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जानवर, सोना-चांदी दे रहे दान, ईरान की मदद को आगे आए कश्मीरी


ईरान में अमेरिका और इजरायल मिलकर हमला कर रहे हैं, जिसमें अरबों डॉलर के आर्थिक नुकसान के साथ में सैकड़ों लोगों की जान चली गई है। इसके साथ में ही शिया मुस्लिम बाहुल्य ईरान को कई ऐसे घाव मिले हैं, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। जब 28 फरवरी को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हमले में मौत हुई थी, तो उस समय भारत के कई हिस्सों के साथ में जम्मू-कश्मीर में भी प्रदर्शन हुए।

अब युद्ध के 24वें दिन में प्रवेश करने के साथ ही भारत में ईरान के लिए लोग मदद के लिए सामने आ रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में दर्जनों लोग ईरान की मदद के लिए आगे आए हैं। बड़गाम में लोगों ने अपने सोने-चांदी के जेवर और बर्तन दान किए हैं। इसके साथ ही ईरान की मदद के लिए लोग अपने 1-1 महीने का वेतन भी दान कर रहे हैं।

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जानवर भी दान किए

अधिकारियों ने कहा कि डोनेशन में पुरुषों, महिलाओं और बच्चों समेत हर तरह के लोगों ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि खासकर महिलाओं ने आगे आकर सोने के गहने, तांबे के बर्तन और घर का दूसरा कीमती सामान दान करके दिल खोलकर योगदान दिया है। कुछ परिवारों ने जानवर भी दान किए हैं।

शिया-बहुल इलाकों से मिली मदद

भारत में लोगों द्वारा ईरान के लिए की जा रही मदद को लेकर खुद ईरान के राजदूत ने आधिकारिक तौर पर शुक्रिया किया है। इस मदद के लिए शुक्रिया अदा करते हुए ईरानी दूतावास ने X पर एक पोस्ट में कहा कि इस नेकी के काम को ‘कभी नहीं भुलाया जाएगा’। दरअसल, ईद के एक दिन बाद घाटी के शिया-बहुल इलाकों में रविवार को युवाओं ने घर-घर जाकर ईरान में पश्चिम में चल रहे युद्ध से प्रभावित लोगों के लिए डोनेशन इकट्ठा किया।

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ईरानी एंबेसी ने क्या कहा?

डोनेशन की तस्वीरें शेयर करते हुए, ईरान के दूतावास ने X पर एक पोस्ट में कहा, ‘पूरे दिल से शुक्रगुजार होकर हम कश्मीर के दयालु लोगों को उनके मानवीय सहायता और दिल से एकता के जरिए ईरान के लोगों के साथ खड़े होने के लिए दिल से धन्यवाद देते हैं। इस दयालुता को कभी नहीं भुलाया जाएगा। हम आपकी दयालुता और इंसानियत को कभी नहीं भूलेंगे। धन्यवाद, इंडिया।’

छोटी-छोटी गलतियां आपको बना रही हैं एनीमिया का शिकार, समझें क्या हैं कारण


आजकल खराब खान-पान की वजह से इंसान के शरीर को बहुत नुकसान होता है। कई बार महिलाओं को चक्कर, जल्दी थकावट और कमजोरी महसूस होती है। इन लक्षणों को हम अक्सर अनदेखा कर देते हैं, जो आगे चलकर बड़ी समस्या बन सकते हैं क्योंकि ये लक्षण आम नहीं बल्कि एक बड़ी बीमारी के संकेत हैं। इस बीमारी का नाम है एनीमिया, जिससे न सिर्फ महिलाओं का बल्कि उनसे जन्म लेने वाले बच्चों का भी भारी नुकसान हो सकता है।


आजकल कई लोग पोषण युक्त खाने की बजाय जंक फूड खाना पसंद करते हैं। जिस वजह से व्यक्ति के शरीर में विटामिन बी और आयरन की कमी हो जाती है। इसके कारण खून में रेड ब्लड सेल्स कम हो जाते हैं यानी खून में हीमोग्लोबिन की कमी हो जाती है। इससे शरीर के अलग-अलग हिस्सों में ऑक्सीजन पहुंचना कम हो जाता है। जिस वजह से लोगों को जल्दी थकावट होने लगती है। एनीमिया पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को ज्यादा होता है। इस वक्त भारत में कई महिलाएं एनीमिया का शिकार होती जा रही हैं। एनीमिया से ग्रसित महिलाओं के आंकड़े चौंकाने वाले हैं।

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नेशनल फैमिली हेल्थ का एक सर्वे आया है। इस सर्वे के अनुसार भारत की कई महिलाएं एनीमिया की समस्या से जूझ रही हैं। आंकड़ों के मुताबिक, बंगाल में 71.8 प्रतिशत, छत्तीसगढ़ में 60.8 प्रतिशत, पंजाब में 58.7 प्रतिशत, तेलंगाना में 57.6 प्रतिशत और राजस्थान में 54.4 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया का शिकार बन चुकी हैं। इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि भारत में एनीमिया एक बड़ी चुनौती बन गई है। अब सवाल उठता है कि एनीमिया से कैसे बचा जाए, एनीमिया के लक्षण क्या हैं और एनीमिया महिलाओं को पुरुषों की तुलना में ज्यादा क्यों होता है।

क्या है एनीमिया?


एनीमिया एक ऐसी स्थिति है जब व्यक्ति के शरीर में रेड ब्लड सेल्स की संख्या यानी हीमोग्लोबिन कम हो जाता है। हीमोग्लोबिन एक प्रकार का प्रोटीन है जो पूरे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है। जब हीमोग्लोबिन शरीर में कम हो जाता है तो लोगों को जल्दी थकावट और कमजोरी महसूस होने लगती है, क्योंकि शरीर के हर हिस्से में ऑक्सीजन सही तरीके से नहीं पहुंच पाती है।

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एनीमिया के लक्षण

एनीमिया के शुरुआती लक्षण बेहद आम होते हैं, जिन्हें अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। इसी वजह से लोगों को लंबे समय बाद पता चलता है कि उन्हें एनीमिया है।


थकावट – व्यक्ति को हर समय थकावट महसूस होने लगती है। आराम करने के बावजूद थकावट कम नहीं होती।


कमजोर बाल और नाखून – एनीमिया की वजह से व्यक्ति के बाल और नाखून कमजोर हो जाते हैं। इसी वजह से बाल झड़ने लगते हैं।


चक्कर आना और सिर दर्द – लो हीमोग्लोबिन के कारण व्यक्ति के दिमाग तक ऑक्सीजन सही से नहीं पहुंच पाती, जिससे चक्कर और सिर दर्द होने लगता है।


त्वचा का रंग पीला होना – एनीमिया होने के कारण व्यक्ति की त्वचा का रंग पीला पड़ जाता है। अगर ये सभी लक्षण किसी व्यक्ति के शरीर में दिखाई दें तो उसे तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। अब सवाल उठता है कि ज्यादातर महिलाओं को एनीमिया क्यों होता है।

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महिलाओं को क्यों होता है एनीमिया?


मासिक धर्म (Periods) – हर महिला को हर महीने मासिक धर्म आता है। जिसमें खून बहने की वजह से शरीर में आयरन की कमी हो जाती है। इससे एनीमिया हो सकता है। इसलिए महिलाओं को ज्यादा मात्रा में आयरन युक्त आहार खाना चाहिए ताकि एनीमिया से बचा जा सके।


खान-पान की कमी – अक्सर महिलाएं पोषण से भरपूर खाना नहीं खाती हैं जबकि महिलाओं को संतुलित मात्रा में आहार खाना चाहिए, जिसमें उचित मात्रा में प्रोटीन, विटामिन और कार्बोहाइड्रेट हो, ताकि उनके शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी न हो।


प्रेग्नेंसी – इस अवस्था में मां के शरीर में आयरन की ज्यादा जरूरत होती है। मां के शरीर में एक शिशु भी पल रहा होता है।

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एनीमिया से बचने के उपाय

एनीमिया से बचने के लिए व्यक्ति को अपने खानपान में सुधार लाना होगा। उसे ऐसा भोजन खाना चाहिए जो न सिर्फ स्वाद में अच्छा हो बल्कि पोषण से भरपूर भी हो। इसके लिए हमें हरी सब्जियां, दालें, चुकंदर, खजूर, गुड़, नींबू और संतरा खाना चाहिए, जिससे शरीर में खून की कमी न हो।

सूर्य की उर्जा और मंगल का साहस, जानें आपकी राशि का हाल


ज्योतिषीय दृष्टि से 10 मार्च का दिन कई लोगों के लिए किस्मत में बदलाव की शुरूआत करने वाला हो सकता है। एक तरफ चंद्रमा वृश्चिक राशि में गोचर कर रहे हैं, जो हमारी इच्छाशक्ति और भावनाओं को गहराई प्रदान करेंगे, वहीं दूसरी तरफ आज का मूलांक 1 है। मूलांक 1 का स्वामी सूर्य है, जो सफलता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक माना जाता है।

अंक ज्योतिष और ग्रहों की यह स्थिति आज साहसी फैसलों और बड़े बदलावों के लिए एकदम सटीक है। अगर आप किसी नई योजना पर काम शुरू करना चाहते हैं या करियर में कोई बड़ा जोखिम लेने की सोच रहे हैं, तो आज का दिन आपको जबरदस्त सफलता दिला सकता है।

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क्या कहते हैं आपके सितारे?

