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नई पीढ़ी में बढ़ी पुरानी सोच? 31% Gen Z पुरुष चाहते हैं पत्नी माने पति की हर बात


जेनरेशन जेड यानी वे लोग जिनका जन्म 1997 से 2012 के बीच हुआ है। माना जाता है कि इस जेनरेशन की सोच-विचार बेबी बूमर जेनरेशन के विचारों से बिल्कुल विपरीत और प्रगतिशील होती है। एक सर्वे ने इस धारणा को एक सर्वे ने खारिज कर दिया है। सर्वे के अनुसार, जेनरेशन जेड के विचार बेबी बूमर पीढ़ी से भी पीछे हैं। बेबी बूमर जेनरेशन वह होती है जिनका जन्म 1946 से 1964 के बीच हुआ था। एक चौंकाने वाला सर्वे सामने आया है। सर्वे के मुताबिक, आज के जेनरेशन जेड के पुरुषों की सोच पुरानी पीढ़ी के से भी पीछे है। इस स्टडी में यह भी पता चला है कि जेनरेशन जेड के पुरुष इस जेनरेशन की महिलाओं से ज्यादा पुरानी सोच रखते हैं। जेनरेशन जेड के पुरुषों का महिलाओं की स्वतंत्रता लेकर, समानता और यौन संबंध को लेकर कई बड़ी बातें सामने आई हैं।

यह सर्वे 5 मार्च को सामने आया है। किंग्स कॉलेज लंदन और ग्लोबल इंस्टीट्यूट फॉर वीमेन लीडरशिप ने मिलकर एक स्टडी पेश की है। इस सर्वे में कुल 29 देशों के जेनरेशन जेड और बेबी बूमर जेनरेशन से सवाल पूछे गए हैं। सर्वे में 23,000 लोगों ने हिस्सा लिया है। इस सर्वे में भारत, ग्रेट ब्रिटेन, अमेरिका, ब्राजील और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश भी शामिल हैं। सर्वे में यह भी पता चला है कि जेनरेशन जेड के पुरुषों का एक तरफ मानना है कि पुरुषों की हर बात महिलाएं मानें, वहीं दूसरी तरफ जेनरेशन जेड के पुरुष यह भी सोच रखते हैं कि नौकरी करने वाली महिला ज्यादा आकर्षक होती हैं। अब सवाल उठता है कि किन-किन विषयों में जेनरेशन जेड के विचार बेबी बूमर के विचारों से पुराने हैं।

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क्या कहता है सर्वे?

इस सर्वे में पता चला है कि जेनरेशन जेड के 31 फीसदी पुरुषों का मानना है कि पत्नियों को अपने पति के हर फैसले को बिना सवाल उठाए मानना चाहिए। इसके बजाय बेबी बूमर्स जेनरेशन के सिर्फ 13 फीसदी पुरुषों का मानना है कि महिलाओं को पति की हर बात माननी चाहिए। इन आंकड़ों से साफ होता है कि जेनरेशन जेड के लोग पुरानी पीढ़ी वाली सोच आज भी रखते हैं। इसके अलावा कई मामलों में जेनरेशन जेड के विचार बेबी बूमर जेनरेशन के विचारों से ज्यादा पुराने हैं।

इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि जेनरेशन जेड की महिलाओं और पुरुषों के विचारों में कितना अंतर है। आज के दौर में पति-पत्नी के रिश्ते अक्सर टूट जाते हैं, उसकी एक वजह यह भी हो सकती है कि पुरुषों और महिलाओं के विचारों में मतभेद है। जैसे ज्यादातर जेनरेशन जेड के पुरुषों का मानना है कि महिलाओं को पति की बात माननी चाहिए।

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महिलाओं की स्वतंत्रता

सर्वे के अनुसार 24 प्रतिशत जेनरेशन जेड के पुरुषों का मानना है कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और स्वतंत्र नहीं होना चाहिए जबकि बेबी बूमर जेनरेशन के 12 प्रतिशत पुरुष इस बात से सहमत हैं। 15 फीसदी जेनरेशन जेड की महिलाओं को लगता है कि महिलाओं को स्वतंत्र नहीं होना चाहिए, वहीं बेबी बूमर जेनरेशन की 7 फीसदी महिलाएं इस बात से सहमत हैं।

पहले पहल किसे करना चाहिए


जेनरेशन जेड के 21 प्रतिशत पुरुषों को लगता है कि महिलाओं को यौन संबंध बनाने की पहल नहीं करनी चाहिए। वहीं बेबी बूमर जेनरेशन के 7 प्रतिशत पुरुष इस बात से सहमत हैं। जेनरेशन जेड की 12 प्रतिशत महिलाओं को लगता है कि महिलाओं को संबंध बनाने में पहल नहीं करनी चाहिए, जबकि बेबी बूमर जेनरेशन की 7 प्रतिशत महिलाएं इस बात से सहमत हैं।

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जेनरेशन जेड के विचारों में विरोधाभास


इस सर्वे में जेनरेशन जेड के विचारों में विरोधाभास देखने को मिला है। जहां एक तरफ जेनरेशन जेड के पुरुषों का कहना है कि महिलाओं को समानता मिलनी चाहिए, वहीं दूसरी तरफ उनका यह भी कहना है कि महिलाओं को अपने पतियों की बात माननी चाहिए और ज्यादा आत्मनिर्भर नहीं होना चाहिए।


जेनरेशन जेड के कई पुरुषों का मानना है कि महिलाएं ज्यादा आत्मनिर्भर नहीं होनी चाहिए, वहीं जेनरेशन जेड के 41 प्रतिशत पुरुषों का यह भी मानना है कि सफल करियर वाली महिला ज्यादा आकर्षक लगती है।

समानता के अधिकार में जेनरेशन जेड आगे

इस सर्वे के अनुसार 50 प्रतिशत जेनरेशन जेड के युवा ऐसे हैं जो मानते हैं कि महिलाओं को समानता मिलनी चाहिए। बेबी बूमर जेनरेशन के 45 प्रतिशत लोग इस बात से सहमत नजर आते हैं।


मर्द बनने का दबाव

इस सर्वे से पता चला है कि आज के जेनरेशन जेड के युवा न सिर्फ महिलाओं से उम्मीद रखते हैं बल्कि पुरुष समाज के लिए भी कुछ उम्मीदें रखते हैं। उनका मानना है कि एक पुरुष को मर्द बनकर रहना चाहिए। कुल 30 प्रतिशत पुरुषों का मानना है कि पुरुषों को अपने दोस्तों को ‘आई लव यू’ नहीं बोलना चाहिए। अब सवाल उठता है कि ऐसी क्या वजह है कि जेनरेशन जेड के पुरुषों की सोच बूमर जेनरेशन से भी पीछे है।

जेनरेशन जेड की सोच पीछे क्यों है?

