंदगी और लव लाइफ शानदार रहेगी। आज आपका मन आर्ट और म्यूजिक की ओर झुकेगा।

क्या करें: पार्टनर के साथ अच्छा समय बिताएं। अपनी हॉबी पर ध्यान दें।

क्या न करें: अपने साथी पर शक करने से बचें।

वृश्चिक राशि

आज आपको कोई गुप्त लाभ मिल सकता है। आप अपने विरोधियों पर भारी पड़ेंगे।

क्या करें: रिसर्च या छिपे हुए कामों को पूरा करें। मेडिटेशन करें।

क्या न करें: मन में नफरत या बदले की भावना बिल्कुल न रखें।

धनु राशि

लंबी यात्रा और धार्मिक कार्यों के लिए दिन बहुत शुभ है। किस्मत पूरी तरह आपके पक्ष में है।

क्या करें: नई चीजें सीखें। अपने गुरुओं या बड़ों का सम्मान करें।

क्या न करें: जोश में आकर नियमों को तोड़ने का प्रयास न करें।

मकर राशि

करियर में बड़ी छलांग लगाने का मौका मिलेगा। अधिकारियों से मदद मिलेगी। आर्थिक स्थिरता आएगी।

क्या करें: अनुशासन में रहें। अपने टारगेट पर फोकस करें।

क्या न करें: किसी भी काम में देरी न करें। निगेटिव विचारों से बचें।

कुंभ राशि

समाज में आपकी इज्जत बढ़ेगी और पुराने दोस्तों से मुलाकात या मदद मिल सकती है।

क्या करें: मिलजुल कर काम करें। सामाजिक सेवा में रुचि लें।

क्या न करें: अकेले कोई बड़ा फैसला न लें। दूसरों से जलन न करें।

मीन राशि

आज चंद्रमा आपकी ही राशि में हैं, जो आपके लिए सुख, समृद्धि और मान-सम्मान लेकर आए हैं।

क्या करें: दान-पुण्य और आध्यात्मिक काम करें।

क्या न करें: संकोच या आलस की वजह से आए हुए मौके को हाथ से न जाने दें।

डिस्क्लेमर: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत जानकारी के लिए ज्योतिषि से संपर्क करें।

कोलंबिया में वायुसेना का विमान टेकऑफ के दौरान हुआ दुर्घटनाग्रस्त, 125 लोग थे सवार

बोगोटा। दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां वायुसेना का एक शक्तिशाली लॉकहीड सी-130 हरक्यूलिस विमान टेकऑफ के दौरान भीषण हादसे का शिकार हो गया। यह दुर्घटना पुतुमायो के प्यूर्टो लेगुइज़ामो इलाके में हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उड़ान भरते समय विमान अचानक अनियंत्रित होकर गिर पड़ा और देखते ही देखते उसमें भीषण आग लग गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया।
कोलंबिया के रक्षा मंत्री पेड्रो सांचेज़ ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि विमान में बड़ी संख्या में सैन्य जवान सवार थे। प्रारंभिक सूचनाओं में भारी जनहानि की आशंका जताई गई थी, लेकिन राहत एवं बचाव कार्य के साथ स्थिति धीरे-धीरे स्पष्ट हो रही है। वायुसेना के कमांडर कार्लोस फर्नांडो सिल्वा ने एक आधिकारिक संदेश में जानकारी दी कि विमान में 11 चालक दल के सदस्यों सहित कुल 125 लोग सवार थे। गनीमत यह रही कि बचाव टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक कम से कम 48 लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाल लिया है, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। हादसे की भयावहता को देखते हुए पूरे इलाके को सील कर दिया गया है। सैन्य और नागरिक राहत टीमें मलबे में फंसे अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं। हालांकि, आग की लपटों ने शुरुआत में बचाव कार्य में काफी बाधा उत्पन्न की थी। विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारणों का अभी तक सटीक पता नहीं चल पाया है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी खराबी, मानवीय चूक या मौसम जैसे सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर एक उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। सरकार ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है। साथ ही, आम जनता से अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों और अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

‘सारे पोस्ट हटाएं…’, एपस्टीन केस में HC ने हरदीप पुरी की बेटी को दी राहत


दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की बेटी हिमायनी पुरी को बड़ी राहत दी है। राहत देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को सख्त निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने गूगल, यूट्यूब, मेटा (फेसबुक और इंस्टाग्राम), एक्स और लिंक्डइन को आदेश दिया है कि वे हिमायनी पुरी को अमेरिकी क्रिमिनल जेफरी एपस्टीन से जोड़ने वाले सभी अपमानजनक और गुमराह करने वाले कंटेंट को तुरंत हटा दें या ब्लॉक कर दें।