मेष राशि

आज भाग्य आपके साथ है। करियर में तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे और निवेश से लाभ होगा।

क्या करें: महत्वपूर्ण निर्णय लें और अपनी टीम के साथ मिलकर काम करें।

क्या न करें: जल्दबाजी में कोई काम न करें और विवादों से दूर रहें।

वृषभ राशि

आर्थिक मोर्चे पर मजबूती आएगी और परिवार में खुशहाली रहेगी। मानसिक शांति महसूस करेंगे।

क्या करें: पुरानी योजनाओं को पूरा करें और दान-पुण्य में मन लगाएं।

क्या न करें: किसी को पैसा उधार न दें और साथ ही किसी भी फालतू खर्च से बचें।

मिथुन राशि

अपनी सूझबूझ से आप बड़ी चुनौतियों को भी आसानी से पार कर लेंगे। नौकरी में अच्छी खबर मिल सकती है।

क्या करें: अपनी बात सटीकता से रखें और कुछ नया सीखने की कोशिश करें।

क्या न करें: सुनी-सुनाई बातों पर भरोसा न करें।

कर्क राशि

आज का दिन पारिवारिक सुख-सुविधाओं पर केंद्रित रहेगा। मां का सहयोग और आशीर्वाद प्राप्त होगा।

क्या करें: घर के रुके हुए काम निपटाएं और थोड़ा समय पूजा-पाठ में बिताएं।

क्या न करें: पुरानी नेगेटिव यादों को खुद पर हावी न होने दें।

सिंह राशि

आपका आत्मविश्वास बढ़ा रहेगा और समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। रचनात्मक कार्यों में मन लगेगा।

क्या करें: बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू करें और लोगों से मेल-जोल बढ़ाएं।

क्या न करें: व्यवहार में अहंकार न आने दें और सेहत का ध्यान रखें।

कन्या राशि

कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी और सेहत में भी सुधार देखने को मिलेगा।

क्या करें: काम को व्यवस्थित ढंग से करें और अपनी रूटीन जांच करवाएं।

क्या न करें: दूसरों की आलोचना करने से बचें।

तुला राशि

रिश्तों और साझेदारी के लिए दिन बेहतरीन है। कला और सौंदर्य के क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ होगा।

क्या करें: आपसी तालमेल बनाए रखें और जरूरी फैसले लेने में देरी न करें।

क्या न करें: किसी भी तरह के झगड़े या बहस में न पड़ें।

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वृश्चिक राशि

चंद्रमा आपकी ही राशि में है, जिससे आपकी आंतरिक शक्ति बढ़ेगी। निवेश के लिए समय अच्छा है।

क्या करें: आत्म-मंथन करें और अपनी आर्थिक योजनाओं को पुख्ता करें।

क्या न करें: अपनी गोपनीय बातें किसी से साझा न करें।

धनु राशि

धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और लंबी दूरी की यात्रा के योग बन रहे हैं। भाग्य का पूरा साथ मिलेगा।

क्या करें: ज्ञान बढ़ाने वाली किताबें पढ़ें और भविष्य की योजनाएं बनाएं।

क्या न करें: जोखिम भरे कामों से बचें और पैसों के मामले में सतर्क रहें।

मकर राशि

करियर में स्थिरता आएगी और सीनियर्स का सहयोग मिलेगा। अनुशासन से काम बनेंगे।

क्या करें: लंबी अवधि के लक्ष्यों पर ध्यान दें और बड़ों का सम्मान करें।

क्या न करें: काम में लापरवाही बिल्कुल न बरतें।

कुम्भ राशि

नए विचार आपके करियर को नई दिशा देंगे। सामाजिक दायरे में बढ़ोतरी होगी।

क्या करें: दोस्तों से सलाह लें और तकनीक का सही इस्तेमाल करें।

क्या न करें: कोई भी बड़ा फैसला अकेले लेने की जिद न करें।

मीन राशि

आध्यात्मिक शांति मिलेगी और धन लाभ की पूरी संभावना है। मन शांत रहेगा।

क्या करें: योग-ध्यान करें और दूसरों की मदद के लिए तैयार रहें।

क्या न करें: किसी भी तरह के भ्रम या कन्फ्यूजन में रहने से बचें।

डिस्क्लेमर: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत जानकारी के लिए ज्योतिषि से संपर्क करें।

ईरान की तबाही, इजरायल-अमेरिका विलेन, UN के चार्टर का होगा क्या?


अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान अपने उन संस्थानों को खो रहा है, जिन पर उसकी अर्थव्यवस्था टिकी है। न्यूक्लियर प्लांट हो, गैस प्लांट हो या पेट्रोलियम प्लांट, हर जगह इजरायल और अमेरिकी हमलों में भीषण तबाही मची है। ईरान को इतना धक्का लग चुका है कि उससे उबरने में कई साल लग सकते हैं। अब एक बार फिर डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के पेट्रोलियम ठिकानों को तबाह करने की धमकी दी है।

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह से और बिना किसी खतरे के खोलने के लिए 48 घंटे की समयसीमा दी है। उन्होंने कहा है कि अगर ईरान इस समयसीमा के भीतर स्ट्रेट नहीं खोलता, तो अमेरिका, ईरान के अलग-अलग पावर प्लांट्स पर हमला कर उन्हें तबाह कर देगा। अब ईरान ने जवाब में कहा है अगर उसके पावर प्लांट्स पर हमला होता है तो, जवाब में पूरे खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका से जुड़े सभी एनर्जी प्लांट पर हमले किए जाएंगे। जंग, ईरान पर भारी पड़ रही है।

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क्यों इस जंग में ईरान पीड़ित है, सबकी संवेदनाएं क्यों?

2024 में ईरान को मिला दर्द

ईरान ने जंग नहीं छेड़ी थी। ईरान ने इजरायल या अमेरिकी ठिकानों पर पहले हमला नहीं किया। ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर काम कर रहा था, जिससे डर की आशंका में अक्तूबर 2024 में इजरायल ने पहले ईरान पर सीधे मिसाइलें दागीं। इजरायल ने इसे ‘ऑपरेशन डेज ऑफ रिपेंटेंस’ का नाम दिया। 20 से ज्यादा ईरानी ठिकानों पर इजरायल की मिसाइलें गरजीं।

इजरायल ने तेहरान के आसपास रूसी निर्मित S-300 एयर डिफेंस और रडार सिस्टम को तबाह कर दिया। इजरायल ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन कार्यक्रमों को नुकसान पहुंचाया। परचिन और खोजिर के सैन्य इलाकों में हमला किया। यहां उन मशीनों को निशाना बनाया गया जो बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए ठोस ईंधन बनाती हैं। इजरायल ने ईलाम और खुजेस्तान प्रांतों में हमला किया। बंदर इमाम खुमैनी पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स के पास एयर डिफेंस साइटों पर हमले किए। कुछ महीनों पहले

2025 में भी बिना उकसावे के झेले हमले

जून 2025 में इजरायल ने एक बार फिर ईरान पर बिना उकसावे के हमला बोला। 12 दिनों की जंग में ईरान को काफी नुकसान पहुंचा। अमेरिका ने इस कार्रवाई को ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ कहा। दोनों देशों ने संयुक्त तौर पर हमले किए। नतांज में बने परमाणु स्थल को पूरी तरह से दोनों देशों ने तबाह कर दिया। फोर्डो और इसफहान जैसे ठिकानों पर मिसाइल हमले हुए। ये जगहों तबाह हो चुकीं हैं। ईरान का परमाणु कार्यक्रम अब दशकों पीछे चला गया है।

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नए हमले, जिनमें ईरान की रीढ़ टूट गई

