चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में इस बार बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है। फिल्मी दुनिया से राजनीति में आए विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने अपने पहले ही चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी को चौंका दिया है।
चुनाव परिणामों में TVK ने कई सीटों पर बड़ी बढ़त हासिल की और राज्य की प्रमुख पार्टियों को पीछे छोड़ दिया। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह नतीजा कई सर्वेक्षणों के अनुमान के विपरीत रहा, क्योंकि अधिकतर एग्जिट पोल में सत्तारूढ़ डीएमके की जीत की संभावना जताई जा रही थी।
डीएमके को बड़ा झटका
मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन की पार्टी डीएमके को इस चुनाव में भारी नुकसान उठाना पड़ा। कई मंत्री और वरिष्ठ नेता अपनी सीटें भी नहीं बचा सके। खुद मुख्यमंत्री के चुनावी प्रदर्शन को लेकर भी चर्चा रही, जिससे पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है।इस चुनाव परिणाम के बाद राज्य में राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं और लंबे समय बाद गठबंधन सरकार बनने की स्थिति बनती दिख रही है। इससे पहले 2006 में भी राज्य में गठबंधन सरकार बनी थी।
विजय की लोकप्रियता बनी बड़ी वजह
विश्लेषकों का कहना है कि विजय की फिल्मी लोकप्रियता, सामाजिक जुड़ाव और जनसंपर्क अभियान ने उनकी पार्टी की जीत में अहम भूमिका निभाई। बताया जा रहा है कि उन्होंने पहले से ही सामाजिक कार्यों के जरिए जनता से मजबूत जुड़ाव बना रखा था।हार के बाद मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने कहा कि उनकी पार्टी जनता के फैसले का सम्मान करती है और उसे स्वीकार करती है। उन्होंने कहा कि डीएमके अब विपक्ष की भूमिका निभाते हुए जिम्मेदारी के साथ काम करेगी।तमिलनाडु का यह चुनाव परिणाम राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है, जहां एक फिल्मी सितारे की एंट्री ने पारंपरिक राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है।