 

कोर्ट का यह फैसला हिमायनी पुरी के 10 करोड़ रुपये के मानहानि केस की सुनवाई के दौरान आया। जस्टिस मिनी पुष्कर्णा की अगुवाई वाली बेंच ने माना कि कंटेंट पहली नजर में मानहानि करने वाला है और इससे केस करने वाले की छवि को नुकसान हो रहा है। हिमायनी पुरी ने आरोप लगाया कि 22 फरवरी 2026 से सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ एक सिस्टमैटिक कैंपेन चलाया जा रहा है, जिसमें उन्हें एपस्टीन के नेटवर्क और क्रिमिनल एक्टिविटीज से गलत तरीके से जोड़ा जा रहा है।

 

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अदालत में हिमायनी पुरी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने तर्क दिया कि उनके मुवक्किल को केवल इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वह एक केंद्रीय कैबिनेट मंत्री की बेटी हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक द्वेष और निजी खुन्नस का मेल बताते हुए कहा कि यह सब किसी की कोरी कल्पना की उपज है। दलील दी गई कि पूर्व में भी राजनीतिक कारणों से मंत्री के परिवार के अन्य सदस्यों जैसे उनकी पत्नी को भी झूठे आरोपों में घसीटने की कोशिश की गई थी।

भारत में ब्लॉक होंगे पोस्ट

अदालत ने अपने आदेश में साफ किया है कि फिलहाल यह निर्देश भारतीय डोमेन के लिए प्रभावी होगा। इसका अर्थ यह है कि भारत के भीतर मौजूद आईपी एड्रेस से अपलोड किए गए वीडियो और पोस्ट को पूरी तरह हटाना होगा। वहीं, जो कंटेंट विदेश से अपलोड किया गया है उसे सोशल मीडिया कंपनियों को भारत में ब्लॉक करना होगा ताकि उसे यहां न देखा जा सके। हालांकि, याचिकाकर्ता ने पूरी दुनिया से कंटेंट हटाने की मांग की थी लेकिन कोर्ट ने कहा कि यह मामला अभी डिवीजन बेंच के पास लंबित है। इसलिए अभी इसे भारत तक सीमित रखा गया है।

 

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सुनवाई के दौरान मेटा के वकील ने कहा कि वे तकनीकी रूप से किसी कंटेंट को भारत में ब्लॉक करने में सक्षम हैं लेकिन वैश्विक स्तर पर हटाना उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर का मुद्दा है। दूसरी ओर हिमायनी पुरी के वकील का कहना है कि अगर कोई कंटेंट भारत में बैठकर अपलोड किया गया है तो उसे वैश्विक स्तर पर हटाने का आदेश दिया जा सकता है। अदालत ने अब इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 7 अगस्त 2026 की तारीख तय की है। तब तक सभी सोशल मीडिया कंपनियों को आदेश का पालन कर रिपोर्ट पेश करनी होगी।

डेस्क जॉब वाले हो जाएं सावधान, घंटों एक जगह बैठने से फैटी लिवर का खतरा बढ़ा

हमारे खान पान और लाइफस्टाइल का प्रभाव सेहत पर पड़ता है। खासतौर से जो लोग डेस्क वर्क करते हैं उनमें फैटी लिवर का खतरा बढ़ गया है। पहले यह बीमारी उम्र दराज और अधिक शराब पीने वाले लोगों को होती थी। अब 20, 30 और 40 साल की उम्र के लोगों में नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) की समस्या बढ़ रही है। इस स्थिति में व्यक्ति शराब नहीं पीता है, फिर भी लिवर में फैट जमा होता है। इसे अक्सर मेटाबोलिक डिसफंक्शन-एसोसिएटेड फैटी लिवर डिजीज (MASLD) भी कहा जाता है। यह बदलाव हमारे खान-पान और काम की वजह से हुआ है।

 

ऑफिस में लोग अक्सर घंटों एक जगह पर बैठे रहते हैं। काम की वजह से अधिक तनाव होता है और खाना नहीं खाते हैं। वे खाने की बजाय शुगर वाली ड्रिंक्स और प्रोसेस्ड चिप्स का सेवन करते हैं। इस आदत की वजह से लिवर के आसपास धीरे-धीरे फैट जमा होने लगता है। ऐसे में जो लोग शराब का सेवन नहीं कर रहे हैं उनमें भी फैटी लिवर की समस्या सामान्य होता जा रहा है। कई स्टडी में इस बात की पुष्टि हुई है।

