
लखनऊ। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ,आईएमए, लखनऊ शाखा द्वारा बुधवार को आईएमए भवन में नेशनल प्लास्टिक सर्जरी डे एवं विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर एक वैज्ञानिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने प्लास्टिक सर्जरी के विभिन्न आधुनिक आयामों पर अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए। डॉ. मुक्ता वर्मा ने चेहरे का कायाकल्प, डॉ. ऋचा श्रीवास्तव ने स्तन में कमी, डॉ. नीरज उपाध्याय ने बाल प्रत्यारोपण, डॉ. विवेक सक्सेना ने अनचाहे बालों को हटाना तथा डॉ. रवि कुमार ने ओरल कैंसर सर्जरी के बाद जीवन विषय पर अपने विचार साझा किए।

वक्ताओं ने बताया कि महर्षि सुश्रुत को विश्वभर में प्लास्टिक सर्जरी का जनक माना जाता है। लगभग 2600 वर्ष पूर्व उन्होंने पुनर्निर्माण शल्य चिकित्सा एवं राइनोप्लास्टी जैसी तकनीकों का विस्तृत वर्णन किया था। यह भारत के लिए गर्व का विषय है कि हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में महर्षि सुश्रुत की प्रतिमा स्थापित की गई है, जो उनके वैश्विक योगदान और चिकित्सा विज्ञान में भारत की प्राचीन विरासत का सम्मान है। इस अवसर पर आईएमए लखनऊ की मानद सचिव डॉ.श्वेता श्रीवास्तव, प्रेसिडेंट-इलेक्ट डॉ. संजय सक्सेना तथा कार्यकारिणी सदस्य डॉ. रितु सक्सेना, डॉ. सीमा सिंह, डॉ. राजीव सक्सेना सहित अनेक वरिष्ठ चिकित्सक एवं आईएमए सदस्य उपस्थित रहे।