कई जानकारों का मानना है कि जेनरेशन जेड ने बचपन से अपने घर में बड़े फैसले पुरुषों को लेते देखा है। इसलिए उन्हें सही लगता है कि घर में बड़े फैसले पुरुष ही लें। दूसरी वजह यह मानी जा रही है कि सोशल मीडिया से जेनरेशन जेड बेहद प्रभावित होते हैं। सोशल मीडिया पर टॉक्सिक मिसोजिनी को भी कुछ लोग सामान्य मानने लगे हैं। यही विचार जेनरेशन जेड अपना रहे हैं। इस वजह से उनकी सोच कई मामलों में पुरानी होती जा रही है।

वृश्चिक राशि में चंद्रमा, जानें किन राशियों को करियर में मिलेगा मौका


ज्योतिषीय दृष्टि से 9 मार्च यानी की सोमवार का दिन बहुत खास है। आज चंद्रमा वृश्चिक राशि में गोचर कर रहे हैं, जो हमें मानसिक गहराई और आंतरिक शक्ति का अहसास कराएगा। साथ ही आज का मूलांक 9 है, जिसका सीधा संबंध मंगल ग्रह से है। मंगल की यह ऊर्जा हमें कठिन निर्णय लेने और अपने लक्ष्यों की ओर निडर होकर बढ़ने की प्रेरणा देगी।

यह दिन उन लोगों के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद साबित होने वाला है जो किसी बड़े बदलाव की तलाश में हैं। अगर आप अपनी रणनीतियों पर काम करना चाहते हैं या कोई साहसी कदम उठाना चाहते हैं, तो ग्रहों की स्थिति आपके पक्ष में है। आइए जानते हैं आपकी राशि के लिए आज के सितारे क्या कहते हैं।

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सभी 12 राशियों का हाल

मेष राशि

आज भाग्य आपके साथ है और नए मौके खुद चलकर आएंगे।

क्या करें: जरूरी प्रोजेक्ट्स पर ध्यान दें और टीम का उत्साह बढ़ाएं।

क्या न करें: छोटी बातों पर गुस्सा करने और विवादों से बचें।

वृषभ राशि

आर्थिक रूप से आज का दिन मजबूती लेकर आएगा।

क्या करें: पैसों से जुड़ी प्लानिंग पूरी करें और परिवार को समय दें।

क्या न करें: फालतू खर्च और दूसरों पर पूरी तरह से भरोसा न करें।

मिथुन राशि

करियर में तरक्की और नए आइडियाज के लिए दिन शानदार है।

क्या करें: नेटवर्किंग बढ़ाएं और भविष्य की यात्रा की योजना बनाएं।

क्या न करें: सेहत को नजरअंदाज न करें और बहसबाजी से दूर रहें।

कर्क राशि

मानसिक शांति और पारिवारिक सुख में बढ़ोतरी होगी।

क्या करें: घर के कामों को समय दें और माता की सलाह जरूर लें।

क्या न करें: पुरानी कड़वी बातों को याद न करें और तनाव न लें।

सिंह राशि

आपका आत्मविश्वास बढ़ा रहेगा और नेतृत्व करने का मौका मिलेगा।

क्या करें: बड़े फैसले लें और अपनी रचनात्मकता का इस्तेमाल करें।

क्या न करें: खुद पर घमंड न करें और दूसरों की अनदेखी न करें।

कन्या राशि

रुके हुए कामों को पूरा करने और करियर में आगे बढ़ने का समय है।

क्या करें: बारीकियों पर ध्यान दें और अपनी सेहत का चेकअप कराएं।

क्या न करें: काम में बहुत ज्यादा देरी और नकारात्मक सोच से बचें।

तुला राशि

रिश्तों में मजबूती आएगी और पुराने विवाद सुलझ सकते हैं।

क्या करें: पार्टनरशिप के कामों पर जोर दें और सही फैसले लें।

क्या न करें: किसी भी तरह के झूठे वादे करने से बचें।

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वृश्चिक राशि

चूंकि चंद्रमा आपकी ही राशि में है, सफलता की संभावनाएं दोगुनी हैं।

क्या करें: पहेलियों को सुलझाएं और हिम्मत के साथ आगे बढ़ें।

क्या न करें: ईर्ष्या की भावना न रखें और स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

धनु राशि

धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और कोई शुभ समाचार मिल सकता है।

क्या करें: पढ़ाई-लिखाई पर ध्यान दें और बड़ों का सम्मान करें।

क्या न करें: जोश में आकर कोई बड़ा रिस्क या जोखिम न उठाएं।

मकर राशि

आपकी मेहनत का मीठा फल मिलने वाला है, पद-प्रतिष्ठा बढ़ेगी।

क्या करें: अपने काम के लक्ष्य तय करें और बड़ों से सलाह लें।

क्या न करें: आज के काम को कल पर न टालें।

कुंभ राशि

सामाजिक दायरा बढ़ेगा और धन लाभ के अचानक योग बनेंगे।

क्या करें: सोशल मीडिया पर एक्टिव रहें। नए विचार लागू करें।

क्या न करें: बेकार की जिद न करें। अकेलेपन से बचें।

मीन राशि

आज आपको मानसिक शांति मिलेगी और धन की स्थिति अच्छी रहेगी।

क्या करें: अपनी पसंद के क्रिएटिव काम करें और दान-पुण्य करें।

क्या न करें: ज्यादा भावुक होने से बचें और किसी को उधार न दें।

डिस्क्लेमर: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत जानकारी के लिए ज्योतिषि से संपर्क करें।

इजरायल पर ईरान का कहर, बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला, 100 से ज्यादा घायल


मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच ईरान ने शनिवार को इजरायल पर अब तक का सबसे घातक हमला किया है। इस हमले में 100 से ज्यादा इजरायली घायल हो गए हैं। ईरान ने इजरायल के दक्षिणी शहर डिमोना में मिसाइलों की बारिश करदी। ईरान ने जिस जगह पर हमला किया इसी जगह पर इजरायल की परमाणु साइट मौजूद हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि ईरान का यह हमला सीधे इजरायल की मुख्य परमाणु फैसिलिटी पर हमला है।

ईरान के सरकारी टीवी ने इजरायल पर किए गए हमले को ईरान के नतांज न्यूक्लियर एनरिचमेंट कॉम्प्लेक्स पर दिन में हुए हमले का जवाब बताया। इजरायल की इमरजेंसी सेवाओं के मुताबिक, देश के अराद इलाके में कम से कम 88 लोग घायल हुए, जिनमें 10 की हालत गंभीर है। साथ ही शहर के बीच में बहुत ज्यादा नुकसान होने की खबर है।

