टोक्यो। एक ओर जहाँ पश्चिम एशिया में अमेरिका और इजरायल की ईरान के साथ जंग ने दुनिया को दहला रखा है, वहीं अब सुदूर पूर्व एशिया में भी एक नया और खतरनाक सैन्य मोर्चा खुलता नजर आ रहा है। जापान ने अपनी रक्षा नीति में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए आक्रामक अंदाज में लॉन्ग-रेंज मिसाइलों की तैनाती शुरू कर दी है, जिसका सीधा निशाना चीन का मुख्य भूभाग है। जापान के अपग्रेडेड टाइप-12 मिसाइल सिस्टम, जिनकी मारक क्षमता अब 1000 किलोमीटर तक बढ़ाई जा चुकी है, चीन के रणनीतिक ठिकानों तक वार करने में सक्षम हैं।
जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के हालिया संकेतों ने बीजिंग की चिंता बढ़ा दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि ताइवान के खिलाफ चीन की किसी भी सैन्य कार्रवाई का जवाब जापान सैन्य स्तर पर दे सकता है। जापान की नई योजना में राष्ट्रीय सुरक्षा नीति में संशोधन कर मानवरहित घातक हथियारों और लंबी दूरी की मिसाइलों के जरिए अपनी सैन्य शक्ति को कई गुना बढ़ाना शामिल है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जापान का यह कदम एशिया-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन को पूरी तरह बदल सकता है।
इन मिसाइलों की तैनाती कुमामोटो प्रान्त के कैंप केंगुन में की जा रही है, जहाँ भारी-भरकम मिसाइल लॉन्चर्स को आधी रात के अंधेरे में बेहद गोपनीय तरीके से पहुँचाया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह गुपचुप तरीके से की गई सैन्य गतिविधि कोई सामान्य प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक बड़ी रणनीतिक चेतावनी है। सरकार द्वारा पहले से कोई सूचना न दिए जाने के कारण स्थानीय स्तर पर विरोध भी शुरू हो गया है, लेकिन टोक्यो ने स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अब आक्रामक तैयारी ही एकमात्र विकल्प है।
कुमामोटो के गवर्नर ताकाशी किमुरा ने इस गोपनीयता पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें इस महत्वपूर्ण तैनाती के बारे में मीडिया रिपोर्टों से पता चला, जो निराशाजनक है। इसके जवाब में क्षेत्रीय रक्षा ब्यूरो ने घोषणा की है कि 31 मार्च को पूर्ण तैनाती से पहले स्थानीय प्रतिनिधियों को उपकरणों की प्रदर्शनी के लिए आमंत्रित किया जाएगा, हालांकि किसी सार्वजनिक चर्चा की योजना नहीं है। रक्षा मंत्रालय ने चीन के बढ़ते खतरे को देखते हुए इस तैनाती के कार्यक्रम को तय समय से एक साल पहले ही क्रियान्वित करने का फैसला लिया था। मित्सुबिशी हेवी इंडस्ट्रीज द्वारा विकसित यह टाइप-12 मिसाइल अपनी मूल 200 किलोमीटर की क्षमता से पांच गुना अधिक शक्तिशाली हो चुकी है। जापान द्वारा दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में यह सैन्य घेराबंदी ऐसे समय में की जा रही है जब ताइवान के आसपास चीन की गतिविधियां चरम पर हैं। जापान ने ओकिनावा, इशिगाकी और मियाको जैसे द्वीपों पर पहले ही पीएसी-3 इंटरसेप्टर तैनात कर दिए हैं और आने वाले वर्षों में योनागुनी द्वीप पर मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें तैनात करने की योजना है।
एशिया में नई जंग की आहट: जापान ने चीन की दहलीज तक तैनात कीं लंबी दूरी की मिसाइलें
श्रावस्ती में युवक को सांप ने डसा:चारा काटते समय काटा, हालत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती
श्रावस्ती जिले के इकौना थाना क्षेत्र के बलुहा गांव में सोमवार को पशुओं के लिए चारा काट रहे एक युवक को जहरीले सांप ने डस लिया। घटना के बाद युवक की हालत बिगड़ने पर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। बलुहा निवासी संदीप कुमार बाजपेई सोमवार को अपने घर के पास पशुओं के लिए चारा काट रहे थे। इसी दौरान अचानक एक जहरीले सांप ने उन्हें काट लिया। सांप के डसते ही संदीप की हालत तेजी से बिगड़ने लगी। परिजनों और आसपास मौजूद लोगों ने बिना देर किए उन्हें एक निजी वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इकौना पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा उनका उपचार शुरू कर दिया गया है।
कांग्रेस ने नक्सलवाद की बीमारी पैदा की, हमने उसका इलाज किया – श्रीकांत शिंदे
शिवसेना संसदीय दल के नेता डॉ. श्रीकांत शिंदे ने लोकसभा में नियम १९३ के अंतर्गत देश को वामपंथी उग्रवाद से मुक्त करने के प्रयासों पर चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नीतिगत कमजोरियों के कारण देश में नक्सलवाद बढ़ा, जिस पर अंकुश लगाने का काम वर्तमान सरकार ने किया है।(Congress created the disease of Naxalism we cured it says Srikant Shinde)
नक्सलवाद को रोकने में कांग्रेस सरकार नाकाम
श्रीकांत शिंदे ने कहा कि एक छोटे से गांव से शुरू हुआ नक्सलवाद पूरे देश में फैल गया और कांग्रेस सरकार उसे रोकने में नाकाम रही। शिवसेना की ओर से चर्चा की शुरुआत करते हुए उन्होंने सबसे पहले नक्सल हिंसा के सभी पीड़ितों को नमन किया तथा जवानों और पुलिसकर्मियों का आभार व्यक्त किया।
