पंजाब के अमृतसर में श्रावस्ती जनपद के रायपुर बिलेला निवासी राजेश कुमार सिंह उर्फ राजू सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनके परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। जानकारी के अनुसार, राजू सिंह पिछले लगभग 26 वर्षों से अमृतसर स्थित श्री कृष्णा मिष्ठान भंडार में कार्यरत थे। वह अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए शहर में एक अलग कमरे में रहते थे। शुक्रवार को राजू सिंह काम पर नहीं पहुंचे और अपने कमरे पर ही रुके रहे। दोपहर बाद दुकान के कर्मचारियों ने उन्हें कई बार फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद कुछ कर्मचारी उनके कमरे पर पहुंचे, जहां राजू सिंह का शव संदिग्ध हालत में पड़ा मिला। बताया गया कि उनका शरीर नीला पड़ चुका था। घटना की सूचना दुकान से जुड़े अन्य लोगों ने गांव में परिजनों को फोन कर दी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस को सूचित किए बिना ही शव को एक निजी एंबुलेंस से उनके पैतृक गांव रायपुर बिलेला भेज दिया गया। शनिवार शाम करीब 4 बजे उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। परिजनों ने मिष्ठान भंडार के मालिक पर आरोप लगाया है कि उन्होंने घटना की सूचना पुलिस को नहीं दी और न ही किसी प्रकार की आर्थिक सहायता या जिम्मेदारी निभाई। मृतक के बड़े भाई सतीश सिंह ने इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए पूरे मामले में गहरी साजिश की आशंका व्यक्त की है। राजू सिंह अपने पीछे 12 वर्षीय बेटे और ढाई साल की बेटी को छोड़ गए हैं। परिजनों ने अमृतसर के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अमृतसर में रायपुर बिलेला के युवक की संदिग्ध मौत:परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की
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