सुप्रीम कोर्ट में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के खिलाफ एक अर्जी दी गई थी जिस पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने कहा कि इस मामले को लेकर इतना परेशान होने की जरूरत नहीं है और अभी इस पर तुरंत सुनवाई की कोई जरूरत नहीं है। कोर्ट ने कहा कि इसे बाद में देखा जाएगा। इस याचिका में मांग की गई थी कि इस पार्टी की जांच हो और इससे जुड़े लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
अर्जी देने वाले ने तीन मुख्य मांगें बताई थीं जिसमें पहली मांग थी कि सीजेपी से जुड़ी हर गतिविधि की CBI से जांच कराई जाए। दूसरी मांग थी कि कोर्ट में जज जो भी बोलें उसका जो लोग अपने बिजनेस के लिए गलत फायदा उठा रहे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। तीसरी मांग उन फर्जी वकीलों को पकड़ने की थी जो नकली डिग्री लेकर कोर्ट में वकालत कर रहे हैं। सोमवार को जब इस मामले को लेकर अदालत में चर्चा हुई तो वकील एन के गोस्वामी ने अपनी दलील पेश करते हुए कहा कि ये लोग सिस्टम की बदनामी कर रहे हैं।
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विवाद कैसे शुरू हुआ?
यह विवाद 15 May को हुई एक सुनवाई के दौरान सीजीआई सूर्यकांत द्वारा कही गई बातों से शुरू हुआ था। उस दिन सुनवाई के दौरान सीजीआई ने कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना ‘कॉकरोच’ जैसे कीड़े से कर दी थी। उन्होंने अपने विचार रखते हुए कहा था कि समाज में कुछ ऐसे लोग हैं जो सिस्टम पर हमला करते रहते हैं। उन्होंने कहा था कि कुछ युवा कीड़ों की तरह होते हैं जिनका न तो कोई काम होता है और न ही किसी पेशे में उनका कोई ठिकाना होता है।
उन्होंने आगे कहा कि इनमें से कुछ लोग मीडिया वाले बन जाते हैं कुछ सोशल मीडिया पर एक्टिविस्ट का काम करते हैं तो कुछ आरटीआई लगाने वाले बन जाते हैं और मौका मिलते ही हर किसी पर हमला करना शुरू कर देते हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि कोर्ट उन लोगों की डिग्री की से जांच करने के बारे में सोच रही है जो कोट पहनकर वकालत करते हैं क्योंकि उनकी डिग्री असली है या नहीं, इस पर कोर्ट को शक है।
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CJI सूर्यकांत ने दी सफाई
बाद में जब इस बात से विवाद शुरू हो गया तो सीजीआई सूर्यकांत ने इस पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उन्हें यह देखकर बहुत दुख हुआ कि मीडिया के कुछ लोगों ने उनकी बात का गलत मतलब निकाला है। उन्होंने अपनी बात को साफ करते हुए कहा कि उन्होंने सिर्फ उन लोगों की आलोचना की थी जिन्होंने नकली डिग्री लेकर वकालत जैसा अच्छा पेशा अपनाया है और अब ऐसे लोग मीडिया या सोशल मीडिया पर बहुत ज्यादा एक्टिव हो गए हैं।
सीजीआई ने जोर देकर कहा कि उन्हें देश के युवाओं पर गर्व है और वह कभी भी भारतीय युवाओं की बुराई नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि युवा ही देश का भविष्य हैं और वही विकसित भारत का असली पीलर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी बात का गलत मतलब न निकाला जाए क्योंकि उनका मकसद सिर्फ काम में ईमानदारी और सच्चाई बनाए रखना था।












