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मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन प्लांट की मॉक ड्रिल:पांच पीएसए व एक एलएमओ प्लांट काम करते मिले


बहराइच में महाराजा सुहेलदेव स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं महर्षि बालार्क चिकित्सालय में स्थापित पीएसए व एलएमओ ऑक्सीजन प्लांटों की मॉक ड्रिल शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे सफलतापूर्वक आयोजित की गई। शासन के नामित प्रतिनिधि डॉ. विपिन की अध्यक्षता में एक टीम ने उपकरणों की कार्यक्षमता का परीक्षण किया। इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखना और मरीजों को बिना किसी बाधा के सुरक्षित ऑक्सीजन उपलब्ध कराना था। परीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में स्थापित सभी ऑक्सीजन प्लांटों को एक-एक कर चलाकर देखा गया। जांच में सभी प्लांट पूरी क्षमता के साथ क्रियाशील पाए गए और उनका संचालन संतोषजनक रहा। संस्थान के बुनियादी ढांचे के अनुसार, चिकित्सालय में वर्तमान में पांच पीएसए ऑक्सीजन प्लांट और एक एलएमओ प्लांट स्थापित हैं, जो पूरी तरह सक्रिय हैं। मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. संजय खत्री ने बताया कि अस्पताल में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है और इसकी निरंतर निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि संस्थान में स्थापित सभी पांच पीएसए और एक एलएमओ प्लांट पूरी क्षमता पर संचालित हैं, जिससे किसी भी आपातकालीन स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी पुख्ता इंतजाम मौजूद हैं। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस.के. वर्मा ने जोर देकर कहा कि नियमित मॉक ड्रिल से ऑक्सीजन प्रणाली की विश्वसनीयता बनी रहती है। उन्होंने बताया कि मेडिकल ऑक्सीजन गंभीर निमोनिया, अस्थमा, सीओपीडी, हृदय रोगियों, आईसीयू व ऑपरेशन थियेटर में भर्ती मरीजों और सांस की तकलीफ वाले नवजात शिशुओं के लिए जीवनदायिनी है। ऐसे में नियमित जांच से यह सुनिश्चित होता है कि आपात स्थिति में मरीजों को त्वरित सहायता मिले। इस अवसर पर प्लांट नोडल अधिकारी डॉ. यू.के. वर्मा, डॉ. निरमेश श्रीवास्तव, चिकित्सालय प्रबंधक डॉ. रिजवान, प्लांट ऑपरेटर सहित तकनीकी स्टाफ और अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।

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