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  • नानपारा PPC पर अप्रशिक्षित व्यक्ति ने बांटी वैक्सीन:प्रभारी पत्नी की अनुपस्थिति में पति कर रहा था वितरण और रजिस्टर संधारण

    नानपारा PPC पर अप्रशिक्षित व्यक्ति ने बांटी वैक्सीन:प्रभारी पत्नी की अनुपस्थिति में पति कर रहा था वितरण और रजिस्टर संधारण


    बहराइच के नानपारा स्थित प्रसवोत्तर केंद्र (PPC) पर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। शनिवार सुबह यहां वैक्सीन प्रभारी सुशीला वर्मा की अनुपस्थिति में उनके पति जगत वर्मा वैक्सीन वितरण करते और रजिस्टर बनाते पाए गए। यह केंद्र अमवा हुसैनपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) के अंतर्गत आता है, जहां से क्षेत्र के स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन वितरित की जाती है। मौके पर जांच के दौरान पता चला कि अप्रशिक्षित जगत वर्मा हेल्पर के तौर पर कार्य कर रहे थे। उनके साथ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जमील भी मौजूद थे। पूछताछ करने पर जगत वर्मा ने बताया कि उनकी पत्नी घर पर हैं और थोड़ी देर में आएंगी। उनकी जगह वह काम संभाल रहे थे। इस मामले पर अधिकारियों के अलग-अलग बयान सामने आए हैं। लिपिक अमित राय ने कहा कि शासनादेश के अनुसार, कोई भी व्यक्ति हेल्पर रखकर कार्य करवा सकता है। वहीं, चिकित्साधीक्षक डॉ. निखिल सिंह ने बताया कि इंचार्ज सुशीला वर्मा उस दिन छुट्टी पर थीं, इसलिए उनके पति वितरण कर रहे होंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रजिस्टर केवल इंचार्ज ही बना सकती हैं और हेल्पर रखने के लिए अलग से अनुदान मिलता है। पति और अधीक्षक के बयानों में विरोधाभास दिखा, जहां एक तरफ पति पत्नी के घर पर होने की बात कह रहे थे, वहीं अधीक्षक ने उनके छुट्टी पर होने का दावा किया। स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार, वैक्सीन का वितरण और रजिस्टर का संधारण केवल प्रशिक्षित और अधिकृत एएनएम या वैक्सीन प्रभारी ही कर सकती हैं। किसी अप्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा यह कार्य किया जाना एक गंभीर लापरवाही मानी जाती है।

  • साधारण मिट्टी खनन की ऑनलाइन अनुमति शुरू:श्रावस्ती में आवेदन पर जांच के बाद मिलेगी खनन स्वीकृति, अवैध खनन पर सख्ती जारी

    साधारण मिट्टी खनन की ऑनलाइन अनुमति शुरू:श्रावस्ती में आवेदन पर जांच के बाद मिलेगी खनन स्वीकृति, अवैध खनन पर सख्ती जारी


    श्रावस्ती में साधारण मिट्टी के खनन और परिवहन के लिए अब ऑनलाइन अनुमति की व्यवस्था लागू कर दी गई है। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग के निर्देश पर खनन निरीक्षक विवेक कुमार ने बताया कि शासन की नई व्यवस्था के तहत इच्छुक व्यक्ति विभागीय पोर्टल upminemitra.in पर पंजीकरण कर अनुमति प्राप्त कर सकेंगे। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और अवैध खनन पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। खनन निरीक्षक ने बताया कि शासनादेश 18 सितंबर 2020 के अनुसार 100 घनमीटर साधारण मिट्टी के खनन के लिए किए गए पंजीकरण की वैधता 15 दिन होगी। निर्धारित अवधि में यदि खनन या परिवहन नहीं हो पाता है तो आवेदक को पोर्टल पर दोबारा आवेदन करना होगा। जांच के बाद संबंधित अधिकारी द्वारा अनुमति प्रदान की जाएगी। नई व्यवस्था के तहत किसी एक ग्राम की एक गाटा संख्या पर एक कैलेंडर वर्ष में अधिकतम दो बार ही पंजीकरण कराया जा सकेगा। विभागीय पोर्टल को भूलेख पोर्टल से भी एकीकृत किया गया है, जिससे भूमि संबंधी विवरणों का सत्यापन आसानी से हो सकेगा। अधिकारियों के अनुसार 100 घनमीटर तक साधारण मिट्टी का खनन केवल निजी उपयोग के लिए और हस्तचालित (मैनुअल) तरीके से ही मान्य होगा। जिन पंजीकरणों की अवधि समाप्त हो जाएगी, उनकी जानकारी भी पोर्टल पर प्रदर्शित की जाएगी, ताकि संबंधित अधिकारी आवश्यकतानुसार स्थलीय जांच कर सकें। अवैध खनन पर रहेगी नजर जिले में पिछले कुछ महीनों के दौरान प्रशासन ने अवैध खनन के खिलाफ सख्त अभियान चलाया है। कार्रवाई के दौरान दो दर्जन से अधिक वाहन जब्त किए गए, जबकि करीब 9 लाख रुपए का जुर्माना भी वसूला गया। अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन अनुमति व्यवस्था लागू होने से आम लोगों को सुविधा मिलेगी और अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सकेगा।