31 मार्च से पहले देश से नक्सलवाद समाप्त करने का प्रयास किया गया
श्रीकांत शिंदे ने इस दौरान देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के की प्रशंसा करते हुए कहा कि माननीय गृहमंत्री अमित शाह ने एक वर्ष पहले सदन में घोषणा की थी कि ३१ मार्च से पहले देश से नक्सलवाद समाप्त करने का प्रयास किया जाएगा, और उसी समयसीमा के भीतर माओवादी और नक्सलवाद को खत्म करने की दिशा में ठोस काम हुआ है। यह विपक्ष के लिए करारा जवाब है, जो कहते थे कि नक्सलवाद समाप्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने आगे कहा कि यदि कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में प्रभावी कदम उठाए होते, तो आज नक्सलवाद जैसी समस्या देश के सामने नहीं होती।
रेड कॉरिडोर को खत्म कर “ग्रोथ कॉरिडोर” में बदलने का काम
शिंदे ने बताया कि वर्ष १९६७ में पश्चिम बंगाल के छोटे से गांव नक्सलबाड़ी से शुरू हुआ यह आंदोलन धीरे-धीरे १२ राज्यों और २०० जिलों तक फैल गया। यदि समय पर कार्रवाई होती, तो इसे वहीं रोका जा सकता था। लेकिन सरकार के प्रति विश्वास की कमी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण गरीब और पिछड़े वर्ग के लोग हथियार उठाने को मजबूर हुए। उन्होंने कहा कि आज एक आदिवासी महिला देश के सर्वोच्च पद पर विराजमान है और वर्तमान सरकार ने आदिवासी व पिछड़े वर्ग का विश्वास जीता है। रेड कॉरिडोर को खत्म कर “ग्रोथ कॉरिडोर” में बदलने का काम किया गया है। श्रीकांत शिंदे ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सरकार मजबूत नहीं, बल्कि मजबूर थी। राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी और कमजोर नीतियों के कारण ४५ वर्षों में नक्सलवाद बढ़ता गया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष की कमजोरियों का फायदा पाकिस्तान ने उठाया। वर्ष २०१२ में पश्चिम बंगाल के डीजीपी स्तर की चर्चाओं में यह खुलासा हुआ था कि माओवादी तत्वों ने पाकिस्तानी आतंकी संगठनों, आईएसआई और सिमी के साथ गठजोड़ किया था। इस तरह देश को कमजोर करने की साजिश चल रही थी और कांग्रेस सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किया। श्रीकांत शिंदे ने कहा कि कांग्रेस की कमजोर इच्छाशक्ति के कारण निर्दोष नागरिकों और जवानों को अपनी जान गंवानी पड़ी, जबकि पिछले ११ वर्षों में वर्तमान सरकार ने इन समस्याओं का समाधान किया है।
कांग्रेस ने युवाओं को नक्सलवाद की ओर धकेला
उन्होंने बताया कि जहां कांग्रेस ने युवाओं को नक्सलवाद की ओर धकेला, वहीं वर्तमान सरकार ने गढ़चिरोली में ५ हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया। आज देशभर में १० हजार से अधिक नक्सलियों ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने का निर्णय लिया है।
साल २०२५ के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ३१७ नक्सली मारे गए, ८६२ गिरफ्तार हुए और १९०० ने आत्मसमर्पण किया।२०२४ – २५ के दौरान २८ बड़े नक्सली नेता मारे गए, जिनमें ६ सेंट्रल कमेटी के सदस्य शामिल थे। वर्ष २०२६ के पहले तीन महीनों में ही ६३० कैडर ने हिंसा का रास्ता छोड़ दिया है।
श्रीकांत शिंदे ने आगे कहा कि जब कुख्यात नक्सली माड़वी हिडमा को सुरक्षा बलों ने मार गिराया, तब कांग्रेस नेताओं ने उसे फर्जी मुठभेड़ बताया, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने महाराष्ट्र के गढ़चिरोली और नंदुरबार जिलों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष २००१४ से २०१९ के बीच राज्य में १५०० नक्सली हमले हुए, जिनमें ५३६ लोगों की जान गई। लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है।
उन्होंने कहा कि जो गढ़चिरोली कभी नक्सलवाद के लिए जाना जाता था, वह आज स्टील हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। २०१४ में जहां महाराष्ट्र में ५५० नक्सली कैडर सक्रिय थे, वहीं २०२६ में यह संख्या घटकर ५६ रह गई है। गढ़चिरोली और गोंदिया में अब केवल २४ सक्रिय नक्सली बचे हैं और हिंसा की दर भी न्यूनतम स्तर पर आ गई है। उन्होंने निष्कर्ष में कहा कि वर्तमान सरकार ने नक्सलवाद को खत्म कर विकास का नया रास्ता खोला है और देश को सुरक्षित व समृद्ध बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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बलरामपुर में विधवा का घर जलकर राख:हरैया सतघरवा के त्रिकौलिया गांव में रात 1 बजे लगी आग, लाखों के जेवर और अनाज खाक
