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विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’’ दिवस के अवसर पर डी0पी0आर0सी0 हाल में हुआ भव्य प्रदर्शनी का आयोजन

 

मा0 जनप्रतिधिगणों एवं अधिकारियों ने प्रदर्शनी का फीता काटकर किया उद्घाटन

 

श्रावस्ती। सरकार के मंशानुसार जिले में 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ’’हर घर तिरंगा’’ कार्यक्रम के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। जिसके अन्तर्गत विकास भवन के निकट स्थित डी0पी0आर0सी0 हाल में आज ही के दिन हुए देश के बंटवारे की स्मृति में ’’विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’’ चित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। जिसका मा0 विधायक राम फेरन पाण्डेय, मा0 अध्यक्ष जिला पंचायत दद्दन मिश्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रो0 मिश्रीलाल वर्मा एवं जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने फीता काटकर उद्घाटन किया।

इस अवसर अपने संदेश में मा0 विधायक राम फेरन पाण्डेय ने कहा कि इतिहास का वह एक ऐसा क्षण था जिसने कई जिंदगियां तबाह कर दीं, लोगों के परिवार उजाड़ दिए और अपनों को खोने का गहरा दर्द दिया। ऐसी भीषण परिस्थितियों में भी लोगों ने शून्य से शुरुआत कर अपना जीवन पुनर्स्थापित किया और विपरीत परिस्थितियों को उपलब्धियों में बदलकर राष्ट्र निर्माण में अतुलनीय योगदान दिया।

इस अवसर पर मा0 जिला पंचायत अध्यक्ष दद्दन मिश्रा ने अपने सम्बोधन में कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से मा0 प्रधानमंत्री जी व मा0 मुख्यमंत्री जी ने विभाजन की त्रासदी का सामना करने वाले सेनानियों और परिवारों के संघर्ष को सम्मानित किया गया। उन्होने इस बात पर विशेष बल दिया है कि इतिहास के इस दर्दनाक अध्याय को याद रखने का उद्देश्य किसी के प्रति कटुता फैलाना नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और मानवीय संवेदनाओं को और अधिक सुदृढ़ करना है।

इस अवसर पर जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने कहा कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने तथा विकसित भारत के निर्माण की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने के हमारे संकल्प को और मजबूत करने का है। उन्होंने कहा कि अपने साहस और क्षमता से उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को साकार करने का उदाहरण प्रस्तुत किया। सभी से सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करने का आह्वान किया। जिलाधिकारी ने इस बात पर बल दिया कि परिश्रम, उद्यम और समर्पित प्रयासों से ही विविध कलाएं, विज्ञान, तकनीकी कौशल, शिल्प तथा नवाचार विकसित होते हैं और सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। किसी को भाग्य के भरोसे नहीं बैठना चाहिए बल्कि साहस, कर्मठता और निरंतर प्रयास के साथ अपने लक्ष्यों की ओर दृढ़ता से अग्रसर रहना चाहिए क्योंकि पुरुषार्थ ही भाग्य का निर्माता है तत्पश्चात् माननीय जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया। तत्पश्चात् विभाजन विभीषिका के दौरान अपने प्राणोत्सर्ग करने वाले लोगों की स्मृति में 02 मिनट का मौन धारण किया गया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारजन को प्रतीक चिन्ह व अंगवस्त्र दिया गया।इस दौरान जिला पंचायतरात अधिकारी नीलेश प्रताप सिंह, जिला समन्वयक राज कुमार त्रिपाठी, हरिगेन्द्र वर्मा, अधिकारी/कर्मचारी, स्कूली बच्चे एवं आम जनमानस उपस्थित रहे।

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