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डिमोना में 39 लोग घायल

वहीं, डिमोना में 39 लोग घायल हुए हैं। यहां कई रिहायशी इमारतें तबाह हो गईं। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमलों पर बात करते हुए इसे इजरायल के लिए एक बड़ा हमला बताया। उन्होंने ईरान पर हमला जारी रखने की कसम खाई।

एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिवेट, कोई फायदा नहीं

इजरायली सेना के मुताबिक हमलों के दौरान इजरायल के एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिवेट हो गए थे, लेकिन कुछ मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने में नाकाम रहे। उन्होंने कहा, ‘डिमोना और अराद दोनों शहरों में इंटरसेप्टर लॉन्च किए गए जो खतरों को हिट करने में नाकाम रहे, जिसके परिणामस्वरूप सैकड़ों किलोग्राम वजन वाले वॉरहेड वाली बैलिस्टिक मिसाइलों ने सीधे हिट किया।’

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IAEA ने क्या कहा?

इस बीच इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) ने कहा कि उसे डिमोना में शिमोन पेरेस नेगेव न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर को नुकसान का कोई संकेत नहीं मिला है। साथ ही इलाके में कोई असामान्य रेडिएशन स्तर नहीं मिला है। IAEA ने कहा कि वह स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है। एजेंसी ने दोनों देशों से आग्रह किया कि न्यूक्लियर फैसिलिटीज के आस-पास ज्यादा से ज्यादा मिलिट्री कंट्रोल रखा जाना चाहिए।

ईरानी सरकारी मीडिया के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 28 फरवरी से अमेरिका-इजराइली हमलों में 1,500 से अधिक लोग मारे गए हैं, जिनमें 200 से ज्यादा बच्चे शामिल हैं।

जानवर, सोना-चांदी दे रहे दान, ईरान की मदद को आगे आए कश्मीरी


ईरान में अमेरिका और इजरायल मिलकर हमला कर रहे हैं, जिसमें अरबों डॉलर के आर्थिक नुकसान के साथ में सैकड़ों लोगों की जान चली गई है। इसके साथ में ही शिया मुस्लिम बाहुल्य ईरान को कई ऐसे घाव मिले हैं, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। जब 28 फरवरी को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हमले में मौत हुई थी, तो उस समय भारत के कई हिस्सों के साथ में जम्मू-कश्मीर में भी प्रदर्शन हुए।

अब युद्ध के 24वें दिन में प्रवेश करने के साथ ही भारत में ईरान के लिए लोग मदद के लिए सामने आ रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में दर्जनों लोग ईरान की मदद के लिए आगे आए हैं। बड़गाम में लोगों ने अपने सोने-चांदी के जेवर और बर्तन दान किए हैं। इसके साथ ही ईरान की मदद के लिए लोग अपने 1-1 महीने का वेतन भी दान कर रहे हैं।

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जानवर भी दान किए

अधिकारियों ने कहा कि डोनेशन में पुरुषों, महिलाओं और बच्चों समेत हर तरह के लोगों ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि खासकर महिलाओं ने आगे आकर सोने के गहने, तांबे के बर्तन और घर का दूसरा कीमती सामान दान करके दिल खोलकर योगदान दिया है। कुछ परिवारों ने जानवर भी दान किए हैं।

शिया-बहुल इलाकों से मिली मदद

भारत में लोगों द्वारा ईरान के लिए की जा रही मदद को लेकर खुद ईरान के राजदूत ने आधिकारिक तौर पर शुक्रिया किया है। इस मदद के लिए शुक्रिया अदा करते हुए ईरानी दूतावास ने X पर एक पोस्ट में कहा कि इस नेकी के काम को ‘कभी नहीं भुलाया जाएगा’। दरअसल, ईद के एक दिन बाद घाटी के शिया-बहुल इलाकों में रविवार को युवाओं ने घर-घर जाकर ईरान में पश्चिम में चल रहे युद्ध से प्रभावित लोगों के लिए डोनेशन इकट्ठा किया।

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ईरानी एंबेसी ने क्या कहा?

डोनेशन की तस्वीरें शेयर करते हुए, ईरान के दूतावास ने X पर एक पोस्ट में कहा, ‘पूरे दिल से शुक्रगुजार होकर हम कश्मीर के दयालु लोगों को उनके मानवीय सहायता और दिल से एकता के जरिए ईरान के लोगों के साथ खड़े होने के लिए दिल से धन्यवाद देते हैं। इस दयालुता को कभी नहीं भुलाया जाएगा। हम आपकी दयालुता और इंसानियत को कभी नहीं भूलेंगे। धन्यवाद, इंडिया।’

छोटी-छोटी गलतियां आपको बना रही हैं एनीमिया का शिकार, समझें क्या हैं कारण


आजकल खराब खान-पान की वजह से इंसान के शरीर को बहुत नुकसान होता है। कई बार महिलाओं को चक्कर, जल्दी थकावट और कमजोरी महसूस होती है। इन लक्षणों को हम अक्सर अनदेखा कर देते हैं, जो आगे चलकर बड़ी समस्या बन सकते हैं क्योंकि ये लक्षण आम नहीं बल्कि एक बड़ी बीमारी के संकेत हैं। इस बीमारी का नाम है एनीमिया, जिससे न सिर्फ महिलाओं का बल्कि उनसे जन्म लेने वाले बच्चों का भी भारी नुकसान हो सकता है।


आजकल कई लोग पोषण युक्त खाने की बजाय जंक फूड खाना पसंद करते हैं। जिस वजह से व्यक्ति के शरीर में विटामिन बी और आयरन की कमी हो जाती है। इसके कारण खून में रेड ब्लड सेल्स कम हो जाते हैं यानी खून में हीमोग्लोबिन की कमी हो जाती है। इससे शरीर के अलग-अलग हिस्सों में ऑक्सीजन पहुंचना कम हो जाता है। जिस वजह से लोगों को जल्दी थकावट होने लगती है। एनीमिया पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को ज्यादा होता है। इस वक्त भारत में कई महिलाएं एनीमिया का शिकार होती जा रही हैं। एनीमिया से ग्रसित महिलाओं के आंकड़े चौंकाने वाले हैं।

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नेशनल फैमिली हेल्थ का एक सर्वे आया है। इस सर्वे के अनुसार भारत की कई महिलाएं एनीमिया की समस्या से जूझ रही हैं। आंकड़ों के मुताबिक, बंगाल में 71.8 प्रतिशत, छत्तीसगढ़ में 60.8 प्रतिशत, पंजाब में 58.7 प्रतिशत, तेलंगाना में 57.6 प्रतिशत और राजस्थान में 54.4 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया का शिकार बन चुकी हैं। इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि भारत में एनीमिया एक बड़ी चुनौती बन गई है। अब सवाल उठता है कि एनीमिया से कैसे बचा जाए, एनीमिया के लक्षण क्या हैं और एनीमिया महिलाओं को पुरुषों की तुलना में ज्यादा क्यों होता है।

क्या है एनीमिया?


एनीमिया एक ऐसी स्थिति है जब व्यक्ति के शरीर में रेड ब्लड सेल्स की संख्या यानी हीमोग्लोबिन कम हो जाता है। हीमोग्लोबिन एक प्रकार का प्रोटीन है जो पूरे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है। जब हीमोग्लोबिन शरीर में कम हो जाता है तो लोगों को जल्दी थकावट और कमजोरी महसूस होने लगती है, क्योंकि शरीर के हर हिस्से में ऑक्सीजन सही तरीके से नहीं पहुंच पाती है।

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एनीमिया के लक्षण

एनीमिया के शुरुआती लक्षण बेहद आम होते हैं, जिन्हें अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। इसी वजह से लोगों को लंबे समय बाद पता चलता है कि उन्हें एनीमिया है।


थकावट – व्यक्ति को हर समय थकावट महसूस होने लगती है। आराम करने के बावजूद थकावट कम नहीं होती।


कमजोर बाल और नाखून – एनीमिया की वजह से व्यक्ति के बाल और नाखून कमजोर हो जाते हैं। इसी वजह से बाल झड़ने लगते हैं।


चक्कर आना और सिर दर्द – लो हीमोग्लोबिन के कारण व्यक्ति के दिमाग तक ऑक्सीजन सही से नहीं पहुंच पाती, जिससे चक्कर और सिर दर्द होने लगता है।


त्वचा का रंग पीला होना – एनीमिया होने के कारण व्यक्ति की त्वचा का रंग पीला पड़ जाता है। अगर ये सभी लक्षण किसी व्यक्ति के शरीर में दिखाई दें तो उसे तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। अब सवाल उठता है कि ज्यादातर महिलाओं को एनीमिया क्यों होता है।

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महिलाओं को क्यों होता है एनीमिया?


मासिक धर्म (Periods) – हर महिला को हर महीने मासिक धर्म आता है। जिसमें खून बहने की वजह से शरीर में आयरन की कमी हो जाती है। इससे एनीमिया हो सकता है। इसलिए महिलाओं को ज्यादा मात्रा में आयरन युक्त आहार खाना चाहिए ताकि एनीमिया से बचा जा सके।


खान-पान की कमी – अक्सर महिलाएं पोषण से भरपूर खाना नहीं खाती हैं जबकि महिलाओं को संतुलित मात्रा में आहार खाना चाहिए, जिसमें उचित मात्रा में प्रोटीन, विटामिन और कार्बोहाइड्रेट हो, ताकि उनके शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी न हो।


प्रेग्नेंसी – इस अवस्था में मां के शरीर में आयरन की ज्यादा जरूरत होती है। मां के शरीर में एक शिशु भी पल रहा होता है।

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एनीमिया से बचने के उपाय

एनीमिया से बचने के लिए व्यक्ति को अपने खानपान में सुधार लाना होगा। उसे ऐसा भोजन खाना चाहिए जो न सिर्फ स्वाद में अच्छा हो बल्कि पोषण से भरपूर भी हो। इसके लिए हमें हरी सब्जियां, दालें, चुकंदर, खजूर, गुड़, नींबू और संतरा खाना चाहिए, जिससे शरीर में खून की कमी न हो।

सूर्य की उर्जा और मंगल का साहस, जानें आपकी राशि का हाल


ज्योतिषीय दृष्टि से 10 मार्च का दिन कई लोगों के लिए किस्मत में बदलाव की शुरूआत करने वाला हो सकता है। एक तरफ चंद्रमा वृश्चिक राशि में गोचर कर रहे हैं, जो हमारी इच्छाशक्ति और भावनाओं को गहराई प्रदान करेंगे, वहीं दूसरी तरफ आज का मूलांक 1 है। मूलांक 1 का स्वामी सूर्य है, जो सफलता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक माना जाता है।

अंक ज्योतिष और ग्रहों की यह स्थिति आज साहसी फैसलों और बड़े बदलावों के लिए एकदम सटीक है। अगर आप किसी नई योजना पर काम शुरू करना चाहते हैं या करियर में कोई बड़ा जोखिम लेने की सोच रहे हैं, तो आज का दिन आपको जबरदस्त सफलता दिला सकता है।

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क्या कहते हैं आपके सितारे?

मेष राशि

आज भाग्य आपके साथ है। करियर में तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे और निवेश से लाभ होगा।

क्या करें: महत्वपूर्ण निर्णय लें और अपनी टीम के साथ मिलकर काम करें।

क्या न करें: जल्दबाजी में कोई काम न करें और विवादों से दूर रहें।

वृषभ राशि

आर्थिक मोर्चे पर मजबूती आएगी और परिवार में खुशहाली रहेगी। मानसिक शांति महसूस करेंगे।

क्या करें: पुरानी योजनाओं को पूरा करें और दान-पुण्य में मन लगाएं।

क्या न करें: किसी को पैसा उधार न दें और साथ ही किसी भी फालतू खर्च से बचें।

मिथुन राशि

अपनी सूझबूझ से आप बड़ी चुनौतियों को भी आसानी से पार कर लेंगे। नौकरी में अच्छी खबर मिल सकती है।

क्या करें: अपनी बात सटीकता से रखें और कुछ नया सीखने की कोशिश करें।

क्या न करें: सुनी-सुनाई बातों पर भरोसा न करें।

कर्क राशि

आज का दिन पारिवारिक सुख-सुविधाओं पर केंद्रित रहेगा। मां का सहयोग और आशीर्वाद प्राप्त होगा।

क्या करें: घर के रुके हुए काम निपटाएं और थोड़ा समय पूजा-पाठ में बिताएं।

क्या न करें: पुरानी नेगेटिव यादों को खुद पर हावी न होने दें।

सिंह राशि

आपका आत्मविश्वास बढ़ा रहेगा और समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। रचनात्मक कार्यों में मन लगेगा।

क्या करें: बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू करें और लोगों से मेल-जोल बढ़ाएं।

