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कैलाशनगर में बाल विवाह, बाल मजदूरी के खिलाफ नुक्कड़ नाटक:DEHAT संस्था ने ग्रामीणों को किया जागरूक


बहराइच में डेवलपमेंटल एसोसिएशन फॉर ह्यूमन एडवांसमेंट (DEHAT) संस्था ने मिहींपुरवा विकास खंड की चहलवा ग्राम पंचायत के कैलाशनगर गांव में बाल विवाह और बाल मजदूरी के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम ‘थिएटर ऑफ द ऑप्रेस्ड’ (TOTO) पद्धति के माध्यम से किया गया। कार्यक्रम में कलाकारों और बाल संसद के बच्चों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। इस नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से बाल विवाह और बाल मजदूरी के दुष्परिणामों को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया। नाटक में बताया गया कि कैसे कम उम्र में विवाह और मजदूरी बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य को नकारात्मक रूप से प्रभावित करती है। ‘थिएटर ऑफ द ऑप्रेस्ड’ (TOTO) ब्राजील के प्रसिद्ध रंगकर्मी ऑगस्टो बोआल द्वारा विकसित एक सामुदायिक नाट्य पद्धति है। इसका उद्देश्य लोगों को सामाजिक समस्याओं पर विचार करने और उनके समाधान में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना है। इस पद्धति में दर्शक केवल दर्शक नहीं रहते, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की प्रक्रिया में सहभागी बनते हैं। इस कार्यक्रम में देहात इंडिया के युवा कार्यकर्ता देवेश अवस्थी, गीता प्रसाद, सरिता कुमारी, अमर दीप, प्रांजलि, कमली और अशोक कुमार ने बाल संसद के बच्चों के साथ मिलकर अभिनय और संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजकों ने बताया कि यह पहल उत्तर प्रदेश सरकार के बाल मजदूरी और बाल विवाह उन्मूलन अभियान को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सामाजिक मान्यताओं और जागरूकता की कमी के कारण बच्चे अक्सर बाल विवाह और बाल मजदूरी जैसी कुप्रथाओं का शिकार होते हैं, जिससे उनका भविष्य प्रभावित होता है। नाटक के समापन के बाद, ग्रामीणों ने बाल अधिकारों की रक्षा तथा बाल विवाह और बाल मजदूरी के खिलाफ सामूहिक रूप से आवाज उठाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान गांव में उत्साह, जागरूकता और सकारात्मक संवाद का माहौल देखा गया।

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