 

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ऑफिस वर्कर में सामान्य हो रहा है फैटी लिवर

Scientific Reports के मुताबिक घंटों एक ही जगह पर बैठे रहने की वजह से MASLD का खतरा बढ़ गया है। शोध में खुलासा हुआ कि 84% लोग में फैटी लिवर की समस्या देखी गई। इसके अलावा इन लोगों में मोटापा, बेड कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ा हुआ है और नींद की कमी देखी गई। Clinical And Molecular Hepatology की शोध के मुताबिक दुनियाभर में NAFLD लगभग 3 में से 1 व्यक्ति को प्रभावित करता है और सेडेंटरी लाइफस्टाइल और मोटापे की वजह से यह समस्या लगातार बढ़ती ही जा रही है।

डेस्क वर्क में क्यों होती है दिक्कत?

घंटों बैठना- ऑफिस में व्यक्ति हर दिन 7 से 9 घंटे तक लगातार डेस्क पर बैठा रहता है। घंटों एक ही जगह बैठे रहने की वजह से मेटाबॉलिज्म धीमा होता है,  जिससे फैट जमा होता है और इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है। 

 

अनियमित खाना-  ज्यादातर लोग बिजी शेड्यूल की वजह से ब्रेकफास्ट नहीं करते हैं। डाइट में चीनी और कार्बोहाइड्रेट वाली चीजों का अधिक सेवन करते हैं। 

 

पर्याप्त नींद नहीं लेना- ऑफिस में कई बार काम बढ़ने की वजह से ज्यादा समय तक काम करना पड़ता है उसकी वजह से नींद पूरी नहीं होती है। ये चीजें आपके मेटाबॉलिज्म बैलेंस को बाधित कर सकते हैं और शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ाने का काम करता है। 

 

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फैटी लिवर के शुरुआती लक्षण

डॉक्टरों के मुताबिक फैटी लिवर एक साइलेंट किलर है जिसके शुरुआती लक्षण समझ में नहीं आते हैं। शुरुआत में थकान, खाने के बाद भारीपन महसूस होना, पेट में दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। शुरुआत में हम इन लक्षणों को इग्रोर कर देते हैं और बाद में सूजन, फाइब्रोसिस और लिवर संबंधी बीमारी हो सकती है। फैटी लिवर के कारण टाइप 2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज और किडनी संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

फैटी लिवर के जोखिम को कैसे करें कम?

  • काम से बीच-बीच में  5 से 10 मिनट के लिए वॉक पर जाएं।
  • संतुलित आहार का सेवन करें।
  • ब्लड शुगर टेस्ट और लिवर फंक्शन टेस्ट जरूर करवाएं।
  • तनाव को कम करने के लिए व्यायाम और योग करें।

रामनवमी पर बन रहा अद्भुत संयोग! इस पत्ते का भोग दिलाएगा तरक्की, फिर नहीं मिलेगा मौका

मर्यादा पुरुषोत्तम राम का जन्मोत्सव देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है. अयोध्या से लेकर काशी तक इस दिन देशभर के राम मंदिरों में आस्थावानों की भीड़ होती है. वैदिक हिन्दू पंचांग के अनुसार, चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को ‘रामनवमी’ का महापर्व मनाया जाता है. त्रेता युग में इस दिन ही अभिजीत मुहूर्त में कौशल्या के गर्भ से प्रभु श्री राम का जन्म हुआ था. इस बार राम नवमी के महापर्व पर ग्रह नक्षत्रों का अद्भुत संयोग भी बन रहा है, जो इस दिन को बेहद खास बनाता है. वैदिक पंचांग के मुताबिक, चैत्र शुक्ल नवमी तिथि की शुरुआत 26 मार्च को सुबह 11 बजकर 49 मिनट पर हो रही है, जो अगले दिन यानी 27 मार्च को सुबह 10 बजकर 07 मिनट तक रहेगा. ऐसे में उदयातिथि के अनुसार रामनवमी के महापर्व 27 मार्च को मनाया जाएगा. इस दिन पुनर्वसु और पुष्य नक्षत्र के साथ अतिगण्ड योग का महासंयोग बन रहा है. दोपहर में चंद्रमा कर्क राशि में प्रवेश कर रहे हैं.