क्या न करें: व्यवहार में अहंकार न आने दें और सेहत का ध्यान रखें।

कन्या राशि

कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी और सेहत में भी सुधार देखने को मिलेगा।

क्या करें: काम को व्यवस्थित ढंग से करें और अपनी रूटीन जांच करवाएं।

क्या न करें: दूसरों की आलोचना करने से बचें।

तुला राशि

रिश्तों और साझेदारी के लिए दिन बेहतरीन है। कला और सौंदर्य के क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ होगा।

क्या करें: आपसी तालमेल बनाए रखें और जरूरी फैसले लेने में देरी न करें।

क्या न करें: किसी भी तरह के झगड़े या बहस में न पड़ें।

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वृश्चिक राशि

चंद्रमा आपकी ही राशि में है, जिससे आपकी आंतरिक शक्ति बढ़ेगी। निवेश के लिए समय अच्छा है।

क्या करें: आत्म-मंथन करें और अपनी आर्थिक योजनाओं को पुख्ता करें।

क्या न करें: अपनी गोपनीय बातें किसी से साझा न करें।

धनु राशि

धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और लंबी दूरी की यात्रा के योग बन रहे हैं। भाग्य का पूरा साथ मिलेगा।

क्या करें: ज्ञान बढ़ाने वाली किताबें पढ़ें और भविष्य की योजनाएं बनाएं।

क्या न करें: जोखिम भरे कामों से बचें और पैसों के मामले में सतर्क रहें।

मकर राशि

करियर में स्थिरता आएगी और सीनियर्स का सहयोग मिलेगा। अनुशासन से काम बनेंगे।

क्या करें: लंबी अवधि के लक्ष्यों पर ध्यान दें और बड़ों का सम्मान करें।

क्या न करें: काम में लापरवाही बिल्कुल न बरतें।

कुम्भ राशि

नए विचार आपके करियर को नई दिशा देंगे। सामाजिक दायरे में बढ़ोतरी होगी।

क्या करें: दोस्तों से सलाह लें और तकनीक का सही इस्तेमाल करें।

क्या न करें: कोई भी बड़ा फैसला अकेले लेने की जिद न करें।

मीन राशि

आध्यात्मिक शांति मिलेगी और धन लाभ की पूरी संभावना है। मन शांत रहेगा।

क्या करें: योग-ध्यान करें और दूसरों की मदद के लिए तैयार रहें।

क्या न करें: किसी भी तरह के भ्रम या कन्फ्यूजन में रहने से बचें।

डिस्क्लेमर: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत जानकारी के लिए ज्योतिषि से संपर्क करें।

ईरान की तबाही, इजरायल-अमेरिका विलेन, UN के चार्टर का होगा क्या?


अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान अपने उन संस्थानों को खो रहा है, जिन पर उसकी अर्थव्यवस्था टिकी है। न्यूक्लियर प्लांट हो, गैस प्लांट हो या पेट्रोलियम प्लांट, हर जगह इजरायल और अमेरिकी हमलों में भीषण तबाही मची है। ईरान को इतना धक्का लग चुका है कि उससे उबरने में कई साल लग सकते हैं। अब एक बार फिर डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के पेट्रोलियम ठिकानों को तबाह करने की धमकी दी है।

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह से और बिना किसी खतरे के खोलने के लिए 48 घंटे की समयसीमा दी है। उन्होंने कहा है कि अगर ईरान इस समयसीमा के भीतर स्ट्रेट नहीं खोलता, तो अमेरिका, ईरान के अलग-अलग पावर प्लांट्स पर हमला कर उन्हें तबाह कर देगा। अब ईरान ने जवाब में कहा है अगर उसके पावर प्लांट्स पर हमला होता है तो, जवाब में पूरे खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका से जुड़े सभी एनर्जी प्लांट पर हमले किए जाएंगे। जंग, ईरान पर भारी पड़ रही है।

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क्यों इस जंग में ईरान पीड़ित है, सबकी संवेदनाएं क्यों?

2024 में ईरान को मिला दर्द

ईरान ने जंग नहीं छेड़ी थी। ईरान ने इजरायल या अमेरिकी ठिकानों पर पहले हमला नहीं किया। ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर काम कर रहा था, जिससे डर की आशंका में अक्तूबर 2024 में इजरायल ने पहले ईरान पर सीधे मिसाइलें दागीं। इजरायल ने इसे ‘ऑपरेशन डेज ऑफ रिपेंटेंस’ का नाम दिया। 20 से ज्यादा ईरानी ठिकानों पर इजरायल की मिसाइलें गरजीं।

इजरायल ने तेहरान के आसपास रूसी निर्मित S-300 एयर डिफेंस और रडार सिस्टम को तबाह कर दिया। इजरायल ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन कार्यक्रमों को नुकसान पहुंचाया। परचिन और खोजिर के सैन्य इलाकों में हमला किया। यहां उन मशीनों को निशाना बनाया गया जो बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए ठोस ईंधन बनाती हैं। इजरायल ने ईलाम और खुजेस्तान प्रांतों में हमला किया। बंदर इमाम खुमैनी पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स के पास एयर डिफेंस साइटों पर हमले किए। कुछ महीनों पहले

2025 में भी बिना उकसावे के झेले हमले

जून 2025 में इजरायल ने एक बार फिर ईरान पर बिना उकसावे के हमला बोला। 12 दिनों की जंग में ईरान को काफी नुकसान पहुंचा। अमेरिका ने इस कार्रवाई को ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ कहा। दोनों देशों ने संयुक्त तौर पर हमले किए। नतांज में बने परमाणु स्थल को पूरी तरह से दोनों देशों ने तबाह कर दिया। फोर्डो और इसफहान जैसे ठिकानों पर मिसाइल हमले हुए। ये जगहों तबाह हो चुकीं हैं। ईरान का परमाणु कार्यक्रम अब दशकों पीछे चला गया है।

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नए हमले, जिनमें ईरान की रीढ़ टूट गई

अमेरिका और इजरायल ने मिलकर 28 फरवरी को ईरान पर हमला बोला। अमेरिका ने इसे ‘ऑपरेशन एपिक फ्युरी’ और इजरायल ने इसे ‘रोअरिंग लायन’ का नाम दिया। ईरान में इन हमलों से भीषण तबाही मची है। ईरान ने अपने सर्वोच्च लीडर अली खामेनेई को खो दिया है। ईरानी सेना के अब्दुलराहीम मौसवी सहित कई शीर्ष अधिकारी मारे जा चुके हैं। IRGC कमांडर मोहम्मद पाकपुर, खामेनेई के शीर्ष सुरक्षा सलाहकार अली शमखानी, रक्षा मंत्री अजीज नासिरजादेह और सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मूसावी की भी मौत हुई।

ईरानी मीडिया का कहना है कि 190 से ज्यादा ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर अब तक तबाह हो चुके है। लगभग 130 नौसैनिक जहाजों को डुबो दिया गया। तेहरान भी खंडहर हो रहा है। तेहरान के शरान ऑयल डिपो जैसे तेल भंडारण केंद्रों और कुछ सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचा है। इजरायल ने साउथ पार्स में इजरायल के गैस भंडार को भी तबाह किया है, जिस प्रोजेक्ट को खड़ा करने में ईरान को दशकों लगे हैं।

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ईरान को हुए नुकसान की भरपाई कैसे हो सकती है?