बलरामपुर जिले के हरैया सतघरवा विकासखंड अंतर्गत त्रिकौलिया बलदेवनगर गांव में देर रात भीषण आग लग गई। अज्ञात कारणों से लगी इस आग में एक विधवा महिला सोनापति पासवान का घर और लाखों का सामान जलकर राख हो गया। यह घटना रात करीब 1 बजे हुई। आग से सोनापति के घर में रखा थ्रेसर, चार-पांच कुंतल अनाज, जेवरात, बर्तन और कपड़े पूरी तरह जल गए। घर के ऊपर लगा टीन शेड भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सोनापति के पति का लगभग तीन महीने पहले निधन हो गया था, जिससे अब उनके सामने अपने छोटे बच्चों के भरण-पोषण की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। पीड़िता के छह छोटे बच्चे हैं, जिनमें मनीष कुमार (16 वर्ष), नैना देवी (12 वर्ष), सरस्वती देवी (10 वर्ष), मनीषा देवी (8 वर्ष), पुनीत कुमार (6 वर्ष) और सत्यम कुमार (4 वर्ष) शामिल हैं। आग में बच्चों के पहनने के कपड़े और खाने-पीने का सामान भी जल गया, जिससे उनकी पढ़ाई और दैनिक जीवन पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है। दैनिक भास्कर ने इस संबंध में क्षेत्र के लेखपाल से संपर्क किया। लेखपाल ने बताया कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है और जल्द ही रिपोर्ट प्रशासन को भेजी जाएगी। इसका उद्देश्य पीड़ित परिवार को यथाशीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।
विशुनपुर मुस्तहकम स्कूल में वार्षिकोत्सव का आयोजन:मेधावी छात्र सम्मानित, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और विदाई समारोह
सिद्धार्थनगर जिले के खेसरहा विकास खंड स्थित कम्पोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय विशुनपुर मुस्तहकम में सोमवार को वार्षिकोत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम के लिए विद्यालय परिसर को सजाया गया था। कार्यक्रम का शुभारंभ छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना से हुआ। इसके बाद देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए गए। छात्र-छात्राओं ने विदाई गीत और दहेज प्रथा पर आधारित गीत भी प्रस्तुत किए, जिनके माध्यम से सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। दर्शकों ने इन प्रस्तुतियों की सराहना की।वार्षिकोत्सव के दौरान विद्यालय के मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं। इस अवसर पर कक्षा आठ उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को विदाई भी दी गई, जिससे शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच भावनात्मक क्षण उत्पन्न हुए। विद्यालय के प्रधानाध्यापक नीरज मिश्रा ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि विद्यालय में शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के नैतिक और सांस्कृतिक विकास पर भी जोर दिया जाता है। प्रधानाध्यापक ने अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा में सहयोग करने और उन्हें प्रोत्साहित करने की अपील की। इस कार्यक्रम में विकास चंद्र शुक्ल, निर्मल कुमार, हेमलता, सत्यपाल सिंह सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित थे। वार्षिकोत्सव का समापन राष्ट्रीय गीत के साथ हुआ।
गांधीनगर में PM मोदी ने किया सम्राट संप्रति संग्रहालय का उद्घाटन, जानें इसकी खासियत
Samrat Samprati Museum : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गांधीनगर में सम्राट संप्रति संग्रहालय का उद्घाटन किया। सम्राट अशोक के पोते और जैन परंपरा में अहिंसा के प्रति समर्पण और जैन धर्म के प्रचार के लिए जाने जाने वाले सम्राट सम्प्रति के नाम पर स्थापित यह संग्रहालय जैन धर्म की समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को प्रदर्शित करता है। महावीर जैन आराधना केंद्र परिसर में स्थित इस संग्रहालय में सात अलग-अलग भाग हैं। संग्रहालय में सदियों पुराने दुर्लभ अवशेष, जैन कलाकृतियां और पारंपरिक विरासत संग्रह संरक्षित और प्रदर्शित किए गए हैं।
संग्रहालय में 2000 से ज्यादा कलाकृतियां
इस संग्रहालय में 2000 से ज्यादा कलाकृतियां और पत्थर धातु की मूर्तियां हैं। संग्रहालय में जैन धर्म से जुड़ीं पांडुलिपियां और छोटे सिक्के सहेजकर रखे गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इस सभी दुर्लभ चीजों को ध्यान पूर्वक देखा और इनके बारे में जानकारी प्राप्त की। इस संग्रहालय को बनाने में तकनीक और ऑडियो-वीडियो टूल का भी इस्तेमाल किया गया है। संग्रहालय की दीवारों पर सुंदर धार्मिक चित्र और चिन्ह भी उकेरे गए हैं।
साणंद में सेमीकंडक्टर संयंत्र का करेंगे उद्घाटन
प्रधानमंत्री अपने एक दिन के गुजरात दौरे पर हैं। वह साणंद में एक सेमीकंडक्टर संयंत्र का उद्घाटन करेंगे और 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे, उद्घाटन करेंगे एवं राष्ट्र को समर्पित करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक बयान में कहा कि दोपहर 12.34 बजे, मोदी अहमदाबाद के साणंद स्थित केन्स सेमीकॉन प्लांट का उद्घाटन करेंगे, जो इस संयंत्र में वाणिज्यिक उत्पादन की शुरुआत का प्रतीक होगा और यह भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर होगा।
विकास की कई परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे PM