अमेरिका और इजरायल ने मिलकर 28 फरवरी को ईरान पर हमला बोला। अमेरिका ने इसे ‘ऑपरेशन एपिक फ्युरी’ और इजरायल ने इसे ‘रोअरिंग लायन’ का नाम दिया। ईरान में इन हमलों से भीषण तबाही मची है। ईरान ने अपने सर्वोच्च लीडर अली खामेनेई को खो दिया है। ईरानी सेना के अब्दुलराहीम मौसवी सहित कई शीर्ष अधिकारी मारे जा चुके हैं। IRGC कमांडर मोहम्मद पाकपुर, खामेनेई के शीर्ष सुरक्षा सलाहकार अली शमखानी, रक्षा मंत्री अजीज नासिरजादेह और सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मूसावी की भी मौत हुई।

ईरानी मीडिया का कहना है कि 190 से ज्यादा ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर अब तक तबाह हो चुके है। लगभग 130 नौसैनिक जहाजों को डुबो दिया गया। तेहरान भी खंडहर हो रहा है। तेहरान के शरान ऑयल डिपो जैसे तेल भंडारण केंद्रों और कुछ सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचा है। इजरायल ने साउथ पार्स में इजरायल के गैस भंडार को भी तबाह किया है, जिस प्रोजेक्ट को खड़ा करने में ईरान को दशकों लगे हैं।

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ईरान को हुए नुकसान की भरपाई कैसे हो सकती है?

दीवान लॉ कॉलेज में, इंटरनेशनल स्टडीज पढ़ाने वाले असिस्टेंट प्रोफेसर निखिल गुप्ता ने बताया कि ईरान के पास संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 2(4) के तहत एक अधिकार है, जिसे लेकर वह दोनों देशों को घेर सकता है। यह किसी भी देश की क्षेत्रीय अखंडता या राजनीतिक स्वतंत्रता के खिलाफ बल प्रयोग को प्रतिबंधित करता है। ईरान और अमेरिका, दोनों ने इस चार्टर का उल्लंघन किया है।

ईरान यह तर्क दे सकता है कि अमेरिका और इजरायल का हमला बिना किसी उकसावे के है और यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। ईरान पर हमले हो रहे हैं। ईरान के पास तर्क है कि वह अनुच्छेद 51 का हवाला देकर, जवाबी कार्रवाई कर सकता है। खाड़ी के देशों में ईरान के हमले, आत्मरक्षा के तहत आएंगे। ईरान सुरक्षा परिषद से इस हमले को रोकने और हमलावर देशों पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर सकता है। विडंबना यह है कि जिस देश ने हमला किया है, वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थाई सदस्य है।

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युद्ध की स्थिति में भी कुछ मानवीय कानून लागू होते हैं। जिनेवा कन्वेंशन के तहत ये अधिकार मिले हैं। ईरान पर हुए हमलों में स्कूल, अस्पताल और रिहायशी इलाकों पर हमले हुए हैं। ईरान इसे युद्ध अपराध घोषित करने की मांग कर सकता है। ईरान अपनी संप्रभुता और सीमाओं के उल्लंघन के लिए मुआवजे और कानूनी निंदा की मांग कर सकता है। ईरान, अब दुनिया से प्रतिबंध हटाने की मांग कर सकता है।

मुश्किलें क्या हैं?

असिस्टेंट प्रोफेसर निखिल गुप्ता ने कहा, ‘अमेरिका, ज्यादातर वैश्विक संस्थाओं को फंडिंग देता है। सबसे बड़ा सरपंच होने का दावा भी अमेरिका ही करता है। अमेरिका, दुनिया पर युद्ध और शांति से जुड़े समझौतों को थोपता है, खुद कोई समझौता नहीं मानता है। आर्थिक और सामरिक वजहों की वजह से वैश्विक संस्थाएं उस पर दबाव भी नहीं बना पाती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन से लेकर संयुक्त राष्ट्र तक, अमेरिका की निंदा कई बार हुई है, बकाया मांगा गया है, अमेरिका ने मांग ही खारिज कर दी है।’

गोद लेने पर भी मिलेगी मैटरनिटी लीव, कंपनियों को फायदा होगा या नुकसान?


सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में साफ कर दिया है कि बच्चा गोद लेने वाली हर मां 12 हफ्ते की मैटरनिटी लीव की हकदार है। कोर्ट ने उस पुराने नियम को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया है, जिसमें केवल 3 महीने से कम उम्र के बच्चे को गोद लेने पर ही छुट्टी मिलती थी। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने कहा कि मां और बच्चे के बीच का लगाव और देखभाल की जरूरत उम्र पर निर्भर नहीं करती। यह फैसला कामकाजी महिलाओं के लिए एक बड़ी जीत है।

अब तक मैटरनिटी बेनिफिट एक्ट में एक ऐसी शर्त थी जो कई महिलाओं के लिए मुश्किलें खड़ी कर रही थी। नियम यह था कि अगर कोई महिला 3 महीने से कम उम्र के बच्चे को गोद लेती है, तभी उसे 12 हफ्ते की पूरी तनख्वाह के साथ छुट्टी मिलेगी। इसका मतलब यह था कि अगर गोद लिया गया बच्चा 3 महीने से एक दिन भी बड़ा होता, तो मां को ऑफिस से एक भी दिन की कानूनी छुट्टी नहीं मिलती थी। भारत में बच्चा गोद लेने की सरकारी प्रक्रिया इतनी लंबी है कि बच्चा अक्सर 3 महीने से बड़ा हो ही जाता है, जिससे माताओं को इस हक का कोई फायदा नहीं होता था।

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नियम में अब क्या बदलाव हुआ?

सुप्रीम कोर्ट ने इस ‘3 महीने वाली समय सीमा’ को अब पूरी तरह खत्म कर दिया है। अदालत ने माना कि प्रक्रिया लंबी होने की वजह से बच्चा अक्सर बड़ा हो जाता है, इसलिए अब से बच्चे की उम्र चाहे जो भी हो, गोद लेने वाली मां को 12 हफ्ते की छुट्टी जरूर मिलेगी। यह छुट्टी उस दिन से शुरू मानी जाएगी जिस दिन बच्चा कानूनी तौर पर मां को सौंपा जाएगा। अब जन्म देने वाली मां और गोद लेने वाली मां के अधिकारों में कोई भेदभाव नहीं रहेगा।

कंपनियों के खर्च और बजट पर असर

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद अब सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह की कंपनियों को अपने पुराने नियमों में बदलाव करना होगा। अब कंपनियों को बच्चा गोद लेने वाली माताओं को भी 12 हफ्ते की छुट्टी और पूरी सैलरी देनी होगी। ‘डेलॉइट’ (Deloitte) की एक रिपोर्ट बताती है कि जब कंपनियां ऐसी सुविधाएं नहीं देतीं, तो अनुभवी महिला कर्मचारी नौकरी छोड़ देती हैं। इससे कंपनियों को हर साल अपनी कुल कमाई का करीब 15 से 20 प्रतिशत तक नुकसान उठाना पड़ता है। डेटा के अनुसार, किसी पुराने कर्मचारी के जाने के बाद उसकी जगह नया बंदा ढूंढने और उसे काम सिखाने में कंपनी को उसकी एक साल की सैलरी से भी ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ता है। यह फैसला कंपनियों को इस फालतू खर्च से बचाने में मदद करेगा।

कामकाज का माहौल और मुनाफे में बढ़ोतरी

‘ग्लोबल बेनिफिट्स एटीट्यूड सर्वे’ (Global Benefits Attitudes Survey) के आंकड़े बताते हैं कि जिन दफ्तरों में गोद लेने और मैटरनिटी लीव के अच्छे नियम होते हैं, वहां कर्मचारी 33 प्रतिशत ज्यादा मन लगाकर काम करते हैं। इसके अलावा, ‘पेटर्सन इंस्टीट्यूट’ (Peterson Institute) की एक स्टडी यह भी कहती है कि जो कंपनियां महिलाओं की जरूरतों का ख्याल रखती हैं, उनके मुनाफे में भी 6 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी गई है। हालांकि कंपनियों को 3 महीने की छुट्टियों का खर्च उठाना होगा लेकिन इसके बदले उन्हें भरोसेमंद कर्मचारी और समाज में एक अच्छी पहचान मिलेगी। यह फैसला कंपनियों को एक बेहतर और मददगार वर्क कल्चर बनाने की दिशा में ले जाएगा।

पिता की जिम्मेदारी और बराबरी का संदेश

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कर दिया है कि बच्चे की परवरिश केवल मां की जिम्मेदारी नहीं है। कोर्ट ने केंद्र सरकार को सुझाव दिया है कि पिता को मिलने वाली छुट्टी (Paternity Leave) को भी कानून का हिस्सा बनाना चाहिए। ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम’ (World Economic Forum) की ‘जेंडर गैप रिपोर्ट’ के अनुसार, जब पिता को बच्चे की देखभाल के लिए छुट्टी मिलती है, तो घर के कामों में पुरुषों की भागीदारी 25% तक बढ़ जाती है। अदालत का मानना है कि बच्चे की देखभाल की पूरी जिम्मेदारी सिर्फ मां पर डालना गलत है। जब पिता को भी छुट्टी मिलेगी, तभी समाज में सही मायनों में बराबरी आएगी। यह फैसला एक ऐसे भविष्य की नींव रखता है जहाँ परिवार चलाने में माता और पिता दोनों को बराबर का सम्मान मिलेगा।

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भारत में बच्चा गोद लेने के नए आंकड़े

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का सबसे बड़ा असर उन बच्चों पर पड़ेगा जो एक परिवार का इंतज़ार कर रहे हैं। सरकारी संस्था ‘कारा’ (CARA) की रिपोर्ट बताती है कि भारत में बच्चा गोद लेने का चलन धीरे-धीरे बढ़ रहा है। साल 2021-22 में पूरे देश में 2,991 बच्चों को गोद लिया गया था, जो अगले ही साल यानी 2022-23 में बढ़कर 3,441 हो गया। ताज़ा आंकड़े दिखाते हैं कि अब लोग न सिर्फ छोटे बच्चों को, बल्कि 2 साल से बड़े बच्चों को भी अपना परिवार देने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

जानकारों का कहना है कि पहले कामकाजी महिलाएं नौकरी छूटने के डर से बड़े बच्चों को गोद लेने से कतराती थीं, क्योंकि उन्हें ऑफिस से छुट्टी नहीं मिलती थी। अब 3 महीने की छुट्टी का अधिकार मिलने से बच्चा गोद लेने की दर में 15 से 20 प्रतिशत तक की बड़ी बढ़त देखने को मिल सकती है।

चंद्रमा के दिशा परिवर्तन से किन राशियों की बदलेगी किस्मत? पढ़ें राशिफल


अंक ज्योतिष और ज्योतिषीय के नजरिए से 10 मार्च का दिन बेहद खास है। बुधवार के साथ मूलांक 2 का मेल यह बताता है कि आज भावनाओं और समझदारी के बीच संतुलन बनाकर काम करने से बड़े लाभ होंगे। वृश्चिक राशि में चंद्रमा की मौजूदगी गहरे शोध और छिपे हुए अवसरों को सामने लाने में मदद करेगी।

आज उन लोगों के लिए दिन बेहतरीन है जो टीम वर्क, नई पार्टनरशिप या किसी क्रिएटिव प्रोजेक्ट से जुड़े हैं। यदि आप अपनी अंदर की आवाज सुनकर फैसले लेते हैं, तो आज का दिन आपके जीवन में कोई बड़ा और सकारात्मक मोड़ ला सकता है।

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सभी 12 राशियों का राशिफल

मेष राशि

आज पूरी एनर्जी के साथ नई शुरुआत का दिन है। टीम को साथ लेकर चलना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

क्या करें: नई प्लानिंग पर काम शुरू करें और नेतृत्व संभालें। अच्छी सेहत के लिए एक्सरसाइज शुरू करें।

क्या न करें: जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला न लें। साथ ही विवादों से दूर रहें।

वृषभ राशि

आर्थिक मजबूती के लिए यह दिन अच्छा है। इंवेस्टमेंट के नए ऑप्शन पर विचार किया जा सकता है।

क्या करें: परिवार को टाइम दें और अपनी स्किल्स को बेहतर बनाने पर काम करें।

क्या न करें: बिना सोचे-समझे खर्च करने या किसी को उधार देने से बचें।

मिथुन राशि

आज आपकी बातचीत और नेटवर्किंग आपको सफलता दिलाएगी। कुछ नया सीखने के लिए दिन शुभ है।

क्या करें: नए लोगों से मिलें और क्रिएटिव काम में समय बिताएं।

क्या न करें: अफवाहों पर ध्यान न दें और गपशप में अपना समय बर्बाद न करें।

कर्क राशि

आज का दिन घर और परिवार के नाम रहेगा। इमोशनल रूप से आप खुद को मजबूत महसूस करेंगे।

क्या करें: मां की सलाह लें और घर के रुके हुए काम पूरे करें।

क्या न करें: भावुक होकर पुरानी कड़वी बातों या विवादों को दोबारा न उखाड़ें।

सिंह राशि

कार्यक्षेत्र में आपकी धाक जमेगी। ऑफिस की मीटिंग्स में आपके आइडियाज की सराहना हो सकती है।

क्या करें: आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें और जरूरी प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी लें।

क्या न करें: स्वभाव में अहंकार न आने दें और काम निपटाने में जल्दबाजी न करें।

कन्या राशि

बारीकियों पर ध्यान देना आज आपको दूसरों से आगे रखेगा। अटके हुए काम पूरे करने का सही समय है।

क्या करें: अपनी सेहत का ख्याल रखें और नई स्किल सीखने पर जोर दें।

क्या न करें: दूसरों की बहुत ज्यादा आलोचना करने या हर चीज में परफेक्शन खोजने से बचें।

तुला राशि

रिश्तों और पार्टनरशिप के लिए यह दिन शानदार है। सामाजिक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी।

क्या करें: पार्टनर के साथ तालमेल बिठाएं और म्यूजिक के मजे लें।

क्या न करें: किसी भी बहस में न पड़ें और अकेले बड़े फैसले लेने से बचें।

वृश्चिक राशि

आज आपका ही दिन है क्योंकि चंद्रमा आपकी ही राशि में है, जिससे आपकी आंतरिक शक्ति बढ़ेगी। पुराने रहस्यों या समस्याओं का हल मिल सकता है।

क्या करें: निवेश के मामलों पर गहराई से विचार करें और खुद में बदलाव लाने की कोशिश करें।

क्या न करें: मन में गुस्सा न पालें और जरूरी बातों को छिपाकर न रखें।

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धनु राशि

भाग्य आपके साथ है, विशेषकर शिक्षा और यात्रा के मामले में। गुरु कृपा से बिगड़े काम बनेंगे।

क्या करें: भविष्य के लिए लंबी योजनाएं बनाएं और पढ़ाई पर ध्यान दें।

क्या न करें: अपनी क्षमता से बाहर जाकर बड़े वादे न करें और अति-उत्साह से बचें।

मकर राशि

करियर में स्थिरता और तरक्की के योग हैं। सीनियर्स का सहयोग आपको आगे बढ़ने में मदद करेगा।

क्या करें: अनुशासन बनाए रखें और अपने निवेश की दोबारा जांच करें।

क्या न करें: काम के चक्कर में अपनी सेहत को नजरअंदाज बिल्कुल न करें।

कुंभ राशि

तकनीकी और सामाजिक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी। दोस्तों के साथ मिलकर कुछ नया कर सकते हैं।

क्या करें: नए विचारों को लागू करें और ग्रुप प्रोजेक्ट्स में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।

क्या न करें: अकेले रहने की कोशिश न करें और अपनी बात को लेकर जिद न अड़ाएं।

मीन राशि

आज का दिन शांति और सुकून भरा रहेगा। अध्यात्म और सेवा भाव से आपको मानसिक शांति मिलेगी।

क्या करें: दान-पुण्य करें, क्रिएटिव राइटिंग या कला में समय बिताएं और आराम करें।

क्या न करें: ख्याली पुलाव या भ्रम में न रहें और फिजूलखर्ची पर लगाम लगाएं।

डिस्क्लेमर: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत जानकारी के लिए ज्योतिषि से संपर्क करें।

कौन था बिलाल आरिफ सलाफी जिसकी हत्या से लोग जोड़ रहे धुरंधर कनेक्शन?


पाकिस्तान के मुरीदके में ईद के मौके पर एक सनसनीखेज घटना घटी है, जहां आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर बिलाल आरिफ की हत्या कर दी गई। इस हत्या से ज्यादा उसका तरीका चर्चा का केंद्र बन गया है। हत्या के स्टाइल को देखते हुए लोगों ने सोशल मीडिया पर इसे धुरंधर फिल्म से जोड़ना शुरू कर दिया है। जिस तरह बिलाल की हत्या की गई है, उसी तरह का मर्डर सीन धुरंधर फिल्म में दिखाया गया है।

21 मार्च को मुरीदके में बिलाल आरिफ मस्जिद से नमाज पढ़कर बाहर आए ही थे कि हमलावरों ने उन पर गोली चलाई और चाकू से कई बार वार किए। हत्या की वजह अभी आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आई है। बिलाल के मर्डर का स्टाइल नया नहीं है, इससे पहले भी इसी तरीके से लोगों की हत्या हो चुकी है। बिलाल आरिफ की मौत के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसके कमेंट बॉक्स में लोग कह रहे हैं कि यह धुरंधर फिल्म के मर्डर सीन जैसा है। अब सवाल उठता है कि बिलाल आरिफ कौन है, जिसकी इस प्रकार हत्या की गई है।

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कौन है बिलाल आरिफ सलाफी?

बिलाल आरिफ सलाफी लश्कर-ए-तैयबा का अहम चेहरा था। वह 2005 में ही इस संगठन से जुड़ा था। संगठन में नए लोगों को शामिल करने और फंडिंग इकट्ठा करने का काम करता था। बिलाल मुख्य तौर पर कई युवाओं को कश्मीर जिहाद नाम की कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित कर संगठन में जोड़ चुका था। संगठन में शामिल करने के बाद युवाओं को अपराधी और आतंकी बनाने के लिए ट्रेनिंग देता था। 2005 से अब तक बिलाल अहमद ने कई अपराधों को अंजाम दिया है।

बिलाल आरिफ सलाफी कई सालों से पाकिस्तान के मुरीदके में रह रहा था और वहीं उसकी हत्या की गई। मुरीदके को आतंकी संगठन का गढ़ माना जाता है, जहां हमेशा हाई सिक्योरिटी रहती है। इसके बावजूद यहां बिलाल को मौत के घाट उतार दिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक हमलावरों ने पहले से प्लानिंग की थी, जिस वजह से हत्या को अंजाम दिया गया।

इस हत्या के बाद अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि किसकी साजिश से इसे अंजाम दिया गया। कई जानकारों का मानना है कि शायद संगठन के दूसरे गुट ने यह हत्या करवाई है।

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धुरंधर स्टाइल में की गई हत्या

पाकिस्तान के मुरीदके में आतंकी संगठन चैन की नींद सोते थे, लेकिन बिलाल आरिफ की हत्या ने सबकी नींद उड़ा दी है। दिनदहाड़े हुई इस हत्या ने इलाके में दहशत फैला दी है।हत्या के बाद जमीन पर गिरे बिलाल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

वीडियो में देखा जा सकता है कि मर्डर के बाद अफरा-तफरी मच गई है। इस वीडियो को देखने के बाद कई एक्स अकाउंट्स पर लोगों ने कहा है कि यह हत्या बिल्कुल धुरंधर फिल्म के एक सीन जैसी है।

एक व्यक्ति ने वीडियो देखकर कहा, ‘धुरंधर की घटना अभी-अभी असल जिंदगी में घटी है, जो अविश्वसनीय है। इसे देखकर बहुत खुशी हुई।’

किरी नाम के व्यक्ति ने कहा, ‘अज्ञात बंदूकधारी भी धुरंधर 2 की रिलीज का जश्न मना रहे हैं।’

ईशा पूने ने कहा, ‘अभी भी काम चल रहा है। यह मर्डर सीन धुरंधर 3 में आएगा।’

कौन होगा CBI का अगला डायरेक्टर? इन नामों की चर्चा तेज

केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) के डायरेक्टर प्रवीण सूद का कार्यकाल अब खत्म होने की ओर है। 24 मई 2026 को उनके मौजूदा कार्यकाल की आखिरी तारीख है। उन्हें एक साल का सेवा विस्तार मिला था। केंद्र सरकार ने 7 मई 2025 को IPS प्रवीण सूद का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया था। उनकी रिटायरमेंट के बाद यह जिम्मेदारी किसे मिलेगी, इसे लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं।

सूत्रों के मुताबिक IPS शत्रुजीत कपूर और IPS अजय शर्मा का नाम भी इस रेस में शामिल है। प्रवीण सूद ने 25 मई 2023 को 2 साल के लिए सीबीआई निदेशक का पद संभाला था। पहले वह 24 मई 2025 को रिटायर होने वाले थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली चयन समिति की एक बैठक हुई, जिसके बाद बीते साल उनका कार्यकाल बढ़ा दिया गया था।

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चयन समिति में देश के तत्कालीन चीफ जस्टिस में संजीव खन्ना और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी शामिल थे। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने चयन समिति की सिफारिश के आधार पर प्रवीण सूद का कार्यकाल 24 मई 2025 के बाद एक साल और बढ़ाने की मंजूरी दी थी।

कौन हो सकता है अगला CBI डायरेक्टर?

IPS अजय शर्मा और IPS शत्रुजीत कपूर।

IPS अजय शर्मा का नाम चर्चा में

साल 1989 बैच के IPS अधिकारी हैं। वह भी CBI डायरेक्टर पद के प्रबल दावेदार हैं। उनके पास राज्य के विजिलेंस विभाग में 14 साल के कार्यकाल का अनुभव है। प्रवीण सूद की तरह, अजय शर्मा भी कभी CBI में नहीं रहे।

वह मध्य प्रदेश कैडर के सबसे अमीर IPS अधिकारी भी हैं। गृह मंत्रालय को उन्होंने अपने आयकर विवरण में यह जानकारी दी है। उनकी घोषित संपत्ति 11.65 करोड़ रुपये से ज्यादा है।

अजय कुमार शर्मा के पास कई विभाग है। वह मध्य प्रदेश में विशेष पुलिस महानिदेशक, हाउसिंग कॉर्पोरेशन पर तैनात हैं। वह सीनीयरिटी रेस में डीजीपी कैलाश मकवाना के बाद राज्य में दूसरे स्थान पर है। अजय कुमार शर्मा का जन्म 15 अगस्त 1966 को हुआ था। 20 अगस्त 1989 को उन्होंने IPS की ट्रेनिंग शुरू कर दी थी।

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IPS शत्रुजीत सिंह कपूर भी हैं रेस में

शत्रुजित सिंह कपूर 1990 बैच के IPS अधिकारी हैं। जनवरी 2026 में उन्हें भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) का चीफ बनाया गया था। वह सीनियर अधिकारी हैं। हरियाणा पुलिस के महानिदेश के तौर पर सेवाएं दे चुके हैं। DGP बनने से पहले, उन्होंने एंटी करप्शन ब्यूरो के डायरेक्टर के तौर पर सेवाएं दी हैं। उन्हें हरियाणा बिजली वितरण निगमों के सीएमडी जैसे प्रमुख पदों नियु्क्त किया जा चुका है। हरियाणा सरकार ने IPS वाई पूरण कुमार की कथित आत्महत्या को लेकर हुए हंगामे के बाद छुट्टी पर भेज दिया गया था। 2 महीने बाद उन्हें ITBP में अहम जिम्मेदारी दी गई।

बृहस्पति के दिन रुके हुए सारे काम होंगे पूरे, जानें किन राशियों की बदलेगी किस्मत


ज्योतिष नजरिए से अगर देखा जाए तो हर दिन किसी न किसी राशि के लिए बेहद खास होता है। 12 मार्च, गुरुवार का दिन, मूलांक 3 भी है, जिसके स्वामी खुद बृहस्पति हैं। जब गुरु का प्रभाव इतना ज्यादा हो और चंद्रमा धनु राशि में गोचर कर रहे हों, तो यह समय नई शुरुआत, पढ़ाई-लिखाई और लंबी यात्राओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं होता।

आज की ऊर्जा हमें पॉजीटिव रहने और बड़े सपने देखने की प्रेरणा दे रही है। अगर आप काफी समय से किसी नए काम की योजना बना रहे थे, तो आज का दिन उसे धरातल पर उतारने के लिए सबसे सटीक है। छोटे-छोटे प्रयास भी आज आपको उम्मीद से बड़ा परिणाम दे सकते हैं।

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जानें आपकी राशि का हाल

मेष राशि

किस्मत आपके साथ कदम से कदम मिलाकर चलेगी। नए प्रोजेक्ट हाथ में लें और टीम का नेतृत्व करें।

क्या करें: अच्छे लोगों से सलाह लें। इंवेस्टमेंट की ओर कदम बढ़ाएं।

क्या न करें: गुस्से में कोई फैसला न लें। पुरानी गलतियों को याद न करें।

वृषभ राशि

आर्थिक मोर्चे पर यह दिन राहत भरा है। कुछ ऐसे मौके मिल सकते हैं जिनकी आपने उम्मीद नहीं की थी।

क्या करें: घर-परिवार के साथ वक्त बिताएं। पैसों के लिए सही बजट बनाएं।

क्या न करें: बिना सोचे-समझे पैसे खर्च न करें। फालतू के झगड़ों से दूर रहें।

मिथुन राशि

आज आपकी बातों का जादू चलेगा। लोगों से मिलना-जुलना आपके लिए फायदेमंद साबित होगा।

क्या करें: मीटिंग्स और बातचीत में एक्टिव रहें, कुछ नया सीखने की कोशिश करें।

क्या न करें: सुनी-सुनाई बातों या अफवाहों पर भरोसा न करें।

कर्क राशि

मानसिक शांति और सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी का दिन है। घर का माहौल खुशनुमा रहेगा।

क्या करें: बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लें। घर के जरूरी काम निपटाएं।

क्या न करें: अकेले भारी फैसले न लें। भावनाओं में न बहे।

सिंह राशि

आज आपके आत्मविश्वास और साहस का कोई जवाब नहीं। समाज में मान-सम्मान बढ़ने के योग हैं।

क्या करें: बड़े प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी लें। अपनी कला का प्रदर्शन करें।

क्या न करें: घमंड से बचें और अपनी सेहत को नजरअंदाज न करें।

कन्या राशि

नौकरी और सेहत के मामले में स्थितियां बेहतर होंगी। अनुशासन में रहकर आप बड़ी जीत हासिल कर सकते हैं।

क्या करें: अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित रखें और रूटीन चेकअप करवाएं।

क्या न करें: दूसरों की बुराई करने से बचें और बेवजह की चिंता न पालें।

तुला राशि

रिश्तों और पार्टनरशिप के लिए आज का दिन बेहतरीन है। भाग्य आपके हर काम में सहयोग करेगा।

क्या करें: अपने पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम बिताएं।

क्या न करें: किसी भी बात को टालने की आदत न रखें और विवाद से बचें।

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वृश्चिक राशि

आज आपको कुछ ऐसी छिपी जानकारियां मिल सकती हैं जो भविष्य में लाभ देंगी। रिसर्च के काम में सफलता मिलेगी।

क्या करें: सोच-समझकर निवेश करें और अपने काम पर बारीकी से ध्यान दें।

क्या न करें: जल्दबाजी में कोई काम न बिगाड़ें और गुस्से पर काबू रखें।

धनु राशि

आज आप सबसे ज्यादा भाग्यशाली हैं क्योंकि चंद्रमा आपकी ही राशि में हैं। आपके सपने सच होने का समय आ गया है।

क्या करें: लंबी यात्रा की योजना बनाएं और ज्ञान हासिल करने पर जोर दें।

क्या न करें: आलस में न रहे और एक्टिव रहें।

मकर राशि

करियर में मजबूती आएगी। आपकी पुरानी मेहनत का मीठा फल मिलने का समय है।

क्या करें: अधूरे पड़े कामों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें।

क्या न करें: मन में नकारात्मक विचार न लाएं, खुद पर भरोसा रखें।

कुंभ राशि

दोस्तों और सोशल नेटवर्क के जरिए कोई बड़ी मदद मिल सकती है। समाज में आपकी सक्रियता बढ़ेगी।

क्या करें: नए दोस्त बनाएं और ग्रुप एक्टिविटी में हिस्सा लें।

क्या न करें: खुद को अकेला न रखें, मेलजोल बढ़ाएं।

मीन राशि

धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और मन शांत रहेगा। कोई अच्छी खबर आपको खुश कर सकती है।

क्या करें: दान-पुण्य करें और आध्यात्मिक गतिविधियों से जुड़ें।

क्या न करें: जरूरी फैसलों को कल पर न टालें, आज ही निपटाएं।

डिस्क्लेमर: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत जानकारी के लिए ज्योतिषि से संपर्क करें।

‘अमेरिका ने हमला किया तो भारत पर हमला कर देना है..’, अब्दुल बासित ने क्यों कहा?


पाकिस्तान के पूर्व उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने भारत के खिलाफ एक बार फिर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर अमेरिका पाकिस्तान पर हमला करता है तो इस्लामाबाद बिना किसी हिचकिचाहट के भारत के कई प्रमुख शहरों को निशाना बना सकता है। उन्होंने यहां तक कहा मुंबई पर ही मिसाइल दाग देनी चाहिए।|

अब्दुल बासित ने कहा कि यह सबसे खराब स्थिति हो सकती है। उन्होंने कहा था कि वह ऐसा नहीं चाहते, लेकिन ऐसी स्थिति में भारत उनका डिफॉल्ट लक्ष्य होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका या इजरायल पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम पर हमला करने की स्थिति में भी यही रास्ता अपनाएगा। पाकिस्तान अमेरिका तक नहीं पहुंच सकता है।

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अब्दुल बासित, पूर्व उच्चायुक्त, पाकिस्तान:-
‘अगर अमेरिका पाकिस्तान पर हमला करता है तो हमें भारत पर हमला करना होगा। हमारे मिसाइल अमेरिका तक नहीं पहुंच सकतीं, लेकिन हम भारत में मुंबई और नई दिल्ली पर बिना किसी दूसरी सोच के हमला करेंगे। हम इसे नहीं छोड़ेंगे, बाद में जो होगा देखा जाएगा।’

पाकिस्तान को उकसा रहे अब्दुल बासित?

यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में पहले से ही तनाव चरम पर है। अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत हो गई थी। देश के आम नागरिकों को निशाना बनाया गया था। इस हमले के जवाब में भारत ने मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर चलाया, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ढांचे पर हमले किए गए।

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ऑपरेशन सिंदूर का सबक भूल रहा पाकिस्तान?

भारत ने इस ऑपरेशन में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिदीन के कई ठिकानों को तबाह किया था। हमले में 100 से ज्यादा आतंकियों को मारा गया था।

कौन हैं अब्दुल बासित?

अब्दुल बासित 2014 से 2017 तक भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त रह चुके हैं। भारत और पाकिस्तान के संबंध, तब भी तनावपूर्ण थे। उनके बयान ने एक बार फिर क्षेत्रीय चिंताएं बढ़ा दी हैं। भारत सरकार ने अभी तक इस बयान पर कोई जवाब नहीं दिया है। लोग उनकी आलोचना कर रहे हैं।

एयरफोर्स का जवान ही बेच रहा था सेना के राज, पाकिस्तान की ISI से लिए पैसे


भारतीय वायु सेना के एक कर्मचारी को पुलिस ने जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। यह कर्मचारी राजस्थान और वायु सेना की इंटेलिजेंस टीमों की कड़ी निगरानी में थी। पकड़े गए शख्स का नाम सुमित कुमार है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज का रहने वाला है। वह असम के चबुआ एयरफोर्स स्टेशन पर काम कर रहा था। जांच में पता चला है कि सुमित पिछले काफी समय से पाकिस्तानी जासूसों के संपर्क में था और उसे भारतीय सेना से जुड़ी बेहद जरूरी और गोपनीय जानकारियां भेज रहा था।

इस जासूसी मामले की शुरुआत जनवरी 2026 में हुई जब राजस्थान पुलिस ने जैसलमेर से झबरा राम नाम के एक आदमी को पकड़ा। झबरा राम से जब कड़ी पूछताछ हुई, तो उसने बताया कि वह एक ऐसे गिरोह का हिस्सा है जो पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों के लिए काम करता है। उसी की बातों और बताए गए सुरागों के आधार पर जांच सुमित कुमार तक पहुंची। इसके बाद राजस्थान और एयरफोर्स इंटेलिजेंस ने मिलकर जाल बिछाया और सुमित को असम के डिब्रूगढ़ जिले से पकड़ लिया गया। अब उसे आगे की कार्रवाई के लिए जयपुर लाया गया है।

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वायु सेना के ठिकानों और मिसाइल की जानकारी लीक

जांच में पता चला है कि सुमित कुमार साल 2023 से ही दुश्मनों के साथ जुड़ा हुआ था। उसने वायु सेना के लड़ाकू विमानों की लोकेशन और मिसाइल सिस्टम से जुड़ी गुप्त बातें पाकिस्तानी एजेंटों को बताई थीं। इसके अलावा उसने राजस्थान के बीकानेर और असम के चबुआ एयरफोर्स स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था और वहां तैनात बड़े अधिकारियों के बारे में भी काफी डेटा लीक किया था। सुमित ने अपने नाम से सिम कार्ड लेकर पाकिस्तानी जासूसों के लिए सोशल मीडिया अकाउंट भी बनवाए थे ताकि वे आसानी से बातचीत कर सकें।

पैसों के लालच में की गई देश से गद्दारी

पुलिस की पूछताछ में सुमित ने कबूल किया है कि उसने यह सब पैसों के लालच में किया था। वह सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी जासूसों के जाल में फंसा था। शुरुआत में छोटी बातें बताने के बाद वह धीरे-धीरे उन्हें सेना की हर बड़ी गुप्त जानकारी देने लगा। इसके बदले में पाकिस्तानी एजेंट उसे ऑनलाइन पैसा भेजते थे। यह मामला दिखाता है कि कैसे दुश्मन देश सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके सरकारी कर्मचारी को अपना शिकार बना रहे हैं।

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सुमित पर दर्ज हुआ मुकदमा

पुलिस ने सुमित कुमार पर जासूसी विरोधी कड़े कानूनों यानी ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट और बीएनएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। उसे 22 मार्च को जयपुर के स्पेशल पुलिस स्टेशन में गिरफ्तार किया गया। अब जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि इस जासूसी नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि सुमित ने अब तक देश की सुरक्षा से जुड़ी और किचनी जरूरी जानकारियां दुश्मनों तक पहुंचाई हैं।

आयरन की कमी दूर करने में देसी तरीका क्यों बन रहा है डॉक्टरों की पसंद?


आज के मॉडर्न युग में जहां सप्लीमेंट्स का बोलबाला है, वहीं लोग एक बार फिर अपनी जड़ों की ओर लौट रहे हैं। लोहे की कड़ाही में खाना पकाना और गुड़, चना व हरी पत्तेदार सब्जियों जैसे पारंपरिक सुपरफूड्स का सेवन करना अब केवल दादी-नानी के नुस्खे नहीं रहे। कई रिसर्च बताते हैं कि जब हम लोहे के बर्तनों में एसीडिक खाना या सब्जियां पकाते हैं, तो भोजन में आयरन की मात्रा कई गुना बढ़ जाती है, जिसे शरीर को इसे आसानी से सोखने में मदद मिलती है।

डॉक्टर और शोधकर्ता इस बदलाव को एक सस्टेनेबल हेल्थ यानी की सतत स्वास्थ्य के रूप में देख रहे हैं। डॉक्टर अब केवल दवाइयों पर निर्भर रहने के बजाय डायट में बदलाव की सलाह दे रहे हैं, क्योंकि प्राकृतिक स्रोतों से प्राप्त आयरन का अवशोषण शरीर में बेहतर होता है। साथ ही इसके नुकसान, जैसे कब्ज या पेट की समस्या, न के बराबर होते हैं।

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डॉक्टर और शोध क्या कहते हैं?

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के विभिन्न अध्ययनों ने पुष्टि की है कि खाने में कई तरह के फायदेमंद चीजों के सेवन से एनीमिया से लड़ने में बहुत मदद मिलती है।
  • वहीं ‘जर्नल ऑफ फूड साइंस’ में छपे एक रिसर्च के अनुसार, लोहे की कड़ाही में खाना बनाने से भोजन में आयरन की मात्रा में 16% से 20% तक की वृद्धि हो सकती है।
  • कई बड़े स्वास्थ्य संस्थान जैसे टाटा ट्रस्ट और ‘द लैंसेट’ आदि ने माना है कि ‘फोर्टिफाइड’ पारंपरिक भोजन, लोहे की कड़ाही में पका भोजन ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में हीमोग्लोबिन बढ़ाने में सफल रहा है।

पारंपरिक खान-पान के प्रमुख फायदे

प्राकृतिक अवशोषण: सप्लीमेंट्स की तुलना में भोजन से मिलने वाला आयरन शरीर के अंगों पर दबाव नहीं डालता क्योंकि यह आपके शरीर में नेचुरल तरीके से अवशोषित होने की ताकत रखता है। इसके साथ ही पारंपरिक भोजन में अक्सर नींबू या आंवले का प्रयोग होता है। वैज्ञानिक रूप से, विटामिन C आयरन के अवशोषण को बढ़ा देता है।

नेचुरल तरीके से जो भी चीजें उपलब्ध है वह महंगी दवाओं की तुलना में अत्यंत सस्ते और सुलभ है। सिंथेटिक आयरन टैबलेट्स से होने वाली प्रॉब्लम जैसे जी मिचलाने या पाचन की समस्या इसमें नहीं होती।

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आयरन बढ़ाने वाले प्रमुख स्रोत

  • इसमें गुड़ और काला चना का प्रयोग सबसे ज्यादा होता है। इसे आयरन और फोलेट का पावरहाउस माना जाता है। यह काफी सस्ता और आसानी से मिलने वाला ऑप्शन है।
  • सहजन या मोरिंगा जिसमें आयरन की मात्रा पालक से भी कहीं अधिक होती है।
  • लोहे की कड़ाही में खाना पकाने के दौरान भोजन में आयरन के कण मिल जाते हैं।
  • बाजरा और रागीये मोटे अनाज आयरन के समृद्ध स्रोत हैं।

हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि हम अपनी थाली में विविधता लाएं और पारंपरिक खाना पकाने के तरीकों को अपनाएं, तो एनीमिया जैसी गंभीर समस्या को बिना किसी दवा के जड़ से खत्म किया जा सकता है।

कन्याकुमारी का अनोखा शक्तिपीठ, जहां एक ही शिवलिंग में बसते हैं तीनों देव


तमिलनाडु में कन्याकुमारी के पास एक ऐसा पावन धाम है, जिसे हम ‘शुचींद्रम शक्तिपीठ’ के नाम से जानते हैं। इसे ‘स्थाणु माल अयन’ मंदिर भी कहा जाता है। इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां के एक ही शिवलिंग में आपको ब्रह्मा, विष्णु और महेश, तीनों देवताओं के दर्शन एक साथ हो जाते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब भगवान शिव माता सती के पार्थिव शरीर को लेकर जा रहे थे, तब यहां उनके ऊपरी जबड़े का दांत गिरा था, जिसके बाद यह स्थान 51 शक्तिपीठों में शामिल हो गया।

इस मंदिर के नाम शुचींद्रम के पीछे भी एक दिलचस्प कहानी है। कहा जाता है कि महर्षि गौतम के शाप से मुक्ति पाने के लिए देवराज इंद्र ने इसी स्थान पर स्नान किया था और उन्हें शुचिता यानी पवित्रता प्राप्त हुई थी। आज भी श्रद्धालुओं का मानना है कि यहां दर्शन और स्नान करने से मन पवित्र हो जाता है और पुराने पापों से मुक्ति मिलती है। यहां माता ‘नारायणी’ के रूप में विराजमान हैं और उनके साथ भगवान शिव ‘संहार भैरव’ के रूप में उनकी रक्षा करते हैं।

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मंदिर की कुछ खास बातें

22 फीट ऊंचे हनुमान जी: मंदिर परिसर में भगवान हनुमान की एक विशाल प्रतिमा है, जिसे सिर्फ एक ही पत्थर को तराश कर बनाया गया है। इसकी ऊंचाई और भव्यता देखकर भक्त दंग रह जाते हैं।

बोलते हुए संगीत स्तंभ: यहां की नक्काशी इतनी बारीक है कि मंदिर के पत्थर के खंभों को थपथपाने पर उनसे संगीत की मधुर आवाज निकलती हैं। यह प्राचीन भारतीय वास्तुकला का एक बेजोड़ नमूना है।

हीरों से चमकती माता: नवरात्रि और चैत्र पूर्णिमा जैसे खास मौकों पर माता नारायणी का श्रृंगार असली हीरों से किया जाता है। उस समय मां का दिव्य रूप देखने लायक होता है।

बाणासुर का अंत: लोक मान्यताओं के अनुसार, इसी क्षेत्र में माता ने अत्याचारी राक्षस बाणासुर का वध किया था। यहां माता के मंदिर के पास ही उनकी सखी भद्रकाली का भी मंदिर स्थित है।

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कैसे पहुंच सकते हैं?

यह मंदिर कन्याकुमारी-तिरुवनंतपुरम रोड पर स्थित है। अगर आप शांति, अध्यात्म और इतिहास में रुचि रखते हैं, तो यहां की यात्रा आपके लिए एक यादगार अनुभव साबित हो सकती है।

नोट: इस खबर में लिखी गई बातें धार्मिक और स्थानीय मान्यताओं पर आधारित हैं। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।

उड़ान भरते ही हुई महिला की मौत, फ्लाइट में 13 घंटे तक किया सफर, उठती रही बदबू


ब्रिटिश एयरवेज की एक फ्लाइट में एक अजीब घटना घटी, जब एक महिला की मौत के बाद यात्रियों को 13 घंटे तक लाश के साथ सफर करना पड़ा। यह फ्लाइट हांगकांग से लंदन जा रही थी। उड़ान भरने के सिर्फ एक घंटे बाद ही एक 60 साल की महिला की अचानक मौत हो गई। महिला अपने परिवार के साथ यात्रा कर रही थी। पायलट ने विमान को रास्ते में कहीं और उतारने के बजाय सीधे लंदन ले जाने का फैसला किया, जिससे विमान में मौजूद 300 यात्रियों को मजबूरी में उस बॉडी के साथ ही पूरा सफर तय करना पड़ा।

नियमों के मुताबिक, अगर किसी यात्री की मौत हो जाती है, तो उसे ‘मेडिकल इमरजेंसी’ नहीं माना जाता क्योंकि अब उसे डॉक्टर की जरूरत नहीं होती। पायलटों को लगा कि अगर वे किसी और देश में विमान उतारेंगे, तो पुलिस और कागजी कार्रवाई में बहुत वक्त बर्बाद होगा और बाकी यात्री परेशान होंगे। इसलिए उन्होंने विमान को सीधा लंदन ले जाना ही ठीक समझा।

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शव को रखने की जगह

जब महिला की मौत हुई, तो क्रू के सामने सबसे बड़ी दिक्कत यह थी कि शव को कहां रखा जाए। पहले सोचा गया कि उसे टॉयलेय में रख दें लेकिन फिर बाद में शव को विमान के पिछले हिस्से में उस जगह रखा गया जहां खाना-पीना रखा जाता है (जिसे गैली कहते हैं)। शव को अच्छी तरह से लपेटकर वहां शिफ्ट कर दिया गया।

सफर के दौरान एक बड़ी दिक्कत तब आई जब उस जगह की फर्श गरम होने लगी। क्रू ने इस बात पर ध्यान नहीं दिया। गर्मी की वजह से कुछ घंटों बाद शव से बदबू आने लगी, जिससे पीछे बैठे यात्रियों को बहुत परेशानी हुई और पूरे विमान में अजीब सा माहौल बन गया।

लंदन पहुंचने के बाद क्या हुआ?

जैसे ही विमान लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पर उतरा, पुलिस तुरंत अंदर आ गई। सभी यात्रियों को करीब 45 मिनट तक अपनी सीट पर ही बैठने को कहा गया ताकि पुलिस अपनी जांच पूरी कर सके। इसके बाद ही शव को बाहर निकाला गया और यात्रियों को जाने दिया गया।

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एयरलाइन का जवाब

ब्रिटिश एयरवेज ने इस घटना पर दुख जताया है और कहा कि उनके स्टाफ ने नियमों के हिसाब से ही काम किया। इस घटना के बाद विमान के कुछ क्रू मेंबर्स इतने सदमें में थे कि उन्होंने कुछ दिनों की छुट्टी ले ली है।

पश्चिम एशिया के संकट से कैसे उबरेगा भारत? लोकसभा में PM मोदी ने बताया


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया के तनाव पर पहली बार संसद में संबोधित दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि प्रभावित देशों में काम कर रहे मिशन, भारतीयों की मदद कर रहे हैं। पर्यटकों से लेकर वहां काम कर रहे लोगों को मदद दी जा रही है। प्रभावित देशों में 24 घंटे निगरानी की जा रही है। सभी प्रभावित देशों को जरूरी जानकारियां दी जा रही है। देश-विदेश में भारतीयों की प्राथमिकता हमारी प्राथमिकता रही है। 3.75 से ज्यादा भारतीय लौट चुके हैं। ईरान से 1 हजार भारतीय सुरक्षित लौटे हैं। 700 से ज्यादा मेडिकल की पढ़ाई करने वाले युवा हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘जब से यह युद्ध शुरू हुआ है, प्रभावित देशों में हर भारतीय को मदद दी गई है। मैंने ज़्यादातर पश्चिम एशियाई देशों के राष्ट्राध्यक्षों से 2 बार फ़ोन पर बात की है। सभी ने भारतीयों की सुरक्षा का भरोसा दिया है। संघर्ष के दौरान कुछ लोगों की जान गई है और कुछ घायल हुए हैं।’

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नरेंद्र मोदी, प्रधानमत्री:-
‘मैं पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और इस कारण भारत में आई समस्या पर बात रखने के लिए उपस्थित हुआ हूं। वहां हालात चिंताजनक हैं। इस संकट को 3 सप्ताह से ज्यादा हो रहा है। इससे पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था और लोगों के जीवन पर विपरीत असर हो रहा है। भारत के सामने भी इस युद्ध ने अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी की हैं।’

पश्चिम एशिया के तनाव को रोकने के लिए भारत क्या कर रहा है?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘मैंने सभी पक्षों से तनाव कम करने की अपील की है। नागरिक, एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर और ट्रांसपोर्ट पर हमला करने की भारत निंदा करता है। ऐसे हमले मंजूर नहीं हैं। मैंने सभी से तनाव कम करने की अपील की है। अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर रोक की अपील भारत करता रहा है। भारत हमेशा से मानवता के हित में और शांति के पक्ष में आवाज उठाता रही है। बातचीत और कूटनीति से ही राह निकालने की कोशिश हो सकती है।’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी:-
एक बड़ा सवाल यह है कि युद्ध का खेती पर क्या प्रभाव होगा। देश के किसानों ने हमारे अन्न के भंडार भर रखे हैं, इसलिए भारत के पास पर्याप्त खाद्यान्न है। हमारा यह भी प्रयास है कि खरीफ सीजन की ठीक से बुआई हो सके। सरकार ने बीते सालों में आपात स्थिति से निपटने के लिए खाद की पर्याप्त व्यवस्था भी की है।

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किसानों की सुरक्षा के लिए क्या कर रही है सरकार?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘देश के किसानों को संकट से बचाने के लिए ऐसे कदम उठाए गए हैं। 76 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा यूरिया उत्पादन भारत कर रहा है। भारत ने तेल और गैस की तरह खाद के आयात को भी बढ़ाया गया है। सरकार ने मैड इन नैनो यूरिया का विकल्प भी दिया है। सरकार किसानों को प्राकृतिक योजना के लिए भी प्रेरित कर रही है। किसानों को 22 लाख से ज्यादा सोलर पंप दिए गए हैं। डीजल पर उनकी निर्भरता कम हुई है। देश के किसानों को भरोसा दिलाता हूं सरकार किसानों की हर संभव मदद करती रहेगी।’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘देश के किसानों ने अनाज भंडार भर रखा है। भारत के पास पर्याप्त अनाज है। सरकार ने आपात स्थिति से निपटने के लिए अनाज की पर्याप्त व्यवस्था की है। अतीत में भी भारत सरकार ने किसानों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ने दिया था। युद्ध के दौरान वैश्विक चेन सप्लाई में बाधा आई थी। दुनिया के बाजार में यूरिया की कीमत 3 हजार पहुंच गई थी, तब भारतीय किसानों को 300 रुपये में यूरिया मिली।’

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होर्मुज पर क्या निकाल रहा है भारत?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘बीते दिनों हॉर्मुज स्ट्रेट में फंसे हमारे कई जहाज भारत आए भी हैं। संकट के इस समय में देश की एक और तैयारी भी है, जो बहुत काम आ रही है। पिछले 11 साल में इथेनॉल के उत्पादन और उसकी ब्रॉन्डिग पर अभूतपूर्व काम हुआ है।’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘एक दशक पहले तक देश में सिर्फ एक से डेढ़ प्रतिशत इथेनॉल बैंडिंग कैपसिटी थी। आज हम पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल बैंडिंग के करीब पहुंच रहे हैं। इसके कारण प्रति वर्ष करीब साढ़े 4 करोड़ बैरल कम ऑयल इम्पोर्ट करना पड़ रहा है।’

सरकार का एथेनॉल प्लान क्या है?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी:-
एक दशक पहले तक देश में सिर्फ एक से डेढ़ प्रतिशत एथेनॉल बैंडिंग कैपसिटी थी। आज हम पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल बैंडिंग के करीब पहुंच रहे हैं। इसके कारण प्रति वर्ष करीब साढ़े 4 करोड़ बैरल कम ऑयल इम्पोर्ट करना पड़ रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘बीते दिनों हॉर्मुज स्ट्रेट में फंसे हमारे कई जहाज भारत आए भी हैं। संकट के इस समय में देश की एक और तैयारी भी है, जो बहुत काम आ रही है। पिछले 11 साल में इथेनॉल के उत्पादन और उसकी ब्रॉन्डिग पर अभूतपूर्व काम हुआ है।’