40 मिनट का समय सबसे शुभ
बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी के ज्योतिष डिपार्टमेंट के प्रोफेसर पंडित सुभाष पांडेय बताते है कि 27 मार्च को अभिजीत मुहूर्त का समय दोपहर 12 बजकर 7 मिनट से 12 बजकर 47 मिनट तक है. इसी शुभ मुहूर्त में प्रभु श्रीराम का जन्म होगा और रामभक्त उनका जन्मोत्सव मनाएंगे. इस दिन कुछ आसान प्रयोग से मनुष्य अपने जीवन को खुशहाली से भर सकता है.

निगेटिव ऊर्जा समाप्त
इस दिन अखंड रामायण का पाठ करना बेहद शुभकारी माना जाता है. इससे घर की निगेटिव ऊर्जा समाप्त होती है. इस दिन हो सके तो ब्राह्मणों को श्रीरामचरितमानस की पुस्तक का दान भी करना चाहिए. इससे जीवन के अनजान संकट दूर होते हैं. रामनवमी के दिन तुलसी के माले का दान करना भी बेहद चमत्कारिक होता है. इससे माता लक्ष्मी की कृपा जातकों पर बरसती है और मनुष्य को धन, वैभव और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है. इस दिन रामभक्त हनुमान की पूजा से भी जीवन के सभी कष्ट और क्लेश दूर होते हैं. संकट मोचन हनुमान जी को तुलसी के पत्ते का भोग जरूर लगाएं. इससे शारीरिक कष्ट भी दूर होते हैं.

खाटू श्याम का लक्खी मेला शुरू, मान्यता से महत्व तक, पढ़ें हर सवाल का जवाब


राजस्थान के सीकर जिले में बाबा खाटूश्याम मंदिर है। जहां आज से लक्खी मेला शुरू हो रहा है। इस मेले में जाने के लिए लाखों लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। अब देश और दुनिया के लोग आज से मेले में शामिल हो सकते है। राजस्थान के इस मेले में कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक के लोग पहुंचते हैं।

लक्खी मेला खाटूश्याम मंदिर द्वारा आयोजित किया जा रहा है। मंदिर के समिति ने बताया कि यह मेला 28 फरवरी तक चलेगा। मतलब 8 दिन तक यह मेला चलेगा। मंदिर कमेटी ने अनुमान लगाया है कि इस बार मेले में करीब 35 लाख श्रद्धालु आएंगे। मंदिर कमेटी ने श्रद्धालुओं को सुरक्षित मेला और भगवान दर्शन की व्यवस्था की है।

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इस मेले में आने वाले लोगों की सुरक्षा का ध्यान हर वक्त पुलिस प्रशासन कर रही है। मेले में आने वाले लोगों के लिए पुलिस ने कुछ गाइडलाइन जारी किया है। साथ सीकर से मंदिर पैदल आने वाले भक्तों के लिए एक अलग कोरीडोर बनाया गया है, जिससे गाड़ी से आने वाले भक्त पैदल आएं। मेले में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर परिसर में 14 लाइनें बनाई गईं हैं। इस मेले की भव्यता को देखते हुए लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है। इस मेले की मान्यता क्या है, यह मेला हर साल फाल्गुन माह में ही क्यों लगाया जाता है? इन्हीं सवालों के जवाब जानिए इस रिर्पोट में-

लक्खी मेला की मान्यता क्या है?

लोगों की धार्मिक मान्यता के अनुसार बर्बरीक (बाबा खाटूश्याम ) जो घटोत्कच के बेटे और भीम के पोते थे। बर्बरीक ने अपनी मां से वादा किया था कि वह महाभारत युद्ध में हारने वालों का साथ देगे और हारने वाले को युद्द में जीताएगें। जिसके बाद भगवान बर्बरिक के सामने श्री कृष्ण भगवान एक साधु का रूप धारण आए। कृष्ण भगवान ने गुरू दक्षिणा के तौर पर बर्बरिक शीश मांगा जिसके बाद बर्बरिक को बिना किसी संकोच के अपना सिर श्री कृष्ण के चरणों सौप दी।


बर्बरिक भगवान की ईमादारी देख कृष्ण भगवान खुश हो गए। इसके बाद कृष्ण भगवान ने बर्बरिक भगवान को आर्शवाद दिया कि भगवान बर्बरिक को कलियुग में लोग पूजेंगे साथ ही उन्हें श्याम नाम से पूजा जाएगा। इसी वजह से आज भी ख्याटू श्याम भगवान को लोग श्रद्धा भाव से पूजते हैं। लोगों की मान्यता है कि ख्याटू श्याम भगवान हारे को सहारा देते है।

