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महराजगंज के मिठौरा ब्लॉक स्थित खजुरिया गांव में ‘गांव बांधने’ की अनोखी परंपरा का पालन किया गया। ग्रामीणों ने दैवीय सुरक्षा और सुख-समृद्धि के लिए सायर माता की विशेष पूजा आयोजित की। यह अनुष्ठान हर तीन साल में एक बार होता है, जिसका उद्देश्य गांव को बाहरी बीमारियों, महामारियों और नकारात्मक प्रभावों से बचाना है। पूजा के दौरान गांव के पुजारी और बुजुर्गों ने विशेष विधि-विधान से गांव की चारों दिशाओं की सीमाओं पर पूजा-अर्चना की। स्थानीय परंपरा के अनुसार, गांव की सीमा पर प्रतीकात्मक रूप से सुरक्षा सूत्र बांधे गए और विशेष अनुष्ठान संपन्न कराया गया। ग्रामीण इसे “गांव बांधने” की परंपरा कहते हैं। अनुष्ठान की अवधि में गांव में बाहरी व्यक्तियों और वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहा। ग्रामीणों ने भी इस दौरान गांव की सीमा से बाहर जाने से परहेज किया। मान्यता है कि यह अनुष्ठान गांव को हैजा, संक्रामक रोगों और अन्य दैवीय प्रकोपों से बचाता है। गांव के बुजुर्गों के अनुसार, यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है और हर तीन वर्ष बाद पूरे गांव की सहभागिता से इसका निर्वहन किया जाता है। अनुष्ठान के समापन पर गांव की शांति, खुशहाली, आरोग्य और जन-धन की सुरक्षा की कामना की गई। इसके बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया।



