HomeGadgetsक्या इस्लामाबाद में निकलेगा ईरान-अमेरिका युद्ध का समाधान! व्हाइट हाउस का बयान

क्या इस्लामाबाद में निकलेगा ईरान-अमेरिका युद्ध का समाधान! व्हाइट हाउस का बयान

वाशिंगटन। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रही जंग लगातार जारी है। इन सब के बीच हाल की कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि जंग रोकने को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हो सकती है। हालांकि इसकी पुष्टि करने से व्हाइट हाउस ने इनकार किया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट से संपर्क कर पूछा कि कुछ रिपोर्टों के मुताबिक क्या अमेरिका के शीर्ष अधिकारी इस्लामाबाद में ईरानी अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इस पर लेविट ने कहा कि ये संवेदनशील कूटनीतिक चर्चाएं हैं और अमेरिका प्रेस के जरिए बातचीत नहीं करेगा। यह एक बदलती हुई स्थिति है और मुलाकातों के बारे में लगाए जा रहे अंदाजों को तब तक अंतिम नहीं माना जाना चाहिए, जब तक कि व्हाइट हाउस द्वारा उनकी औपचारिक घोषणा न की जाए।
रिपोर्ट के मुताबिक लेविट की यह टिप्पणी कुछ प्रकाशनों में अधिकारियों के हवाले से उन खबरों के बाद आई, जिनमें कहा गया था कि पिछले महीने शुरू हुए ईरान-अमेरिका युद्ध को खत्म करने पर बातचीत इस्लामाबाद में हो सकती है। खबरों में एक पाकिस्तानी अधिकारी और एक दूसरे सूत्र का हवाला दिया, वहीं इजराइल ने चैनल का हवाला देते हुए एक इजराइली अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि ईरान और अमेरिका इस हफ्ते के आखिर में इस्लामाबाद में बातचीत के लिए मिल सकते हैं। उन्होंने बताया कि वैंस के अलावा, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर अमेरिका का प्रतिनिधित्व करेंगे और ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबफ तेहरान से आने वाले प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। खास बात यह है कि पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने सोमवार को कहा था कि उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से बात की और इस क्षेत्र में शांति लाने में इस्लामाबाद की मदद का वादा किया।
इस जंग के बीच सोमवार को समाधान की कुछ उम्मीद जगी जब ट्रंप ने दावा किया कि ईरान किसी समझौते के लिए उत्सुक है और कुशनर-विटकॉफ ने रविवार को एक ईरानी नेता के साथ बातचीत की थी। हालांकि ट्रंप ने उस नेता का नाम नहीं बताया, लेकिन ईरान के मोहम्मद बाघर गालिबफ ने बाद में ट्रंप के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कोई बातचीत नहीं हुई थी। ईरानी नेता ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि फेक न्यूज का इस्तेमाल वित्तीय और तेल बाजारों में हेरफेर करने और उस दलदल से निकलने के लिए किया जाता है, जिसमें अमेरिका और इजराइल फंसे हुए हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments