नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है। संसद मार्च के दौरान हुए बवाल और पुलिस कार्रवाई के बाद सोमवार शाम करीब पांच बजे दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को खाली करा दिया था, लेकिन करीब छह घंटे बाद प्रदर्शनकारी फिर लौट आए। देर रात तक बड़ी संख्या में समर्थक जंतर-मंतर पर डटे रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। ताजा घटनाक्रम को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और संसद भवन की ओर जाने वाले सभी मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

अभिजीत दीपके ने समर्थकों से मांगी माफी
मंगलवार सुबह CJP प्रमुख अभिजीत दीपके ने आंदोलन के दौरान घायल हुए समर्थकों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने विशेष रूप से उन महिला प्रदर्शनकारियों का उल्लेख किया, जिनके साथ पुलिस कार्रवाई के दौरान कथित रूप से दुर्व्यवहार हुआ। दीपके ने कहा कि वह अपने समर्थकों की सुरक्षा बेहतर ढंग से नहीं कर सके, जिसका उन्हें अफसोस है।

उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की मांगों को दबाने के लिए बल प्रयोग किया गया। दीपके ने कहा कि यदि कोई प्रदर्शनकारी घायल हुआ है तो वह उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलकर माफी मांगना चाहते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आंदोलन जारी रहेगा और अब यदि सरकार बातचीत करना चाहती है तो उसे जंतर-मंतर आकर प्रदर्शनकारियों से संवाद करना होगा।

संसद मार्ग पर सुरक्षा कड़ी, पुलिस सतर्क
दिल्ली पुलिस को आशंका है कि प्रदर्शनकारी एक बार फिर संसद की ओर मार्च करने का प्रयास कर सकते हैं। इसी कारण संसद भवन की ओर जाने वाले मार्गों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जंतर-मंतर तक आने-जाने का रास्ता खुला रखा गया है, जबकि पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल और निगरानी व्यवस्था तैनात कर दी गई है। विपक्षी नेताओं के भी प्रदर्शन स्थल पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।

प्रियंका गांधी और चंद्रशेखर आजाद ने सरकार को घेरा
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने छात्र आंदोलन का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार पर युवाओं की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों में बार-बार लापरवाही सामने आती है, लेकिन जिम्मेदार लोगों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की।
https://twitter.com/priyankagandhi/status/2079170227783537121?s=20
वहीं, आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख एवं सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने संसद परिसर में प्रदर्शन करते हुए कहा कि लोकतंत्र में असहमति को लाठी के बल पर नहीं दबाया जा सकता। उन्होंने छात्र आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि यदि सरकार बातचीत नहीं करेगी तो आंदोलन और तेज होगा।
https://twitter.com/TheEqualityLab/status/2079271192155033656?s=20
हिंसा के मामले में पांच FIR, ड्रोन उड़ाने पर भी केस
दिल्ली पुलिस ने संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा, पथराव, सरकारी कार्य में बाधा, पुलिसकर्मियों पर हमले और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामलों में अब तक पांच एफआईआर दर्ज की हैं। मामले संसद स्ट्रीट, कनॉट प्लेस और अन्य पुलिस थानों में दर्ज किए गए हैं। भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट और सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम (PDPP Act) की विभिन्न धाराओं के तहत जांच जारी है।
इसके अलावा बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने के मामले में भी अलग से एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
70 लोग हिरासत में, 118 से अधिक सुरक्षाकर्मी घायल
दिल्ली पुलिस के अनुसार हिंसा के मामले में अब तक लगभग 70 लोगों को हिरासत में लिया गया है। सोमवार को हुई झड़पों में 10 आईपीएस अधिकारियों सहित 118 से अधिक पुलिस और अर्द्धसैनिक बल के जवान घायल हुए। पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने अस्पताल पहुंचकर घायल जवानों का हालचाल जाना। अधिकारियों का कहना है कि हिंसा में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सोनम वांगचुक की हालत पर लगातार नजर
उधर, अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का इलाज दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में जारी है। अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार उनके जीवन रक्षक संकेत फिलहाल स्थिर हैं, लेकिन उनका ब्लड शुगर लगातार कम बना हुआ है। पोटैशियम का स्तर सामान्य से नीचे है और उन्हें पैनसाइटोपेनिया की समस्या भी बनी हुई है।

डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें लगातार चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है, हालांकि उन्होंने अंतःशिरा (IV) फ्लूइड और ग्लूकोज लेने से इनकार किया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने अस्पताल से उनकी स्वास्थ्य रिपोर्ट और मेडिकल बुलेटिन तलब किया है तथा उन्हें निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई जारी है।वहीं, सोनम वांगचुक ने स्पष्ट किया है कि जब तक छात्र प्रतिनिधियों को सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं मिलती या उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं होती, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा।

सरकार से बातचीत पर बदला रुख
इस बीच CJP प्रतिनिधियों की केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा से मुलाकात की भी चर्चा रही। हालांकि अभिजीत दीपके ने बाद में कहा कि अब सरकार से औपचारिक बातचीत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में समाधान चाहती है तो उसे जंतर-मंतर आकर प्रदर्शनकारियों से सीधे संवाद करना होगा।दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों को नहीं रोका जाएगा, लेकिन कानून-व्यवस्था भंग करने या हिंसा फैलाने की किसी भी कोशिश पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
https://twitter.com/sakshijoshii/status/2079154424250007698?s=20












