इटवा क्षेत्र के ग्राम पटखौली नानकार भनवापुर में दो दिवसीय बौद्ध धम्मदीक्षा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंगलवार को कार्यक्रम की अंतिम रात्रि में डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन संघर्षों पर आधारित नाट्य मंचन प्रस्तुत किया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में अनुयायी उमड़ पड़े। निसारुपुर, गोंडा के नाट्य मंच कलाकारों ने बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इस दौरान पंडाल ‘जय भीम’ के नारों और गीतों से गूंज उठा। कार्यक्रम का शुभारंभ तथागत बुद्ध, बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और अन्य महापुरुषों के चित्रों पर आयोजकों एवं अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम संस्थापक एवं प्रवक्ता राम अशीष वरुण ने अपने संबोधन में कहा कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने समता मूलक समाज, गरीबों, वंचित वर्गों और महिलाओं के उत्थान के लिए जीवन भर संघर्ष किया। उन्होंने सभी से सामाजिक कुरीतियों और आडंबरों से दूर रहकर बच्चों की उच्च शिक्षा और उनके आदर्शों पर चलकर सर्व समाज के उत्थान का आह्वान किया। वरुण ने उपस्थित सभी लोगों का आभार भी व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रांतीय उपाध्यक्ष बीएसआई केदारनाथ आजाद, डॉ. जेपी बौद्ध, अनिल गौतम, दिनेश गौतम, उत्तम प्रसाद, राम बुझारत, तेज सतेन्द्र यादव, चंद्र बहाल, पारसनाथ विश्वकर्मा, बहादुर, शिव कुमार, बौद्धाचार्य सिद्धू, दीपकुमार, विजय कुमार और पुनीत गौतम सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और प्रबुद्ध जन मौजूद रहे। कार्यक्रम का आयोजन घनश्याम गौतम ने किया, जबकि अध्यक्षता राम पाल गौतम ने की।
पटखौली में डॉ. अंबेडकर के जीवन संघर्षों का मंचन:दो दिवसीय बौद्ध धम्मदीक्षा कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब
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