बयान में कहा गया है कि इसके बाद, प्रधानमंत्री वाव-थराड जाएंगे, जहां शाम लगभग 4 बजे प्रधानमंत्री मोदी 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, उनका उद्घाटन करेंगे और उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस अवसर पर वे एक सभा को संबोधित भी करेंगे। बयान में कहा गया है कि साणंद में सेमीकंडक्टर संयंत्र के उद्घाटन के साथ ही, संयंत्र में उन्नत इंटेलिजेंट पावर मॉड्यूल (आईपीएम) का वाणिज्यिक उत्पादन शुरू हो जाएगा। ये मॉड्यूल ऑटोमोटिव और औद्योगिक एक्लीकेशन के लिए महत्वपूर्ण घटक हैं।
उत्पादन क्षमता प्रतिदिन 63.3 लाख यूनिट होगी
बयान में कहा गया है कि प्रत्येक मॉड्यूल में 17 चिप शामिल हैं और इनकी आपूर्ति कैलिफोर्निया स्थित अल्फा एंड ओमेगा सेमीकंडक्टर (एओएस) को की जाएगी। बयान में कहा गया है कि संयंत्र के सभी चरण पूरे होने पर, इसकी उत्पादन क्षमता प्रतिदिन 63.3 लाख यूनिट होगी। बयान में कहा गया है कि इस संयंत्र का उद्घाटन इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण कदम है। बयान में कहा गया है कि माइक्रोन टेक्नोलॉजी के बाद, यह कार्यक्रम के तहत स्वीकृत परियोजनाओं में वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने वाला दूसरा सेमीकंडक्टर संयंत्र होगा।
नेपाल में बर्ड फ्लू का खतरा:महराजगंज प्रशासन अलर्ट, सीमावर्ती पोल्ट्री फार्मों पर सैंपलिंग के निर्देश
नेपाल के झापा, मोरंग और सुनसरी जिलों में बर्ड फ्लू के तेजी से फैलते मामलों को देखते हुए महराजगंज जनपद के नेपाल सीमा से सटे भारतीय इलाकों को अलर्ट पर रखा गया है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद, सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने नेपाल से मुर्गियों, अंडों और पक्षियों के दाने के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। जिले की चारों तहसीलों में रैपिड रिस्पांस टीमें तैनात की गई हैं, जो संदिग्ध मामलों पर तुरंत कार्रवाई करेंगी। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा के निर्देश पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के नेतृत्व में जनपद में बर्ड फ्लू से निपटने के लिए पुख्ता तैयारियां की गई हैं। इसी क्रम में, नेपाल सीमा से सटे नौतनवा इलाके के कैथवलिया स्थित हाईटेक लेयर पोल्ट्री फार्म पर पशु चिकित्सालय की एक टीम ने 28 मुर्गियों के रैंडम सैंपल लिए।
पोल्ट्री फार्म के संचालक को नियमित सैनिटाइजेशन और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के साथ-साथ उत्पादों के क्रय-विक्रय में अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने और रैंडम आधार पर सैंपलिंग अभियान तेज करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी तहसील स्तरीय पशु चिकित्सालयों में पीपीई किट की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को भी कहा है। उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी अशोक यादव ने बताया कि महराजगंज में बर्ड फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन नेपाल में मामले मिलने के कारण सभी पोल्ट्री फार्मों को सतर्क रहने को कहा गया है।
एकघरा में कूड़ा केंद्र बना उपले बनाने का ठिकाना:4.25 लाख की लागत पर सवाल, अधिकारियों ने जांच शुरू की
बहराइच जिले के शिवपुर ब्लॉक स्थित एकघरा ग्राम पंचायत में स्वच्छता योजना पर सवाल उठे हैं। गांव के कूड़े के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए 4 लाख 25 हजार रुपये की लागत से बनाया गया पृथक कूड़ा केंद्र बदहाल स्थिति में है। यह केंद्र अब अपने मूल उद्देश्य से भटककर उपले (कंडे) बनाने का ठिकाना बन गया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, केंद्र का संचालन निर्माण के बाद से ही सरकारी मानकों के अनुरूप नहीं हुआ। यहां न तो कूड़े के पृथक्करण की कोई व्यवस्था है और न ही नियमित साफ-सफाई होती है। केंद्र के अंदर फर्श और दीवारें भी क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इसके अतिरिक्त, केंद्र पर लगा मुख्य गेट भी गायब है, जिससे इसकी सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है और जिम्मेदार अधिकारियों ने समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सही तरीके से निगरानी की जाती, तो यह केंद्र गांव की स्वच्छता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता था। उन्होंने सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। इस मामले पर सहायक विकास अधिकारी पंचायत राजेंद्र प्रसाद ने संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि संबंधित जिम्मेदारों को नोटिस जारी कर दी गई है और जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। यह मामला फिलहाल प्रशासनिक जांच के दायरे में है। अब देखना होगा कि जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है और क्या यह केंद्र अपने वास्तविक उद्देश्य के अनुरूप फिर से संचालित हो पाएगा।
कोरोना के नए वेरिएंट Cicada को लेकर अमेरिका में अलर्ट! जानिए कितना खतरनाक?
