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  • मार्केट कैप में बड़ा उलटफेर, SBI और रिलायंस को हुआ फायदा

    नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार में पिछले कारोबारी सप्ताह के दौरान हुई खरीद-बिक्री के कारण देश की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूड कंपनियों में शामिल छह कंपनियों के मार्केट कैप में गिरावट आ गई, जबकि चार कंपनियों के मार्केट कैप में बढ़ोतरी हो गई।

    देश में मार्केट कैप के मामले में शीर्ष स्थान पर मौजूद इन दस कंपनियों में से चार के मार्केट कैप में सोमवार से शुक्रवार तक के कारोबार के बाद 1.43 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी हो गई।

    इनमें सबसे अधिक फायदा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) को हुआ, जबकि मार्केट कैप में बढ़ोतरी के मामले में दूसरा स्थान रिलायंस इंडस्ट्रीज ने हासिल किया।

    दूसरी ओर, टॉप 10 मोस्ट वैल्यूड कंपनियों में शामिल छह कंपनियों के मार्केट कैप में पिछले सप्ताह के कारोबार के दौरान 1.23 करोड़ रुपये से अधिक की गिरावट आ गई।

    इनमें सबसे अधिक नुकसान भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को हुआ, जबकि मार्केट कैप में गिरावट का सामना करने के मामले में बजाज फाइनेंस दूसरे स्थान पर रही।

    सोमवार से शुक्रवार तक के कारोबार के बाद स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई), रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और लार्सन एंड टूब्रो के मार्केट कैप में 1,43,251.54 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हो गई।

    दूसरी ओर, भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी), बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल और हिंदुस्तान यूनिलीवर के मार्केट कैप में 1,23,777.83 करोड़ रुपये की गिरावट आ गई।

    पिछले सप्ताह के कारोबार के बाद स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) का मार्केट कैप 63,922.03 करोड़ रुपये बढ़ कर 10,11,721.84 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

    इसी तरह देश में सबसे अधिक मार्केट कैप वाली कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप 32,816.40 करोड़ रुपये की मजबूती के साथ 18,01,925.19 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

    इसके अलावा, टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का मार्केट कैप 31,875.35 करोड़ रुपये की उछाल के साथ 8,87,770.13 करोड़ रुपये के स्तर पर और लार्सन एंड टूब्रो (एलएंडटी) का मार्केट कैप 14,637.76 करोड़ रुपये की बढ़त के साथ 5,56,482.45 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

    दूसरी ओर, पिछले सप्ताह सोमवार से शुक्रवार तक के कारोबार में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का मार्केट कैप 40,543.23 करोड़ रुपये फिसल कर 4,96,891.82 करोड़ रुपये के स्तर तक गिर गया। इसी तरह बजाज फाइनेंस का मार्केट कैप 37,168.96 करोड़ रुपये घट कर 6,73,648.55 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

    इसके अलावा एचडीएफसी बैंक का मार्केट कैप 24,183.16 करोड़ रुपये की गिरावट के साथ 11,27,967.47 करोड़ रुपये के स्तर पर, आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट कैप 9,507.67 करोड़ रुपये की कमजोरी के साथ 10,20,370.63 करोड़ रुपये के स्तर पर.

    भारती एयरटेल का मार्केट कैप 7,581.65 करोड़ रुपये कम होकर 12,22,423.98 करोड़ रुपये के स्तर पर और हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप 4,793.16 करोड़ रुपये घट कर 4,88,808.97 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

    मार्केट कैप के लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रीज 18,01,925.19 करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) के साथ देश की सबसे अधिक मार्केट कैप वाली कंपनी रही।

    इसके बाद भारती एयरटेल (कुल मार्केट कैप 12,22,423.98 करोड़ रुपये), एचडीएफसी बैंक (कुल मार्केट कैप 11,27,967.47 करोड़ रुपये), आईसीआईसीआई बैंक (कुल मार्केट कैप 10,20,370.63 करोड़ रुपये), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (कुल मार्केट कैप 10,11,721.84 करोड़ रुपये).

    टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज (टीसीएस) (कुल मार्केट कैप 8,87,770.13 करोड़ रुपये), बजाज फाइनेंस (कुल मार्केट कैप 6,73,648.55 करोड़ रुपये), लार्सन एंड टूब्रो (कुल मार्केट कैप 5,56,482.45 करोड़ रुपये).

    भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) (कुल मार्केट कैप 4,96,891.82 करोड़ रुपये) और हिंदुस्तान यूनिलीवर (कुल मार्केट कैप 4,88,808.97 करोड़ रुपये) के नाम सबसे मूल्यवान टॉप 10 कंपनियों के लिस्ट में दूसरे से दसवें स्थान पर बने रहे।

     

  • फ्रेंच ओपन 2026 में उलटफेरों का सिलसिला जारी, फोन्सेका ने जीत दर्ज कर रचा इतिहास

    फ्रेंच ओपन 2026 में उलटफेरों का सिलसिला जारी, फोन्सेका ने जीत दर्ज कर रचा इतिहास

    पेरिस। फ्रेंच ओपन 2026 में उलटफेरों का सिलसिला जारी है। विश्व टेनिस के दिग्गज और 24 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन नोवाक जोकोविच का रिकॉर्ड 25वां ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने का सपना शुक्रवार को टूट गया, जब उन्हें तीसरे दौर में ब्राजील के 19 वर्षीय युवा खिलाड़ी जोआओ फोन्सेका ने पांच सेटों के रोमांचक मुकाबले में 4-6, 4-6, 6-3, 7-5, 7-5 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया।

    करीब पांच घंटे तक चले इस मुकाबले में जीत दर्ज कर फोन्सेका ने इतिहास रच दिया। वह ग्रैंड स्लैम मुकाबले में जोकोविच को हराने वाले पहले किशोर खिलाड़ी बन गए। इस जीत के साथ उन्होंने खुद को भविष्य के बड़े दावेदारों में शामिल कर लिया है।

    जोकोविच की हार का मतलब है कि 39 वर्षीय सर्बियाई खिलाड़ी को अब भी मार्गरेट कोर्ट के 25 ग्रैंड स्लैम खिताबों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने का इंतजार करना पड़ेगा। एक दिन पहले ही विश्व नंबर एक यानिक सिनर के बाहर होने के बाद यह परिणाम पेरिस में खिताब की दौड़ को और खुला बना गया है।

    मैच के बाद भावुक फोन्सेका ने कहा,”मुझे सच कहूं तो विश्वास नहीं था कि मैं यह मुकाबला जीत सकता हूं। मैं सिर्फ कोर्ट पर जाकर खेल का आनंद लेना चाहता था। जोकोविच जैसे महान खिलाड़ी के खिलाफ खेलना मेरे लिए सम्मान की बात है। मैं बेहद खुश हूं।”

    उन्होंने आगे कहा,”मैं हर गेंद को पूरी ताकत से मारने की कोशिश कर रहा था। जोकोविच शायद ही कोई गलती करते हैं और आज भी उनकी फिटनेस अद्भुत है। मैच के अंत में वह मुझसे ज्यादा फिट नजर आ रहे थे।”

    फोन्सेका ने यह ऐतिहासिक जीत अपनी मां को समर्पित की, जिनका उसी दिन जन्मदिन था और वे दर्शक दीर्घा में मौजूद थीं।

    शुरुआती दो सेटों में जोकोविच का दबदबा
    एक सप्ताह पहले ही 39 वर्ष के हुए जोकोविच ने मुकाबले की शानदार शुरुआत की। उन्होंने पहले सेट में शुरुआती छह में से पांच गेम जीतकर युवा प्रतिद्वंद्वी पर दबाव बना दिया। शानदार लॉब, दमदार फोरहैंड और बेहतरीन ड्रॉप शॉट्स की मदद से उन्होंने पहला सेट अपने नाम किया।

    दूसरे सेट में भी फोन्सेका ने संघर्ष किया, लेकिन पांचवें गेम में सर्विस गंवाने के बाद जोकोविच ने बढ़त मजबूत कर ली और सेट जीतकर मुकाबले में 2-0 की बढ़त हासिल कर ली।

