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बहराइच में उर्वरक दुकानों पर छापेमारी, 2 लाइसेंस निलंबित:अनियमितता मिलने पर 6 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी


बहराइच में उर्वरक विक्रेताओं के यहां औचक छापेमारी की गई। इस अभियान के तहत दो दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए गए, जबकि छह अन्य विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जनपद में गठित टीमों ने कुल 38 दुकानों पर छापेमारी की। जिला कृषि अधिकारी डॉ. सुबेदार यादव ने मिहीपुरवा और नानपारा तहसील में, उप कृषि निदेशक ने सदर में, वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ने पयागपुर में, तथा जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने कैसरगंज और महसी तहसील में अभियान चलाया। छापेमारी के दौरान, संदिग्धता पाए जाने पर 15 नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए। जिला कृषि अधिकारी के निरीक्षण में, बिक्री और स्टॉक में अनियमितता पाए जाने पर अंकित खाद भंडार, रायबोझा का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। इसी प्रकार, दुकान बंद कर भाग जाने के कारण रामकेवल वर्मा उर्वरक विक्रेता, निमिया धर्मकांटा, रायबोझा का लाइसेंस भी निलंबित किया गया। अभिलेख अपूर्ण पाए जाने पर भोला खाद भंडार, ज्योति खाद भंडार, निषाद अजय ट्रेडर्स, अखिलेश खाद एवं बीज भंडार (मिहीपुरवा) और महेश खाद एवं बीज भंडार (रायबोझा) सहित छह विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जिला कृषि अधिकारी ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि वे पीओएस मशीन से आधार कार्ड और खतौनी के आधार पर शासन द्वारा निर्धारित मूल्य पर उर्वरक की बिक्री करें। उन्हें उर्वरक वितरण के साथ-साथ स्टॉक और वितरण रजिस्टर तथा उर्वरक खरीदने वाले का रिकॉर्ड प्रतिदिन बनाए रखने के लिए भी कहा गया है। समस्त उर्वरक विक्रेताओं को चेतावनी दी गई है कि यदि किसी भी विक्रेता द्वारा अनियमितता बरती जाती है, सीमावर्ती राज्यों में कालाबाजारी की जाती है, या बिना लाइसेंस के उर्वरक बिक्री अथवा संदिग्ध उर्वरक बिक्री करते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985, उर्वरक (परिसंचरण नियंत्रण) आदेश 1973, और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिला कृषि अधिकारी ने जनपद बहराइच के सभी किसानों से अपील की है कि यदि कोई भी व्यक्ति संदिग्ध या बिना लाइसेंस के उर्वरक की बिक्री करता है, तो उसकी सूचना तत्काल जिला कृषि अधिकारी कार्यालय को दें।

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