कोरोनावायरस के कारण दुनियाभर में लाखों लोगों की मृत्यु हुई थी। जब भी लोगों को लगता है कि यह बीमारी खत्म होने वाली है तब नया वेरिएंट फैल जाता है। पिछले कुछ हफ्तों में कोरोना का नया सब वेरिएंट BA.3.2 तेजी से फैल रहा है। यह वेरिएंट अमेरिका, यूरोप समेत दुनिया के 23 देशों में पैर पसार चुका है। यह नया वेरिएंट ओमिक्रॉन का सब वेरिएंट है जिसे ‘सिकाडा’ नाम दिया गया है। इस वेरिएंट में 70 से 75 म्यूटेशन पाए गए हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, इतने ज्यादा म्यूटेशन होने की वजह से ये वेरिएंट वैक्सीन को चकमा दे सकता है।
US CDC की रिपोर्ट के मुताबिक SARS-CoV-2 का नया वेरिएंट BA.3.2 पहली बार 22 नवंबर 2024 को साउथ अफ्रीका में एक सांस के सैंपल में पाया गया था। 11 फरवरी 2026 तक यह वेरिएंट 23 देशों में पाया गया है। 25 सितंबर 2025 के बाद से इस वेरिएंट के मामले तेजी से बढ़ने लगे थे।
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अमेरिका में बढ़े मामले
CDC ने 19 मार्च को अपनी रिपोर्ट में बताया कि अमेरिका में यह वेरिएंट अलग-अलग जगहों पर मिला है। जैसे 4 यात्रियों के नाक के सैंपल में, 3 सैंपल हवाई जहाज के वेस्टवॉटर में, 5 मरीजों के क्लिनिक्ल सैंपल में और 25 राज्यों के 132 वेस्टवॉटर में इसका सैंपल पाया गया है।
क्या यह वायरस खतरनाक है?
इस समय BA.3.2 सिकाडा वेरिएंट खतरनाक है। अभी इसकी निगरानी की जा रही है। अभी तक जो भी मामले आए हैं उनमें इसके लक्षण बहुत हल्के दिखे हैं। BA.3.2 वेरिएंट जल्दी फैल सकता है या दोबारा संक्रमित कर सकता है। बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और जिन लोगों की इम्युनिटी कमजोर है उन्हें इस वायरस से सावधान रहने की जरूरत है।
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इसके लक्षण क्या है?
कोरोनावायरस के नए वेरिएंट BA.3.2 में खास बात यह है कि इसमें गले में तेज दर्द और खराश की दिक्कत हो सकती है। इसके अलावा नाक बहना, सूखी खांसी, बुखार, खकान, कमजोरी, शरीर में दर्द, स्वाद और गंद का कम हो जाना, सांस लेने में तकलीफ होना शामिल है। भारत में अभी तक इस नए वेरिएंट का एक भी केस नहीं पाया गया है। हालांकि इंटरनेशनल ट्रैवलिंग की वजह से यह वायरस आसानी से फैल सकता है।
US ने ईरान पर गिराया 1,000 kg का बंकर बस्टर बम, यहीं रखा है यूरेनियम!