दीवान लॉ कॉलेज में, इंटरनेशनल स्टडीज पढ़ाने वाले असिस्टेंट प्रोफेसर निखिल गुप्ता ने बताया कि ईरान के पास संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 2(4) के तहत एक अधिकार है, जिसे लेकर वह दोनों देशों को घेर सकता है। यह किसी भी देश की क्षेत्रीय अखंडता या राजनीतिक स्वतंत्रता के खिलाफ बल प्रयोग को प्रतिबंधित करता है। ईरान और अमेरिका, दोनों ने इस चार्टर का उल्लंघन किया है।

ईरान यह तर्क दे सकता है कि अमेरिका और इजरायल का हमला बिना किसी उकसावे के है और यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। ईरान पर हमले हो रहे हैं। ईरान के पास तर्क है कि वह अनुच्छेद 51 का हवाला देकर, जवाबी कार्रवाई कर सकता है। खाड़ी के देशों में ईरान के हमले, आत्मरक्षा के तहत आएंगे। ईरान सुरक्षा परिषद से इस हमले को रोकने और हमलावर देशों पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर सकता है। विडंबना यह है कि जिस देश ने हमला किया है, वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थाई सदस्य है।

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युद्ध की स्थिति में भी कुछ मानवीय कानून लागू होते हैं। जिनेवा कन्वेंशन के तहत ये अधिकार मिले हैं। ईरान पर हुए हमलों में स्कूल, अस्पताल और रिहायशी इलाकों पर हमले हुए हैं। ईरान इसे युद्ध अपराध घोषित करने की मांग कर सकता है। ईरान अपनी संप्रभुता और सीमाओं के उल्लंघन के लिए मुआवजे और कानूनी निंदा की मांग कर सकता है। ईरान, अब दुनिया से प्रतिबंध हटाने की मांग कर सकता है।

मुश्किलें क्या हैं?

असिस्टेंट प्रोफेसर निखिल गुप्ता ने कहा, ‘अमेरिका, ज्यादातर वैश्विक संस्थाओं को फंडिंग देता है। सबसे बड़ा सरपंच होने का दावा भी अमेरिका ही करता है। अमेरिका, दुनिया पर युद्ध और शांति से जुड़े समझौतों को थोपता है, खुद कोई समझौता नहीं मानता है। आर्थिक और सामरिक वजहों की वजह से वैश्विक संस्थाएं उस पर दबाव भी नहीं बना पाती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन से लेकर संयुक्त राष्ट्र तक, अमेरिका की निंदा कई बार हुई है, बकाया मांगा गया है, अमेरिका ने मांग ही खारिज कर दी है।’

गोद लेने पर भी मिलेगी मैटरनिटी लीव, कंपनियों को फायदा होगा या नुकसान?


सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में साफ कर दिया है कि बच्चा गोद लेने वाली हर मां 12 हफ्ते की मैटरनिटी लीव की हकदार है। कोर्ट ने उस पुराने नियम को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया है, जिसमें केवल 3 महीने से कम उम्र के बच्चे को गोद लेने पर ही छुट्टी मिलती थी। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने कहा कि मां और बच्चे के बीच का लगाव और देखभाल की जरूरत उम्र पर निर्भर नहीं करती। यह फैसला कामकाजी महिलाओं के लिए एक बड़ी जीत है।

अब तक मैटरनिटी बेनिफिट एक्ट में एक ऐसी शर्त थी जो कई महिलाओं के लिए मुश्किलें खड़ी कर रही थी। नियम यह था कि अगर कोई महिला 3 महीने से कम उम्र के बच्चे को गोद लेती है, तभी उसे 12 हफ्ते की पूरी तनख्वाह के साथ छुट्टी मिलेगी। इसका मतलब यह था कि अगर गोद लिया गया बच्चा 3 महीने से एक दिन भी बड़ा होता, तो मां को ऑफिस से एक भी दिन की कानूनी छुट्टी नहीं मिलती थी। भारत में बच्चा गोद लेने की सरकारी प्रक्रिया इतनी लंबी है कि बच्चा अक्सर 3 महीने से बड़ा हो ही जाता है, जिससे माताओं को इस हक का कोई फायदा नहीं होता था।

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नियम में अब क्या बदलाव हुआ?

सुप्रीम कोर्ट ने इस ‘3 महीने वाली समय सीमा’ को अब पूरी तरह खत्म कर दिया है। अदालत ने माना कि प्रक्रिया लंबी होने की वजह से बच्चा अक्सर बड़ा हो जाता है, इसलिए अब से बच्चे की उम्र चाहे जो भी हो, गोद लेने वाली मां को 12 हफ्ते की छुट्टी जरूर मिलेगी। यह छुट्टी उस दिन से शुरू मानी जाएगी जिस दिन बच्चा कानूनी तौर पर मां को सौंपा जाएगा। अब जन्म देने वाली मां और गोद लेने वाली मां के अधिकारों में कोई भेदभाव नहीं रहेगा।

कंपनियों के खर्च और बजट पर असर

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद अब सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह की कंपनियों को अपने पुराने नियमों में बदलाव करना होगा। अब कंपनियों को बच्चा गोद लेने वाली माताओं को भी 12 हफ्ते की छुट्टी और पूरी सैलरी देनी होगी। ‘डेलॉइट’ (Deloitte) की एक रिपोर्ट बताती है कि जब कंपनियां ऐसी सुविधाएं नहीं देतीं, तो अनुभवी महिला कर्मचारी नौकरी छोड़ देती हैं। इससे कंपनियों को हर साल अपनी कुल कमाई का करीब 15 से 20 प्रतिशत तक नुकसान उठाना पड़ता है। डेटा के अनुसार, किसी पुराने कर्मचारी के जाने के बाद उसकी जगह नया बंदा ढूंढने और उसे काम सिखाने में कंपनी को उसकी एक साल की सैलरी से भी ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ता है। यह फैसला कंपनियों को इस फालतू खर्च से बचाने में मदद करेगा।