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यह मेला फाल्गुम माह में इसलिए मनाया जाता है। क्योंकि खाटूश्याम भगवान ने इसी माह में अपना शीश दान किया था। मध्यता है कि इस महिने में जो भी भक्त खाटूश्याम भगवान के दर्शन करते हैं, भगवान उनका मनोकामना जरूर पूरी करते हैं।

सुरक्षा के लिए इंतजाम

लक्खी मेले में लोगों की सुरक्षा के लिए 5000 पुलिस हर वक्त तैनात रह रहे हैं। जगह- जगह लोगों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरा लगया गया है। इस मेले में लाखों लोग आने वाले हैं, इसलिए भीड़ को नियंत्रण करने के लिए 14 लाइनें बनाईं गई हैं। इन लाइनों से गुजर कर लोग बाबा खाटूश्याम का दर्शन कर पाएगें। जानकारी के लिए बता दे कि इस मेले में लोगों बीआईपी दर्शन नहीं मिल पाएगी।

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जिला प्रशासन के गाइड लाइन

इस मेले में सुरक्षा बनाए रखने के लिए सीकर जिला प्रशासन ने कुछ जरूरी गाइड लाइन बनाए है। इन नियमों को सभी लोगों का मानना अनिवार्य है। लक्खी मेले में लोगों डिजे (DJ) बनाने पर प्रतिबंध लगाया है। ताकि मंदिर के आस- पास डिजे (DJ) का शोर न हो। मेले में इत्र और काटेदार गुलाब का फुल ले जाना भी प्रतिबंधित है।

कैसे पहुंचे मंदिर

राजस्थान का खाटू श्याम मंदिर सीकर में स्थित है। जहां जाने के लिए लोग ट्रेन, बस या प्लेन से जा सकते हैं। अगर आप प्लेन से जा रहे हैं तो अपने शहर से जयपुर जा सकते हैं। जयपुर से सीकर कुछ किलोमीटर दूर है तो आपको टैक्सी या बस लेनी होगी। तब आप खाटू श्याम मंदिर पहुंच जाएंगे।


अगर आप ट्रेन से खाटू श्याम मंदिर जा रहे हैं तो मंदिर के सबसे पास रिंगास जंक्शन स्टेशन पर उतर जाएं। इस स्टेशन से कुछ किलोमीटर की दूरी पर मंदिर है। जहां आप टैक्सी या बस में बैठकर जा सकते हैं।

दिल्ली करोल बाग में स्लीपर बस पलटी: 2 की मौत, 23 घायल

नई दिल्ली। करोल बाग इलाके में स्थित झंडेवालान मंदिर के पास मंगलवार तड़के एक स्लीपर टूरिस्ट बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 23 यात्री घायल हो गए। पुलिस और स्थानीय लोगों की त्वरित कार्रवाई से बस में फंसे यात्रियों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।

पुलिस के मुताबिक 25 मार्च 2026 को करीब 1:05 बजे पीसीआर कॉल के जरिए सूचना मिली कि करोल बाग के हनुमान मंदिर के पास एक स्लीपर बस पलट गई है और कई यात्री घायल हैं। यह बस टूरिस्ट स्लीपर बस थी, जो जयपुर से दिल्ली के फतेहपुरी, सदर बाजार की ओर जा रही थी। बस में हादसे के समय करीब 30 यात्री सवार थे।

लोगों की मदद से पुलिस ने शुरू किया रेस्क्यू
सूचना मिलते ही करोल बाग थाने की टीम मौके पर पहुंची। उस समय बस पलटी हुई थी और कई यात्री अंदर फंसे हुए मदद के लिए चिल्ला रहे थे। पुलिसकर्मियों ने तुरंत एक गुजर रही जेसीबी मशीन को रुकवाया और स्थानीय लोगों की मदद से बस को हल्का उठाकर सीमेंट के ब्लॉकों से सहारा दिया। इसके बाद राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया।

सबसे पहले करीब 10 गंभीर घायलों को एंबुलेंस की मदद से सर गंगाराम अस्पताल भेजा गया। बाद में अन्य पुलिस अधिकारियों और टीमों के पहुंचने के बाद बाकी यात्रियों को भी सुरक्षित बाहर निकाला गया।

आरएमएल में हुई दो यात्रियों की मौत
कुल 23 घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जिनमें से 12 को डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां दो पुरुषों की मौत हो गई। 10 को सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया और एक को लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज भेजा गया।

मृतकों में से एक की पहचान शहबाज आलम (30) के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के धामपुर गांव का रहने वाला था। दूसरे मृतक (लगभग 25–26 वर्ष) की पहचान अभी नहीं हो सकी है और पुलिस उसकी पहचान कराने की कोशिश कर रही है।

बस चालक पंकज कुमार (26) निवासी अलवर, राजस्थान भी घायल है और उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने चालक को हिरासत में ले लिया है। मामले की जांच की जा रही है

RSS और रॉ पर बैन लगे…, अमेरिकी आयोग ने ऐसी सिफारिश क्यों की है?


अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) ने अपनी 2026 की वार्षिक रिपोर्ट में भारत को उन देशों की सूची में रखा है, जहां ‘विशेष चिंता’ की जरूरत है। USCIRF ने अमेरिकी सरकार से सिफारिश की है कि भारत को ‘कंट्री ऑफ पर्टिकुलर कंसर्न’ की लिस्ट में रखा जाए। आसान भाषा में इसे ‘विशेष चिंता वाला देश’ कह सकते हैं।

USCIRF ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (R&W) पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है। अमेरिकी संस्था का दावा है कि भारत में धार्मिक आजादी खतरे में है, अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। आयोग का कहना है कि रॉ और RSS धार्मिक स्वतंत्रता के मामलों में भेदभावपूर्ण नीति अपनाते हैं।

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USCIRF का नया दावा क्या है?

USCIRF की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति 2025 में और बिगड़ी है, जिसमें धार्मिक अल्पसंख्यकों और उनके पूजा स्थलों को निशाना बनाया गया। रिपोर्ट में अमेरिकी सरकार से अपील की गई है कि वह भारत को हथियार न बेचे और ऐसी बिक्री को रोकने के लिए आर्म्स एक्सपोर्ट कंट्रोल एक्ट की धारा 6 लागू कर दे। सुरक्षा सहायता और द्विपक्षीय व्यापार नीतियों को धार्मिक स्वतंत्रता में सुधार से जोड़े।

USCIRF ने अमेरिकी संसद से ‘ट्रांजिशनल रिप्रेशन रिपोर्टिंग एक्ट 2024’ को फिर से पारित करने की मांग की थी। यह मांग की जा रही है कि अमेरिका में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ भारतीय सरकार की ओर से किए जा रहे दमन की सालाना रिपोर्ट भी दी जाए।

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भारत सरकार ने क्या कहा है?

भारत सरकार ने इस रिपोर्ट पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। बीते कुछ साल में USCIRF की रिपोर्टों को पूर्वाग्रह और राजनीति से प्रेरित बताया है। भारत ऐसे आरोपों को एक सिरे से खारिज करता रहा है।

USCIRF क्या चाहता है?

  • भारत को विशेष चिंता वाला देश माना जाए
  • RSS और R&W पर रोक लगे, संपत्ति जब्त हो
  • अमेरिका में संस्था से जुड़े लोगों पर प्रतिबंध लगे
  • हथियार बिक्री रोकने के लिए आर्म्स एक्सपोर्ट कंट्रोल एक्टर की धारा 6 लागू हो
  • सुरक्षा सहायता और व्यापार नीतियों को धार्मिक स्वतंत्रता से जोड़ा जाए
  • भारत में USCIRF और राज्य विभाग को जांच करने की इजाजत मिले

किस आधार पर USCRIF कह रहा है ऐसा?

USCIRF का इशारा वक्फ कानूनों की तरफ है। आयोग का कहना है कि साल 2025 में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति और खराब हुई, सरकार ने अल्पसंख्यक समुदायों और उनके पूजा स्थलों को निशाना बनाने वाली नई विधेयकों को लागू किया।

अमेरिका का कहना है कि धर्म परिवर्तन से जुड़े कानूनों को देश के कई राज्यों ने सख्त किया है, कड़ी जेल योजनाओं का खाका तैयार किया है। भारतीय अधिकारियों ने नागरिकों और धार्मिक शरणार्थियों को डिपोर्ट करने की आसान योजनाएं बनाई हैं। भारत ने अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों पर सही समय पर कार्रवाई नहीं की है।

USCIRF का कहना है कि महाराष्ट्र, ओडिशा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में सांप्रदायिक झड़पें हुईं, जिनमें RSS से जुड़े विश्व हिंदू परिषद जैसे समूहों को हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराया गया। वक्फ (संशोधन) अधिनियम और उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण अधिनियम जैसी विधेयकों की आलोचना की गई है।