अमेरिका ने मंगलवार को ईरान के इस्फहान में 2,000 पाउंड के बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल करके हमला किया है। यह वह इलाका है जहां, ईरान के हथियारों का ठिकाना है। अमेरिका ने यह हमला डोनाल्ड ट्रंप के हमला खत्म करने का इशारा देने के कुछ ही घंटों बाद किया है। इस हमले के बाद मिडिल ईस्ट में फिलहाल जंग रूकने के आसार कम लग रहे हैं।
वॉल स्ट्रीट जर्नल ने एक एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया है कि इस हमले में बड़ी संख्या में पेनेट्रेटर बमों का इस्तेमाल किया गया है। हमलों में निशाने पर ईरान के जमीन के अंदर बने हथियारों के जखीरे थे। दरअसल, इस्फहान ईरान का मिलिट्री हब है। ईरान के न्यूक्लियर इंफ्रास्ट्रक्चर भी यहीं से काफी करीब है।
ट्रंप ने शेयर की वीडियो
डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले की फुटेज ट्रुथ सोशल पर शेयर की है। वीडियो में देखा जा सकता है कि आसमान में कई धमाके हो रहे हैं। वीडियो में एक के बाद एक कई धमाके और उसके बाद तेज आग और धुएं का गुबार दिख रहा है। यह धमाके इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि इस्फहान में दूसरे धमाके साइट पर रखे हथियारों की वजह से हो सकते हैं।
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बता दें कि हाल के हफ्तों में इस्फहान की रणनीतिक अहमियत काफी बढ़ी है। माना जाता है कि इस्फहान में ही ईरान ने अपना यूरेनियम भंडार बना रखा है। एक अनुनाम के मुताबिक, ईरान के पास लगभग 540 किलो यूरेनियम है।
बंकर बस्टर बम क्या होते हैं?
बंकर-बस्टर बम खास हथियार होते हैं। यह जमीन के अंदर हमला करने के लिए बनाए गए हैं, जो फटने से पहले जमीन में छेद करते हैं। इनका इस्तेमाल आम तौर पर जमीन के नीचे बने मिलिट्री ठिकानों, मजबूत बंकरों और न्यूक्लियर जगहों पर किया जाता है।
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इस श्रेणी में सबसे ताकतवर बमों में से एक है मैसिव ऑर्डनेंस पेनेट्रेटर (MOP) है। इसे बोइंग ने बनाया है, जो 30,000 पाउंड का बम है। यह मजबूत स्टील केसिंग और सटीक GPS गाइडेंस के साथ डिजाइन किया गया हथियार है, जो फटने से पहले कंक्रीट और चट्टान की मजबूत परतों को भी भेद सकता है। यह बम जमीन के नीचे जोरदार धमाका करके टारगेट करता है।
हालांकि, इस्फहान में किए गए हमले में छोटे बंकर-बस्टर वेरिएंट के बमों का इस्तेमाल किया गया है।
नवी मुंबई से कोल्हापुर के लिए इंडिगो की फ्लाइट सर्विस शुरू
कोल्हापुर की हवाई सेवा को और बढ़ावा मिला है और धनंजय महादिक की कोशिशों से इंडिगो एयरलाइंस की नई फ़्लाइट सर्विस कोल्हापुर-नई मुंबई-कोल्हापुर रविवार से शुरू हो गई है।दिन में दो बार मिलने वाली इस सर्विस से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उड़ान योजना के तहत देश के शहरों को हवाई सेवा से जोड़ने की पहल में कोल्हापुर को भी शामिल किया गया है।(Kolhapur-Navi Mumbai IndiGo Flight Service Launched)
कोल्हापुर एयरपोर्ट का मॉडर्नाइज़ेशन और विस्तार
कोल्हापुर एयरपोर्ट का मॉडर्नाइज़ेशन और विस्तार लगातार चल रहा है। साथ ही, अलग-अलग शहरों से कनेक्टिविटी भी बढ़ रही है।इस नई फ़्लाइट सर्विस का उद्घाटन सांसद धनंजय महादिक ने किया। उन्होंने सुबह 9:30 बजे कोल्हापुर से मुंबई जाने वाले यात्रियों को शुभकामनाएँ दीं।
इंडिगो की फ़्लाइट हर दिन सुबह 8 बजे नवी मुंबई से निकलेगी और सुबह 9:15 बजे कोल्हापुर पहुँचेगी
इस उद्घाटन के मौके पर कोल्हापुर एयरपोर्ट के डायरेक्टर अनिल शिंदे, अधिकारी अनिल श्रीवास्तव, राजेश अहिरवार, बेनू नायक, अंकित व्यास, रविराज लमकाने, राजेश पेडनेकर और इंडिगो एयरलाइंस के अधिकारी मौजूद थे। इस सर्विस के तहत, इंडिगो की फ़्लाइट हर दिन सुबह 8 बजे नवी मुंबई से निकलेगी और सुबह 9:15 बजे कोल्हापुर पहुँचेगी।
फिर यह कोल्हापुर से सुबह 9:35 बजे नवी मुंबई के लिए निकलेगी और सुबह 10:25 बजे पहुँचेगी। नवी मुंबई से शाम 7:20 बजे निकलने वाली फ़्लाइट रात 8:30 बजे कोल्हापुर पहुँचेगी। यह रात 8:50 बजे वापसी की फ़्लाइट भी लेगी और सुबह 10:35 बजे नवी मुंबई पहुँचेगी।