    फोन्सेका की जबरदस्त वापसी
    दो सेट पीछे होने के बावजूद फोन्सेका ने हार नहीं मानी। तीसरे सेट में उन्होंने आक्रामक खेल दिखाते हुए वापसी की और एक सेट अपने नाम किया।

    चौथे सेट में भी ब्राजीलियाई खिलाड़ी ने शानदार प्रदर्शन जारी रखा। उन्होंने शुरुआती ब्रेक हासिल किया और लगातार आक्रामक शॉट्स खेलते हुए मुकाबला दो-दो सेट की बराबरी पर पहुंचा दिया।

    निर्णायक पांचवें सेट में जोकोविच ने 3-1 की बढ़त बनाई, लेकिन फोन्सेका ने धैर्य और आत्मविश्वास का परिचय देते हुए वापसी की। 5-5 की बराबरी के बाद उन्होंने महत्वपूर्ण ब्रेक हासिल कर 6-5 की बढ़त बनाई और फिर लगातार तीन ऐस लगाकर मैच अपने नाम कर लिया।

    फोन्सेका ने मुस्कुराते हुए कहा,
    “मुझे खुद भी विश्वास नहीं हो रहा कि अंत में मैंने लगातार तीन ऐस लगाए। ऐसा मैंने पहले कभी नहीं किया था। उस समय मैं खुद को जॉन इस्नर जैसा महसूस कर रहा था।”

    पहली बार मिलेगा नया ग्रैंड स्लैम चैंपियन
    फ्रेंच ओपन 2026 में अब नया पुरुष एकल चैंपियन मिलना तय है। गत चैंपियन कार्लोस अल्काराज़ कलाई की चोट के कारण टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले सके, जबकि विश्व नंबर एक यानिक सिनर और अब नोवाक जोकोविच भी बाहर हो चुके हैं। फोन्सेका अब अगले दौर में टॉमी पॉल और कैस्पर रूड के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से भिड़ेंगे।

     

     

  • नॉर्वे चेस में 2026 तीसरे दौर में बड़ा उलटफेर, प्रज्ञानानंद ने मैग्नस कार्लसन को हराया

    नॉर्वे चेस में 2026 तीसरे दौर में बड़ा उलटफेर, प्रज्ञानानंद ने मैग्नस कार्लसन को हराया

    ओस्लो । नॉर्वे चेस 2026 के तीसरे दौर में बुधवार को भारतीय ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंद ने दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को हराकर बड़ा उलटफेर कर दिया। ओस्लो में खेले गए मुकाबले में प्रज्ञानानंद ने शानदार रणनीतिक खेल का प्रदर्शन करते हुए क्लासिकल मुकाबले में जीत दर्ज की।

    मैच के अधिकांश समय तक प्रज्ञानानंद मजबूत स्थिति में नजर आए। हालांकि समय के दबाव में कुछ समय के लिए मुकाबले का रुख कार्लसन की ओर जाता दिखा, लेकिन इसके तुरंत बाद नॉर्वे के स्टार खिलाड़ी ने बड़ी गलती कर दी और उन्हें हार स्वीकार करनी पड़ी।

    फिरोजा ने बरकरार रखी बढ़त
    विश्व चैंपियन डी. गुकेश और टूर्नामेंट लीडर अलीरेजा फिरोजा के बीच क्लासिकल मुकाबला बेहद संघर्षपूर्ण रहा और अंततः ड्रॉ पर समाप्त हुआ। इसके बाद खेले गए आर्मागेडन मुकाबले में फिरोजा ने जीत दर्ज कर अतिरिक्त अंक हासिल किए और तालिका में अपनी बढ़त कायम रखी।

    वहीं विंसेंट कीमर और वेस्ली सो के बीच भी क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ रहा। बाद में आर्मागेडन गेम में वेस्ली सो ने जीत दर्ज की। तीसरे दौर के बाद अलीरेजा फिरोजा अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर बने हुए हैं।

