नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोमवार को राजधानी नई दिल्ली में हाल के दिनों में चर्चा में आए युवा मोहम्मद इरफान और उनके परिवार से मुलाकात की। इरफान वही युवा हैं, जिन्होंने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नामक अनोखे विरोध प्रदर्शन में भाग लिया था। इस प्रदर्शन के बाद वह सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गए थे।
राहुल गांधी ने मुलाकात के बाद अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर मोहम्मद इरफान और उनके परिवार के साथ तस्वीर साझा की। इसके साथ उन्होंने युवाओं के नाम एक संदेश भी लिखा। राहुल गांधी ने कहा कि “इरफान जैसे जागरूक, संवेदनशील और संविधान की समझ रखने वाले युवा ही भारत की असली ताकत हैं। ऐसे युवाओं से ही देश के बेहतर भविष्य की उम्मीद है।”
युवाओं के समर्थन का संदेश
राहुल गांधी की इस मुलाकात को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सिर्फ एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि उन छात्रों और युवाओं के प्रति समर्थन का संकेत है, जो विभिन्न मुद्दों पर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठा रहे हैं।
हाल के दिनों में देशभर में शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर छात्रों का आंदोलन तेज रहा है। इसी क्रम में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नाम से हुए विरोध प्रदर्शन ने भी व्यापक चर्चा बटोरी थी।
क्या था मामला?
मोहम्मद इरफान उस विरोध प्रदर्शन का हिस्सा थे, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई थी। प्रदर्शन का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में सुधार, कथित पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करना बताया गया था। प्रदर्शन का अनोखा नाम और तरीका सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद इरफान भी सुर्खियों में आ गए।
विपक्ष का रुख
राहुल गांधी ने इस मुलाकात के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि कांग्रेस लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में अपनी बात रखने वाले छात्रों और युवाओं के साथ खड़ी है। कांग्रेस लगातार शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरती रही है और इस मुलाकात को भी उसी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
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हालांकि, इस मुलाकात और राहुल गांधी के बयान पर सत्तापक्ष की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम को आने वाले समय में शिक्षा और युवा राजनीति के मुद्दों पर विपक्ष की सक्रियता के रूप में देखा जा रहा है।