कामकाज का माहौल और मुनाफे में बढ़ोतरी

‘ग्लोबल बेनिफिट्स एटीट्यूड सर्वे’ (Global Benefits Attitudes Survey) के आंकड़े बताते हैं कि जिन दफ्तरों में गोद लेने और मैटरनिटी लीव के अच्छे नियम होते हैं, वहां कर्मचारी 33 प्रतिशत ज्यादा मन लगाकर काम करते हैं। इसके अलावा, ‘पेटर्सन इंस्टीट्यूट’ (Peterson Institute) की एक स्टडी यह भी कहती है कि जो कंपनियां महिलाओं की जरूरतों का ख्याल रखती हैं, उनके मुनाफे में भी 6 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी गई है। हालांकि कंपनियों को 3 महीने की छुट्टियों का खर्च उठाना होगा लेकिन इसके बदले उन्हें भरोसेमंद कर्मचारी और समाज में एक अच्छी पहचान मिलेगी। यह फैसला कंपनियों को एक बेहतर और मददगार वर्क कल्चर बनाने की दिशा में ले जाएगा।

पिता की जिम्मेदारी और बराबरी का संदेश

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कर दिया है कि बच्चे की परवरिश केवल मां की जिम्मेदारी नहीं है। कोर्ट ने केंद्र सरकार को सुझाव दिया है कि पिता को मिलने वाली छुट्टी (Paternity Leave) को भी कानून का हिस्सा बनाना चाहिए। ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम’ (World Economic Forum) की ‘जेंडर गैप रिपोर्ट’ के अनुसार, जब पिता को बच्चे की देखभाल के लिए छुट्टी मिलती है, तो घर के कामों में पुरुषों की भागीदारी 25% तक बढ़ जाती है। अदालत का मानना है कि बच्चे की देखभाल की पूरी जिम्मेदारी सिर्फ मां पर डालना गलत है। जब पिता को भी छुट्टी मिलेगी, तभी समाज में सही मायनों में बराबरी आएगी। यह फैसला एक ऐसे भविष्य की नींव रखता है जहाँ परिवार चलाने में माता और पिता दोनों को बराबर का सम्मान मिलेगा।

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भारत में बच्चा गोद लेने के नए आंकड़े

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का सबसे बड़ा असर उन बच्चों पर पड़ेगा जो एक परिवार का इंतज़ार कर रहे हैं। सरकारी संस्था ‘कारा’ (CARA) की रिपोर्ट बताती है कि भारत में बच्चा गोद लेने का चलन धीरे-धीरे बढ़ रहा है। साल 2021-22 में पूरे देश में 2,991 बच्चों को गोद लिया गया था, जो अगले ही साल यानी 2022-23 में बढ़कर 3,441 हो गया। ताज़ा आंकड़े दिखाते हैं कि अब लोग न सिर्फ छोटे बच्चों को, बल्कि 2 साल से बड़े बच्चों को भी अपना परिवार देने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

जानकारों का कहना है कि पहले कामकाजी महिलाएं नौकरी छूटने के डर से बड़े बच्चों को गोद लेने से कतराती थीं, क्योंकि उन्हें ऑफिस से छुट्टी नहीं मिलती थी। अब 3 महीने की छुट्टी का अधिकार मिलने से बच्चा गोद लेने की दर में 15 से 20 प्रतिशत तक की बड़ी बढ़त देखने को मिल सकती है।

चंद्रमा के दिशा परिवर्तन से किन राशियों की बदलेगी किस्मत? पढ़ें राशिफल


अंक ज्योतिष और ज्योतिषीय के नजरिए से 10 मार्च का दिन बेहद खास है। बुधवार के साथ मूलांक 2 का मेल यह बताता है कि आज भावनाओं और समझदारी के बीच संतुलन बनाकर काम करने से बड़े लाभ होंगे। वृश्चिक राशि में चंद्रमा की मौजूदगी गहरे शोध और छिपे हुए अवसरों को सामने लाने में मदद करेगी।

आज उन लोगों के लिए दिन बेहतरीन है जो टीम वर्क, नई पार्टनरशिप या किसी क्रिएटिव प्रोजेक्ट से जुड़े हैं। यदि आप अपनी अंदर की आवाज सुनकर फैसले लेते हैं, तो आज का दिन आपके जीवन में कोई बड़ा और सकारात्मक मोड़ ला सकता है।

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सभी 12 राशियों का राशिफल

मेष राशि

आज पूरी एनर्जी के साथ नई शुरुआत का दिन है। टीम को साथ लेकर चलना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

क्या करें: नई प्लानिंग पर काम शुरू करें और नेतृत्व संभालें। अच्छी सेहत के लिए एक्सरसाइज शुरू करें।

क्या न करें: जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला न लें। साथ ही विवादों से दूर रहें।

वृषभ राशि

आर्थिक मजबूती के लिए यह दिन अच्छा है। इंवेस्टमेंट के नए ऑप्शन पर विचार किया जा सकता है।

क्या करें: परिवार को टाइम दें और अपनी स्किल्स को बेहतर बनाने पर काम करें।

क्या न करें: बिना सोचे-समझे खर्च करने या किसी को उधार देने से बचें।

मिथुन राशि

आज आपकी बातचीत और नेटवर्किंग आपको सफलता दिलाएगी। कुछ नया सीखने के लिए दिन शुभ है।

क्या करें: नए लोगों से मिलें और क्रिएटिव काम में समय बिताएं।

क्या न करें: अफवाहों पर ध्यान न दें और गपशप में अपना समय बर्बाद न करें।

कर्क राशि

आज का दिन घर और परिवार के नाम रहेगा। इमोशनल रूप से आप खुद को मजबूत महसूस करेंगे।

क्या करें: मां की सलाह लें और घर के रुके हुए काम पूरे करें।

क्या न करें: भावुक होकर पुरानी कड़वी बातों या विवादों को दोबारा न उखाड़ें।

सिंह राशि

कार्यक्षेत्र में आपकी धाक जमेगी। ऑफिस की मीटिंग्स में आपके आइडियाज की सराहना हो सकती है।

क्या करें: आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें और जरूरी प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी लें।

क्या न करें: स्वभाव में अहंकार न आने दें और काम निपटाने में जल्दबाजी न करें।

कन्या राशि

बारीकियों पर ध्यान देना आज आपको दूसरों से आगे रखेगा। अटके हुए काम पूरे करने का सही समय है।

क्या करें: अपनी सेहत का ख्याल रखें और नई स्किल सीखने पर जोर दें।

क्या न करें: दूसरों की बहुत ज्यादा आलोचना करने या हर चीज में परफेक्शन खोजने से बचें।