    नॉर्वे चेस महिला वर्ग में भी रोमांच जारी
    नॉर्वे चेस विमेंस टूर्नामेंट में भी सभी क्लासिकल मुकाबले ड्रॉ रहे, जिसके बाद विजेता का फैसला आर्मागेडन मुकाबलों से हुआ।

    महिला विश्व चैंपियन जू वेनजुन और झू जिनेर के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। एक समय झू जिनेर मजबूत स्थिति में थीं, लेकिन वह उसे जीत में नहीं बदल सकीं। बाद में आर्मागेडन में झू जिनेर ने जीत दर्ज कर अतिरिक्त अंक हासिल किए।

    अन्ना मुजिचुक और भारतीय ग्रैंडमास्टर कोनेरू हम्पी के बीच क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ रहा। इसके बाद आर्मागेडन में अन्ना मुजिचुक ने जीत हासिल की।

    वहीं टूर्नामेंट लीडर बिबिसारा अस्साउबायेवा और भारत की दिव्या देशमुख के बीच भी क्लासिकल मुकाबला बराबरी पर छूटा। इसके बाद दिव्या देशमुख ने शानदार खेल दिखाते हुए आर्मागेडन मुकाबले में जीत दर्ज की।

    तीसरे दौर के बाद बिबिसारा अस्साउबायेवा महिला वर्ग में शीर्ष पर बनी हुई हैं, हालांकि दिव्या देशमुख और झू जिनेर ने अंतर कम कर दिया है।

  • तमिलनाडु चुनाव में बड़ा उलटफेर, फिल्म अभिनेता विजय की पार्टी TVK की ऐतिहासिक जीत

    तमिलनाडु चुनाव में बड़ा उलटफेर, फिल्म अभिनेता विजय की पार्टी TVK की ऐतिहासिक जीत

    चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में इस बार बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है। फिल्मी दुनिया से राजनीति में आए विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने अपने पहले ही चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी को चौंका दिया है।

    चुनाव परिणामों में TVK ने कई सीटों पर बड़ी बढ़त हासिल की और राज्य की प्रमुख पार्टियों को पीछे छोड़ दिया। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह नतीजा कई सर्वेक्षणों के अनुमान के विपरीत रहा, क्योंकि अधिकतर एग्जिट पोल में सत्तारूढ़ डीएमके की जीत की संभावना जताई जा रही थी।

    डीएमके को बड़ा झटका

    मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन की पार्टी डीएमके को इस चुनाव में भारी नुकसान उठाना पड़ा। कई मंत्री और वरिष्ठ नेता अपनी सीटें भी नहीं बचा सके। खुद मुख्यमंत्री के चुनावी प्रदर्शन को लेकर भी चर्चा रही, जिससे पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है।इस चुनाव परिणाम के बाद राज्य में राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं और लंबे समय बाद गठबंधन सरकार बनने की स्थिति बनती दिख रही है। इससे पहले 2006 में भी राज्य में गठबंधन सरकार बनी थी।

    विजय की लोकप्रियता बनी बड़ी वजह

    विश्लेषकों का कहना है कि विजय की फिल्मी लोकप्रियता, सामाजिक जुड़ाव और जनसंपर्क अभियान ने उनकी पार्टी की जीत में अहम भूमिका निभाई। बताया जा रहा है कि उन्होंने पहले से ही सामाजिक कार्यों के जरिए जनता से मजबूत जुड़ाव बना रखा था।हार के बाद मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने कहा कि उनकी पार्टी जनता के फैसले का सम्मान करती है और उसे स्वीकार करती है। उन्होंने कहा कि डीएमके अब विपक्ष की भूमिका निभाते हुए जिम्मेदारी के साथ काम करेगी।तमिलनाडु का यह चुनाव परिणाम राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है, जहां एक फिल्मी सितारे की एंट्री ने पारंपरिक राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है।

  • तमिलनाडु चुनाव में बड़ा उलटफेर: विजय की पार्टी TVK ने शुरुआती रुझानों में मारी बाजी

    तमिलनाडु चुनाव में बड़ा उलटफेर: विजय की पार्टी TVK ने शुरुआती रुझानों में मारी बाजी

