करीब एक महीने के ग्रीष्मावकाश के बाद जब परिषदीय विद्यालयों के दरवाजे खुले तो शिक्षक तैयार मिले, लेकिन कक्षाओं में बच्चों की संख्या उम्मीद से काफी कम दिखाई दी। सिद्धार्थनगर के खेसरहा क्षेत्र में पहले दिन स्कूलों में साफ-सफाई, व्यवस्थाएं और नए सत्र की तैयारी तो दिखी, लेकिन खाली बेंच चर्चा का विषय बनी रहीं। अवकाश के बाद फिर शुरू हुई विद्यालयों की गतिविधियां गुरुवार को ग्रीष्मावकाश समाप्त होने के बाद खेसरहा क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियां दोबारा शुरू हुईं। शिक्षक समय पर विद्यालय पहुंचे और नए सत्र की शुरुआत की तैयारियों में जुट गए। शिक्षकों ने संभाली व्यवस्था, कराया सफाई अभियान कंपोजिट विद्यालय रेहरा में प्रधानाध्यापक अशोक कुमार सहित पूरा स्टाफ मौजूद रहा। शिक्षकों ने विद्यालय परिसर की साफ-सफाई कराई और आगामी दिनों के लिए शैक्षणिक वातावरण तैयार करने में समय लगाया। कई विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति रही कम प्राथमिक विद्यालय सुबही कनपुरवा और सुबही नगवा सहित अन्य विद्यालयों में भी शिक्षक मौजूद रहे, लेकिन बच्चों की संख्या अपेक्षाकृत कम देखने को मिली। कई कक्षाओं में सीमित संख्या में छात्र पहुंचे। पहले दिन खाली दिखीं कई बेंचें प्राथमिक विद्यालय बनुहिया बुजुर्ग में भी पूरा स्टाफ उपस्थित रहा, लेकिन छात्रों की उपस्थिति कम रही। इससे पहले दिन सामान्य शैक्षणिक गतिविधियां सीमित स्तर पर ही संचालित होती दिखाई दीं। शिक्षकों ने बताए कम उपस्थिति के कारण विद्यालय प्रशासन का कहना है कि बच्चों और अभिभावकों को पहले ही विद्यालय खुलने की जानकारी दे दी गई थी। कुछ शिक्षकों ने कम उपस्थिति की वजह भीषण गर्मी और अगले दिन मोहर्रम अवकाश को बताया। अगले दिनों में बढ़ने की उम्मीद शिक्षकों का मानना है कि शुरुआती दिन में कम उपस्थिति सामान्य स्थिति है और आने वाले कार्य दिवसों में बच्चों की संख्या बढ़ेगी। विद्यालयों में नियमित पठन-पाठन जल्द पूरी तरह पटरी पर आने की उम्मीद जताई गई।
सिद्धार्थनगर में स्कूल खुले, लेकिन कक्षाएं रहीं आधी खाली:गर्मी और अवकाश के बीच पहले दिन कम पहुंचे बच्चे
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