पहले दिन 67 पैसेंजर कोल्हापुर पहुँचे, जबकि 65 पैसेंजर मुंबई के लिए रवाना हुए। इस नई सर्विस से मुंबई में काम पूरा करके सिर्फ़ एक घंटे में कोल्हापुर लौटना मुमकिन हो गया है, और पैसेंजर ने इस पर खुशी जताई है।
ईरान में तख्तापलट का ख्वाब देख रहे ट्रंप के खिलाफ ही लाखों लोग सड़कों पर उतरे
वाशिंगटन। ईरान में तख्तापलट और बगावत का ख्वाब देख रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपने ही देश में विरोध का सामना करना पड़ा रहा है। ‘नो किंग्स’ आंदोलन के तहत अमेरिका के 3,200 स्थानों पर 90 लाख लोग सड़कों पर उतर आए। तानाशाही रवैये और युद्ध नीतियों के खिलाफ भड़का यह आक्रोश अब ट्रंप की कुर्सी के लिए खतरा बन गया है। अमेरिका में ट्रंप की नीतियों के खिलाफ जन-आक्रोश की एक नई लहर देखने को मिली है। शनिवार को अमेरिका के सभी 50 राज्यों समेत दुनिया के कई प्रमुख शहरों में नो किंग्स विरोध प्रदर्शन हुए। आयोजकों का दावा है कि यह अमेरिकी इतिहास के सबसे बड़े विरोध प्रदर्शनों में से एक है।
इस बार के प्रदर्शनों के केंद्र में तीन मुख्य मुद्दे हैं- पिछले चार हफ्तों से ईरान के साथ चल रहे सैन्य संघर्ष और अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप का कड़ा विरोध। विशेष रूप से मिनेसोटा में संघीय एजेंटों द्वारा रेनी गुड और एलेक्स प्रेटी की मौत के बाद गुस्सा चरम पर है। वहीं प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ट्रंप प्रशासन निरंकुश तरीके से काम कर रहा है और संवैधानिक मर्यादाओं को चुनौती दे रहा है। यह आंदोलन केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहा। देशभर में 3,200 से ज्यादा कार्यक्रम आयोजित किए गए।
रिपोर्ट के मुताबिक न्यूयॉर्क में टाइम्स स्क्वायर पर हजारों की भीड़ ने लोकतंत्र बचाओ के नारे लगाए। वहीं मिनेसोटा में यह विरोध का प्रतीकात्मक केंद्र बना। यहां रॉक स्टार ब्रूस स्प्रिंगस्टीन ने गाना गाकर उन लोगों को श्रद्धांजलि दी जो अप्रवासन कार्रवाई में मारे गए थे। न्यूजर्सी में समृद्ध उपनगरीय इलाकों में भी ‘सॉकर मॉम्स’ और कामकाजी वर्ग सड़कों पर उतरा जो पारंपरिक रूप से राजनीति से दूर रहते थे। इस आंदोलन का नाम ही इसके उद्देश्य को स्पष्ट करता है कोई राजा नहीं। प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति ट्रंप की ‘कार्यकारी शक्तियों’ के बढ़ते उपयोग को राजशाही के समान मानते हैं। उनका तर्क है कि अमेरिका एक लोकतंत्र है जहां कानून सर्वोपरि है न कि कोई व्यक्ति।
रिपोर्ट के मुताबिक निश्चित रूप से यह प्रदर्शन आगामी मिड-टर्म चुनावों से पहले हो रहे हैं। न्यूजर्सी जैसे राज्यों में जहां रिपब्लिकन मजबूत थे अब मतदाता का डेमोक्रेटिक की तरफ झुकाव दिखा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि उपनगरीय क्षेत्रों में बढ़ता यह आक्रोश कांग्रेस पर रिपब्लिकन नियंत्रण को खत्म कर सकता है।
लंदन, पेरिस और रोम जैसे शहरों में भी ट्रंप विरोधी रैलियां निकाली गई। यह दर्शाता है कि अमेरिकी विदेश नीति खासकर ईरान युद्ध को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता और विरोध बढ़ रहा है। दुनिया भर के लोग दक्षिणपंथी राजनीति के बढ़ते प्रभाव के खिलाफ एकजुट हो रहे हैं। जहां एक ओर डेमोक्रेटिक सीनेटर बर्नी सैंडर्स और मिनेसोटा के गवर्नर टिम वाल्ज़ ने इन प्रदर्शनों को लोकतांत्रिक मूल्यों की जीत बताया, वहीं व्हाइट हाउस ने इसे राजनीति से प्रेरित करार दिया है। लॉस एंजिल्स जैसे कुछ स्थानों पर झड़पें भी हुईं जहां पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। कुल मिलाकर प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा।
विशाखापट्टनम में सनसनी: सैनिक पर गर्लफ्रेंड की हत्या का आरोप, शव ठिकाने लगाने की कोशिश