    तमिलनाडु । तमिलनाडु विधानसभा चुनावों की मतगणना के बीच राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। शुरुआती रुझानों में अभिनेता से नेता बने Vijay Thalapathy की नवगठित पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam (टीवीके) ने 109 सीटों पर बढ़त बनाकर सभी को चौंका दिया है। इस अप्रत्याशित प्रदर्शन के चलते पारंपरिक दल Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) और All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam (AIADMK) पीछे नजर आ रहे हैं।

    इस बीच, प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक और विजय के पिता S. A. Chandrasekhar ने राजनीतिक दलों से बड़ा आह्वान किया है। उन्होंने विशेष रूप से उन पार्टियों, जैसे Indian National Congress, से TVK के साथ गठबंधन करने की अपील की, जो हाल के वर्षों में अपनी राजनीतिक पकड़ खो चुकी हैं। उनका मानना है कि विजय के नेतृत्व में गठबंधन करने से ये दल सत्ता में वापसी कर सकते हैं।

    चंद्रशेखर ने कहा कि टीवीके को मिल रहा जनसमर्थन इस बात का संकेत है कि जनता मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था से असंतुष्ट है और बदलाव चाहती है। उनके अनुसार, यह केवल एक पार्टी की सफलता नहीं, बल्कि जनता के भीतर बढ़ते असंतोष और नई राजनीतिक दिशा की तलाश का प्रतीक है। खासकर युवा वर्ग में विजय की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है, जो इस बदलाव का प्रमुख कारण माना जा रहा है।

    उन्होंने विजय के राजनीतिक सफर पर भी प्रकाश डाला और कहा कि जनता ने उन्हें केवल एक अभिनेता के रूप में नहीं, बल्कि एक सशक्त नेता के रूप में भी स्वीकार किया है। विजय लंबे समय से समाज के लिए काम करने की सोच रखते थे और अब उनकी पार्टी को मिल रहा समर्थन उसी का परिणाम है।

    चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि तमिलनाडु की जनता विजय को एक परिवार के सदस्य की तरह देखती है। महिलाएं उन्हें अपने बेटे जैसा मानती हैं, युवा उन्हें ‘अन्ना’ (बड़े भाई) के रूप में देखते हैं और बुजुर्ग उन्हें स्नेह देते हैं। जनता के साथ यह भावनात्मक जुड़ाव ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा है।

    प्रारंभिक रुझानों के आधार पर यह माना जा रहा है कि यदि यही स्थिति बनी रहती है, तो Vijay Thalapathy तमिलनाडु के अगले मुख्यमंत्री बन सकते हैं। राज्य की राजनीति में यह बदलाव आने वाले समय में एक नए युग की शुरुआत का संकेत दे रहा है।

  • सोने-चांदी की कीमतों में हो गया ये उलटफेर

    सोने-चांदी :अमेरिका-ईरान शांति बातचीत को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच, बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में सोने की कीमतें 300 रुपये गिरकर 1.57 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम हो गईं, जबकि चांदी 2,700 रुपये गिरकर 2.55 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 300 रुपये गिरकर 1,57,000 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स मिलाकर) पर आ गया। पीटीआई की खबर के मुताबिक, एचडीएफसी सिक्योरिटीज में कमोडिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि बुधवार को सोने की कीमतों में गिरावट आई, क्योंकि अमेरिका-ईरान शांति बातचीत के दूसरे दौर की योजनाएं विफल हो गईं, भले ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्ष-विराम की अवधि बढ़ा दी थी।

    सावधानीपूर्वक इंतजार करो और देखो
    गांधी ने कहा कि बातचीत में कोई प्रगति न होने से अनिश्चितता बनी रही, जिससे कच्चे तेल और अमेरिकी डॉलर की कीमतों को सहारा मिला, जबकि कीमती धातुओं के लिए यह एक बाधा साबित हुआ। बाजार के भागीदार दोनों पक्षों से आने वाली नई जानकारियों पर अपनी प्रतिक्रिया देते रहेंगे; कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव से यह पता चलता है कि जब तक कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिल जाता, तब तक बाजार ‘सावधानीपूर्वक इंतजार करो और देखो’ की रणनीति अपना रहा है।

    अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमतों का रुझान
    अंतरराष्ट्रीय बाजारों में, स्पॉट चांदी 1.46 प्रतिशत बढ़कर 77.80 USD प्रति औंस हो गई, जबकि सोना 0.48 प्रतिशत बढ़कर 4,742.97 USD प्रति औंस पर पहुंच गया। एलकेपी सिक्योरिटीज में कमोडिटी और करेंसी के VP रिसर्च एनालिस्ट जतीन त्रिवेदी ने कहा कि सोने ने ‘गैप-अप’ ओपनिंग के बाद बढ़त के साथ कारोबार किया, जिसे संघर्ष-विराम जारी रहने की उम्मीदों से सहारा मिला; हालांकि, संघर्ष-विराम की अवधि बढ़ाने के संबंध में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विरोधाभासी बयानों के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा।

    उन्होंने बताया कि भू-राजनीतिक घटनाक्रमों से मिलने वाले मिले-जुले संकेतों के कारण विभिन्न एसेट क्लास (संपत्ति श्रेणियों) में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है, जिसके चलते सोने की कीमतों में तेज लेकिन अल्पकालिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। त्रिवेदी ने कहा कि बाजार का ध्यान अब 29 अप्रैल को आने वाली अमेरिका फेडरल रिजर्व की नीति पर केंद्रित हो गया है, जो बाजार की दिशा तय करने में एक अहम भूमिका निभाएगी।

     

  • सोने-चांदी के दाम में आज हो गया उलटफेर

    सोने-चांदी के दाम में आज हो गया उलटफेर

    सोने की कीमतें : वायदा बाजार में सोमवार को शुरुआती सत्र में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर सुबह 9 बजकर 57 मिनट पर 5 जून की डिलीवरी अनुबंध के लिए सोने की कीमत बीते सत्र के मुकाबले 0.26 प्रतिशत या 506 रुपये घटकर 1,49,294 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। इसी समय, 5 मई 2026 की डिलीवरी अनुंबध के लिए चांदी की कीमत बीते सत्र के मुकाबले 0.54 प्रतिशत टूटकर 2,31,250 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई।  

    महानगरों में सोने का हाजिर भाव आज
    आज 6 अप्रैल 2026 को भारत के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतें इस प्रकार हैं (प्रति ग्राम):

    दिल्ली
    24 कैरेट (99.9% शुद्धता): ₹14,928  
    22 कैरेट (91.6% शुद्धता): ₹13,685  
    18 कैरेट (75% शुद्धता): ₹11,200

    मुंबई
    24 कैरेट: ₹14,913  
    22 कैरेट: ₹13,670  
    18 कैरेट: ₹11,185

    कोलकाता
    24 कैरेट: ₹14,913  
    22 कैरेट: ₹13,670  
    18 कैरेट: ₹11,185

    चेन्नई
    24 कैरेट: ₹15,066 (सबसे महंगा)  
    22 कैरेट: ₹13,810  
    18 कैरेट: ₹11,520

    बैंगलुरु
    24 कैरेट: ₹14,913  
    22 कैरेट: ₹13,670  
    18 कैरेट: ₹11,185

    अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोना आज
    tradingeconomics के मुताबिक, अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोमवार को सोने की कीमतें 4,600 डॉलर प्रति औंस के करीब आ गईं, पिछले सत्र से लगातार गिरावट जारी रही। यह कमजोरी डोनाल्ड ट्रंप के ईरान को दिए नए अल्टीमेटम के बाद आई, जिसमें उन्होंने चेतावनी दी कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से नहीं खोला गया, तो ईरान के पावर प्लांट और अन्य नागरिक ढांचे पर हमले किए जा सकते हैं। सोना अब तक लगभग 12% गिर चुका है, क्योंकि ऊर्जा की बढ़ती कीमतों ने मुद्रास्फीति की चिंताओं को बढ़ाया और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों को मजबूत किया।