तुला राशि

रिश्तों और पार्टनरशिप के लिए यह दिन शानदार है। सामाजिक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी।

क्या करें: पार्टनर के साथ तालमेल बिठाएं और म्यूजिक के मजे लें।

क्या न करें: किसी भी बहस में न पड़ें और अकेले बड़े फैसले लेने से बचें।

वृश्चिक राशि

आज आपका ही दिन है क्योंकि चंद्रमा आपकी ही राशि में है, जिससे आपकी आंतरिक शक्ति बढ़ेगी। पुराने रहस्यों या समस्याओं का हल मिल सकता है।

क्या करें: निवेश के मामलों पर गहराई से विचार करें और खुद में बदलाव लाने की कोशिश करें।

क्या न करें: मन में गुस्सा न पालें और जरूरी बातों को छिपाकर न रखें।

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धनु राशि

भाग्य आपके साथ है, विशेषकर शिक्षा और यात्रा के मामले में। गुरु कृपा से बिगड़े काम बनेंगे।

क्या करें: भविष्य के लिए लंबी योजनाएं बनाएं और पढ़ाई पर ध्यान दें।

क्या न करें: अपनी क्षमता से बाहर जाकर बड़े वादे न करें और अति-उत्साह से बचें।

मकर राशि

करियर में स्थिरता और तरक्की के योग हैं। सीनियर्स का सहयोग आपको आगे बढ़ने में मदद करेगा।

क्या करें: अनुशासन बनाए रखें और अपने निवेश की दोबारा जांच करें।

क्या न करें: काम के चक्कर में अपनी सेहत को नजरअंदाज बिल्कुल न करें।

कुंभ राशि

तकनीकी और सामाजिक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी। दोस्तों के साथ मिलकर कुछ नया कर सकते हैं।

क्या करें: नए विचारों को लागू करें और ग्रुप प्रोजेक्ट्स में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।

क्या न करें: अकेले रहने की कोशिश न करें और अपनी बात को लेकर जिद न अड़ाएं।

मीन राशि

आज का दिन शांति और सुकून भरा रहेगा। अध्यात्म और सेवा भाव से आपको मानसिक शांति मिलेगी।

क्या करें: दान-पुण्य करें, क्रिएटिव राइटिंग या कला में समय बिताएं और आराम करें।

क्या न करें: ख्याली पुलाव या भ्रम में न रहें और फिजूलखर्ची पर लगाम लगाएं।

डिस्क्लेमर: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत जानकारी के लिए ज्योतिषि से संपर्क करें।

कौन था बिलाल आरिफ सलाफी जिसकी हत्या से लोग जोड़ रहे धुरंधर कनेक्शन?


पाकिस्तान के मुरीदके में ईद के मौके पर एक सनसनीखेज घटना घटी है, जहां आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर बिलाल आरिफ की हत्या कर दी गई। इस हत्या से ज्यादा उसका तरीका चर्चा का केंद्र बन गया है। हत्या के स्टाइल को देखते हुए लोगों ने सोशल मीडिया पर इसे धुरंधर फिल्म से जोड़ना शुरू कर दिया है। जिस तरह बिलाल की हत्या की गई है, उसी तरह का मर्डर सीन धुरंधर फिल्म में दिखाया गया है।

21 मार्च को मुरीदके में बिलाल आरिफ मस्जिद से नमाज पढ़कर बाहर आए ही थे कि हमलावरों ने उन पर गोली चलाई और चाकू से कई बार वार किए। हत्या की वजह अभी आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आई है। बिलाल के मर्डर का स्टाइल नया नहीं है, इससे पहले भी इसी तरीके से लोगों की हत्या हो चुकी है। बिलाल आरिफ की मौत के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसके कमेंट बॉक्स में लोग कह रहे हैं कि यह धुरंधर फिल्म के मर्डर सीन जैसा है। अब सवाल उठता है कि बिलाल आरिफ कौन है, जिसकी इस प्रकार हत्या की गई है।

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कौन है बिलाल आरिफ सलाफी?

बिलाल आरिफ सलाफी लश्कर-ए-तैयबा का अहम चेहरा था। वह 2005 में ही इस संगठन से जुड़ा था। संगठन में नए लोगों को शामिल करने और फंडिंग इकट्ठा करने का काम करता था। बिलाल मुख्य तौर पर कई युवाओं को कश्मीर जिहाद नाम की कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित कर संगठन में जोड़ चुका था। संगठन में शामिल करने के बाद युवाओं को अपराधी और आतंकी बनाने के लिए ट्रेनिंग देता था। 2005 से अब तक बिलाल अहमद ने कई अपराधों को अंजाम दिया है।

बिलाल आरिफ सलाफी कई सालों से पाकिस्तान के मुरीदके में रह रहा था और वहीं उसकी हत्या की गई। मुरीदके को आतंकी संगठन का गढ़ माना जाता है, जहां हमेशा हाई सिक्योरिटी रहती है। इसके बावजूद यहां बिलाल को मौत के घाट उतार दिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक हमलावरों ने पहले से प्लानिंग की थी, जिस वजह से हत्या को अंजाम दिया गया।

इस हत्या के बाद अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि किसकी साजिश से इसे अंजाम दिया गया। कई जानकारों का मानना है कि शायद संगठन के दूसरे गुट ने यह हत्या करवाई है।

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धुरंधर स्टाइल में की गई हत्या

पाकिस्तान के मुरीदके में आतंकी संगठन चैन की नींद सोते थे, लेकिन बिलाल आरिफ की हत्या ने सबकी नींद उड़ा दी है। दिनदहाड़े हुई इस हत्या ने इलाके में दहशत फैला दी है।हत्या के बाद जमीन पर गिरे बिलाल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

वीडियो में देखा जा सकता है कि मर्डर के बाद अफरा-तफरी मच गई है। इस वीडियो को देखने के बाद कई एक्स अकाउंट्स पर लोगों ने कहा है कि यह हत्या बिल्कुल धुरंधर फिल्म के एक सीन जैसी है।

एक व्यक्ति ने वीडियो देखकर कहा, ‘धुरंधर की घटना अभी-अभी असल जिंदगी में घटी है, जो अविश्वसनीय है। इसे देखकर बहुत खुशी हुई।’

किरी नाम के व्यक्ति ने कहा, ‘अज्ञात बंदूकधारी भी धुरंधर 2 की रिलीज का जश्न मना रहे हैं।’

ईशा पूने ने कहा, ‘अभी भी काम चल रहा है। यह मर्डर सीन धुरंधर 3 में आएगा।’