विशाखापट्टनम: आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर दिया है। यहां भारतीय नौसेना के एक टेक्नीशियन ने अपनी ही प्रेमिका की नृशंस हत्या कर दी। हत्या के बाद शव के तीन टुकड़े किए और उन्हें घर के अलग-अलग हिस्सों में छिपा दिया। आरोपी की पहचान 30 वर्षीय चिंतदा रविंद्र के रूप में हुई है। वह आईएनएस डेगा पर तैनात है। पिछले दो साल से गजुवाका इलाके में एक किराए के फ्लैट में रह रहा था। रविंद्र की 28 वर्षीय पोलिपल्ली मौनिका से मुलाकात साल 2021 में एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी। रविंद्र शादीशुदा है। उसकी पत्नी बच्चे पैदा होने के बाद अपने मायके गई थी। मौका देखकर उसने रविवार की दोपहर मौनिका को अपने फ्लैट पर बुलाया। उसके पहुंचने के कुछ देर बाद दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। आरोपी का दावा है कि मौनिका ने उससे 3.5 लाख रुपए लिए थे, उसने जब पैसे मांगे तो मौनिका उनके अवैध संबंध के बारे उसकी पत्नी को बताने की धमकी देने लगी। इसी विवाद में रविंद्र ने अपना आपा खो दिया। गुस्से में आकर उसने गला घोंटकर मौनिका की जान ले ली। जांच में सामने आया कि रविंद्र ने इस अपराध को छिपाने के लिए पहले से ही तैयारी शुरू कर दी थी। वो श्रीनगर के एक स्टोर में धारदार चाकू खरीदने गया था, लेकिन वहां नहीं मिलने पर उसने ऑनलाइन कटर और आरी ऑर्डर किए।
उस हथियार से उसने मौनिका के शव को तीन हिस्सों में काट दिया। कू्ररता की हद पार करते हुए उसने शव का एक हिस्सा फ्रिज के अंदर ठूंस दिया, जबकि दूसरा हिस्सा एक बोरी में भरकर बिस्तर के नीचे छिपा दिया। सिर और हाथों वाले तीसरे हिस्से को सुनसान इलाके में ले जाकर उसे जला दिया। जुर्म को छिपाने की तमाम कोशिशों के बावजूद रविंद्र का जमीर उसे कचोटने लगा, उसने अपने एक दोस्त को फोन किया और पूरी वारदात के बारे में बताया। दोस्त ने उसे भागने के बजाय पुलिस के पास जाने की सलाह दी। इसके बाद रविंद्र गाजुवाका पुलिस स्टेशन पहुंचा और अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस जब फ्लैट के अंदर दाखिल हुई, तो वहां का नजारा देख उनके होश उड़ गए। मौके से खून से सने हथियार और शव के अवशेष बरामद किए गए।
बीएसए ने मूडघाट विद्यालय में नई पुस्तकें बांटीं:वार्षिकोत्सव में बच्चों को मिलीं नई किताबें, दिखा उत्साह
बस्ती के पीएम श्री प्राथमिक विद्यालय मूडघाट में वार्षिकोत्सव, परीक्षाफल वितरण और प्रवेश उत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अनूप कुमार तिवारी ने बच्चों को नई पाठ्यपुस्तकें वितरित कीं। कार्यक्रम में जिला समन्वयक सुनील कुमार त्रिपाठी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ, जिसमें विद्यालय के बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस अवसर पर बीएसए ने बच्चों और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए परीक्षाफल के साथ-साथ नए शैक्षिक सत्र की पाठ्यपुस्तकें बांटीं। नई किताबें पाकर बच्चों में काफी उत्साह देखा गया। कक्षा 5 उत्तीर्ण करने वाले 37 छात्र-छात्राओं को उपहार देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक कक्षा में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले 15 मेधावी छात्रों को मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। विद्या ज्ञान एवं सर्वोदय विद्यालय के लिए चयनित विद्यार्थियों को भी विशेष सम्मान दिया गया। बीएसए ने “स्कूल चलो अभियान” के तहत नवीन शैक्षिक सत्र 2024-25 के लिए 30 नए बच्चों का नामांकन किया और उन्हें स्टेशनरी व पुस्तकें प्रदान कीं। उन्होंने विद्यालय में हुए नए कक्ष निर्माण की सराहना करते हुए भविष्य में विद्यालय को कक्षा 8 तक उच्चीकृत करने का आश्वासन भी दिया। जिला समन्वयक सुनील त्रिपाठी ने विद्यालय के प्रयासों की सराहना की। विद्यालय प्रबंध समिति की अध्यक्ष प्रमिला देवी ने इसे अन्य विद्यालयों के लिए प्रेरणास्रोत बताया, जबकि ग्राम प्रधान प्रतिनिधि परशुराम ने विद्यालय को ग्राम पंचायत का गौरव कहा। कार्यक्रम की शुरुआत में प्रधानाध्यापक डॉ. सर्वेष्ट मिश्र ने अतिथियों का स्वागत किया और विद्यालय की प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के संकल्प को दोहराया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ शिक्षिका आराधना श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर शिक्षकगण, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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