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ओडिशा समेत 4 राज्यों में SIR प्रक्रिया शुरू, घर-घर पहुंच रहे BLO अधिकारी

भारत के चार राज्यों ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का एन्यूमरेशन चरण शुरू हो गया है। चुनाव आयोग ने रविवार को इसकी जानकारी दी। इस प्रोसेस का खास मकसद वोटर लिस्ट को अपडेट करना और यह पक्का करना है कि उसमें कोई गलती न हो। इस प्रोसेस से यह भी पक्का करना है कि सभी योग्य नागरिक लिस्ट में शामिल हों।

चुनाव आयोग पहले ही 14 मई को इस अभियान के तीसरे चरण की शुरुआत कर चुका है, जो 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में चरणबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है। अब इसके तहत चार राज्यों में घर-घर जाकर मतदाताओं के विवरण की जांच और सत्यापन का काम शुरू हो गया है।

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इस चरण में बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं। वे लोगों को एन्यूमरेशन फॉर्म दे रहे हैं, उन्हें भरवाकर वापस एकत्र कर रहे हैं। चुनाव आयोग ने यह भी सुविधा दी है कि मतदाता चाहें तो यह फॉर्म ऑनलाइन माध्यम से भी जमा कर सकते हैं।

28 जून है अंतिम तिथि

चुनाव आयोग के अनुसार, जिन मतदाताओं के भरे हुए फॉर्म 28 जून तक चुनाव पंजीकरण अधिकारी (ERO) के पास पहुंच जाएंगे, उनके नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल किए जाएंगे। जो लोग समय सीमा के भीतर फॉर्म जमा नहीं कर पाएंगे, वे बाद में Form 6 के जरिए नए मतदाता के रूप में आवेदन कर सकते हैं।

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चार राज्यों के 3.67 करोड़ वोटर्स पर नजर

निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, इस विशेष अभियान के दायरे में आने वाले इन चारों राज्यों में कुल मिलाकर 3.67 करोड़ से भी अधिक पंजीकृत मतदाता हैं। इनमें सबसे बड़ा मतदाता आधार ओडिशा का है, जहां कुल वोटर्स की संख्या 3.34 करोड़ से ज्यादा है। ओडिशा जैसे बड़े राज्य में इस काम को शत-प्रतिशत सटीक बनाने के लिए आयोग ने 38,123 BLO और 8,391 बूथ लेवल एजेंटों (BLA) की भारी-भरकम फौज को मैदान में उतारा है। वहीं, पूर्वोत्तर के राज्यों पर नजर डालें तो इस प्रक्रिया के तहत मिजोरम के 8.75 लाख, सिक्किम के 4.71 लाख और मणिपुर के 20.92 लाख मतदाताओं के दस्तावेजों का पुनरीक्षण किया जा रहा है।

डेडलाइन छूटी तो भी मिलेगा मौका

यदि कोई योग्य नागरिक किसी कारणवश 28 जून की निर्धारित समय-सीमा तक अपना फॉर्म जमा करने से चूक जाता है, तो भी उसे मताधिकार से वंचित नहीं होना पड़ेगा। ऐसे लोग बाद में शुरू होने वाले ‘दावे और आपत्ति’ के दौर के दौरान फॉर्म-6 और आवश्यक घोषणा पत्र भरकर नए मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकेंगे।

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चुनाव आयोग ने देश के सभी युवाओं और योग्य नागरिकों से अपील की है कि वे इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और घर-घर आ रहे चुनाव अधिकारियों का पूरा सहयोग करें, ताकि एक पारदर्शी और सर्वसमावेशी मतदाता सूची तैयार की जा सके।

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