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USCIRF पर लगते हैं दुष्प्रचार के आरोप

अमेरिका की यह संस्था, भारत के खिलाफ नफरती सोच से भरी है। ऐसे आरोप इस संस्था पर कई बार लगे हैं। साल 2025 में विदेश मंत्रालय ने USCIRF की रिपोर्ट को पूर्वाग्रही और राजनीतिक रूप से प्रेरित करार दिया था। मंत्रालय ने कहा था कि USCIRF अलग-थलग घटनाओं को गलत तरीके से पेश कर भारत की जीवंत विविधतापूर्ण संस्कृति का अपमान करती है। यह अमेरिका का सुनियोजित एजेंडा है। भारत सरकार ने कहा था कि भारत में डेढ़ अरब लोग रहते हैं, यहां हर धर्म के अनुयायी हैं। भारत सह अस्तित्व में भरोसा करता है। भारत ने कई बार USCIRF को वीजा देने से इनकार किया है। यह संस्था भारत के खिलाफ दुष्प्रचार करती है।

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USCIRF है क्या?

यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (USCIRF) की स्थापना साल 1998 में हुई थी। साल 1998 में ही अमेरिकी संसद ने इसे एक अधिनियम बनाकर स्थापित किया था। यह विदेश में धार्मिक स्वतंत्रता की जांच करने का दावा करती है। अमेरिकी राष्ट्रपति, विदेश मंत्री और संसद को यह सिफारिशें भेजती है। इस आयोग में 9 कमिश्नर होते हैं, जिनकी नियुक्ति राष्ट्रपति और अमेरिकी संसद के सीनियर नेता करते हैं।

गर्मी से राहत, किसानों के लिए आफत, बारिश, तेज आंधी और ओले, जानिए मौसम का हाल

देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। मार्च के महीने में ही कई राज्यों में लू चलने से लोग परेशान हो गए थे लेकिन अब बदलते मौसम के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तर, पूर्व और मध्य भारत के कई राज्यों में बारिश, तेज हवाएं, गरज-चमक और ओले गिरने की संभावना बनी हुई है। देशभर में पिछले 48 घंटों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है, जिससे अधिकांश राज्यों के न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। अगले 48 घंटों में भी मौसम इसी तरह रह सकता है।

दिल्ली-एनसीआर में पिछले 48 घंटों में बादलों की आवाजाही और हल्की बूंदाबांदी के बाद लोगों को गर्मी और प्रदूषण से राहत मिली है। न्यूनतम और अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है जिससे मौसम काफी सुहावना है। मौसम विभाग के अनुसार, आज भी दिल्ली में बादलों की आवाजाही जारी रहेगी। आज दिल्ली में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना बै। मौसम में इस बदलाव के कारण एयर क्वालिटी में सुधार देखने को मिल रहा है। सीपीसीबी के अनुसार, आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर कम होकर 100-150 के बीच रह सकता है।

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आज का मौसम

हिमाचल-कश्मीर में बारिश-बर्फबारी

मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी पश्चिम विक्षोभ के सक्रिय रहने की संभावना जताई है। जम्मू-कश्मीर में अगले कई दिनों तक बारिश और बर्फबारी का क्रम जारी रहेगा, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। यानी कश्मीर वालों को अभी कुछ दिन और ठंड का सामना करना होगा। हिमाचल प्रदेश के चंबा, मंडी, केलांग, कांगड़ा, कुल्लू, शिमला, हमीरपुर, सोलन, ऊना और सिरमौर समेत करीब 10 जिलों में आज मौसम खराब रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने इन जिलों में 40 से 50 किलोमीट प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल में बढ़ते तापमान से राहत जरूर मिलेगी और रात और सुबह के समय सर्दी बढ़ेगी।

यूपी-बिहार में कैसा रहेगा मौसम?

