नई दिल्ली। दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने नीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार मनीषा संजय हवलदार को 6 दिनों की सीबीआई हिरासत में भेज दिया है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने भौतिकी की शिक्षिका मनीषा को पुणे से 24 मई को गिरफ्तार किया था।
सीबीआई के मुताबिक मनीषा संजय हवलदार राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) के पैनल में शामिल एक फिजिक्स ट्रांसलेटर है। वो फिजिक्स का पेपर तैयार करने और लीक हुए पेपर को प्रसारित करने में शामिल थी। पेश करने के बाद सीबीआई ने कोर्ट से कहा कि केस के सह आरोपितों से आमना-सामना कराने के लिए छह दिन की पुलिस हिरासत की जरुरत है। मनीषा संजय हवलदार इस मामले में दसवीं आरोपित है।
इसके पहले कोर्ट ने 17 मई को एक और आरोपित मनीषा मंधारे को 14 दिनों की सीबीआई हिरासत में भेजने का आदेश दिया था। मनीषा मंधारे एनटीए की ओर से प्रश्न पत्र सेट करने वाले पैनल में थी। मनीषा को मथुरा के एक होटल से गिरफ्तार किया गया था। मनीषा मंधारे पर आरोप है कि उसने नीट पेपर प्रश्न पत्र को लीक करने के लिए केमिस्ट्री टीचर पीवी राव और मनीषा वाघमारे के साथ साजिश रची। पीवी राव और मनीषा वाघमारे को कोर्ट ने 16 मई को 10 दिनों की सीबीआई हिरासत में भेजा था।
इसके पहले कोर्ट ने 15 मई को धनंजय लोखंडे को सीबीआई हिरासत में भेजा था। आरोप है कि मनीषा वाघमारे ने धनंजय लोखंडे को नीट के प्रश्न पत्र दिए। बाद में धनंजय ने शुभम खैरवार को प्रश्नपत्र दिए। कोर्ट ने 14 मई को पांच आरोपितों नासिक के शुभम खैरनार, जयपुर के मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल और दिनेश बिवाल और गुरुग्राम से यश यादव को सीबीआई हिरासत में भेजा था। शुभम खैरनार को 13 मई को मुंबई से गिरफ्तार किया गया था, जहां से उसे दो दिनों की ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया था। शुभम खैरनार महाराष्ट्र के नासिक का रहने वाला है।