उत्तर भारत के अन्य राज्यों की तरह उत्तर प्रदेश में भी मौसम में बदलाव से गर्मी से राहत मिली है। हालांकि, तेज हवाओं और ओले गिरने से फसलों को नुकसान हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, आज पश्चिम विक्षोभ के सक्रिय होने का असर उत्तर प्रदेश में भी देखने को मिलेगा। आज भी उत्तर प्रदेश में आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है, जिसने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने कुछ जिलों में तो येलो अलर्ट भी जारी कर दिया है।

ओले

वहीं, बिहार की बात करें तो बिहार में भी मौसम ने करवट ली है। मौसम में बदलाव से गर्मी से राहत तो मिली है लेकिन ओले गिरने से फसलों के नुकसान की संभावना बनी हुई है। पटना, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, गया, औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल गोपालगंज, सिवान, सारण, वैशाली, ईस्ट चंपारण, वेस्ट चंपारण, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, दरभंगा, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, अररिया, सुपौल, किशनगंज, कटिहार, मधेपुरा, पूर्णिया, सहरसा, भागलपुर, खगड़िया, बांका, मुंगेर, बेगूसराय, लखीसराय, शेखपुरा, नवादा और जमुई में आंधी-बारिश और बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

इन राज्यों में भी होगी बारिश

मौसम विभाग ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और राजस्थान के लिए आने वाले कुछ दिनों के लिए हल्की बारिश की संभावना जताई है। उत्तराखंड में 19 और 20 मार्च को,हिमाचल प्रदेश में 18 और 19 मार्च को, पंजाब-हरियाणा, चंडीगढ़ और राजस्थान में 19 और 20 मार्च को कुछ स्थानों बारिश के साथ ओले गिरने की संभावना जताई है।

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अन्य राज्यों का मौसम

अन्य राज्यों की बात करें तो महाराष्ट्र ,गुजरात , कोंकण और गोवा के लिए हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया है। विदर्भ में और छत्तीसगढ़ में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। इन दोनों जगहों पर ओले गिरने की संभावना है। इसके अलावा दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में भी बारिश की संभावना जताई गई है। कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु में मौसम की गतिविधियां आज भी जारी रहेंगीं। वहीं, पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश होने की संभावना है।

क्या इस्लामाबाद में निकलेगा ईरान-अमेरिका युद्ध का समाधान! व्हाइट हाउस का बयान

वाशिंगटन। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रही जंग लगातार जारी है। इन सब के बीच हाल की कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि जंग रोकने को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हो सकती है। हालांकि इसकी पुष्टि करने से व्हाइट हाउस ने इनकार किया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट से संपर्क कर पूछा कि कुछ रिपोर्टों के मुताबिक क्या अमेरिका के शीर्ष अधिकारी इस्लामाबाद में ईरानी अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इस पर लेविट ने कहा कि ये संवेदनशील कूटनीतिक चर्चाएं हैं और अमेरिका प्रेस के जरिए बातचीत नहीं करेगा। यह एक बदलती हुई स्थिति है और मुलाकातों के बारे में लगाए जा रहे अंदाजों को तब तक अंतिम नहीं माना जाना चाहिए, जब तक कि व्हाइट हाउस द्वारा उनकी औपचारिक घोषणा न की जाए।
रिपोर्ट के मुताबिक लेविट की यह टिप्पणी कुछ प्रकाशनों में अधिकारियों के हवाले से उन खबरों के बाद आई, जिनमें कहा गया था कि पिछले महीने शुरू हुए ईरान-अमेरिका युद्ध को खत्म करने पर बातचीत इस्लामाबाद में हो सकती है। खबरों में एक पाकिस्तानी अधिकारी और एक दूसरे सूत्र का हवाला दिया, वहीं इजराइल ने चैनल का हवाला देते हुए एक इजराइली अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि ईरान और अमेरिका इस हफ्ते के आखिर में इस्लामाबाद में बातचीत के लिए मिल सकते हैं। उन्होंने बताया कि वैंस के अलावा, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर अमेरिका का प्रतिनिधित्व करेंगे और ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबफ तेहरान से आने वाले प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। खास बात यह है कि पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने सोमवार को कहा था कि उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से बात की और इस क्षेत्र में शांति लाने में इस्लामाबाद की मदद का वादा किया।
इस जंग के बीच सोमवार को समाधान की कुछ उम्मीद जगी जब ट्रंप ने दावा किया कि ईरान किसी समझौते के लिए उत्सुक है और कुशनर-विटकॉफ ने रविवार को एक ईरानी नेता के साथ बातचीत की थी। हालांकि ट्रंप ने उस नेता का नाम नहीं बताया, लेकिन ईरान के मोहम्मद बाघर गालिबफ ने बाद में ट्रंप के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कोई बातचीत नहीं हुई थी। ईरानी नेता ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि फेक न्यूज का इस्तेमाल वित्तीय और तेल बाजारों में हेरफेर करने और उस दलदल से निकलने के लिए किया जाता है, जिसमें अमेरिका और इजराइल फंसे हुए हैं।