बहराइच के कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के मोतीपुर रेंज स्थित राजापुर बीट के भज्जापुरवा गांव में वन विभाग ने मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए एक जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया। वन क्षेत्राधिकारी एसके तिवारी के निर्देशन में आयोजित इस गोष्ठी में ग्रामीणों को वन्यजीवों से बचाव के महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। गोष्ठी को संबोधित करते हुए वन दरोगा शाहिद लतीफ ने बताया कि जंगल में बाघ और तेंदुआ जैसे वन्यजीव निवास करते हैं, जो कभी-कभी गांवों की ओर आ जाते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि यदि कोई वन्यजीव दिखाई दे तो तत्काल वन विभाग को सूचित करें और उन पर जानलेवा हमला न करें। वन्य जीव रक्षक रुचि वाजपेई ने ग्रामीणों को सलाह दी कि शाम के समय खेतों में अकेले न जाएं, बल्कि समूह में जाएं। उन्होंने छोटे बच्चों को खेतों में न ले जाने और जंगल के भीतरी हिस्सों में लकड़ी बीनने या शौच के लिए न जाने की हिदायत दी। वाजपेई ने जोर देकर कहा कि वन और वन्यजीवों की सुरक्षा केवल वन विभाग की ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीणों की भी सामूहिक जिम्मेदारी है। वन्य जीव प्रेमी मिथिलेश जायसवाल ने कहा कि वनों की सुरक्षा के लिए वन्यजीवों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस कार्य में जंगल के समीप रहने वाले ग्रामीणों के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। इस जागरूकता गोष्ठी में वन दरोगा शाहिद लतीफ, वन्य जीव रक्षक रुचि वाजपेई, अर्दली हरि किशुन, बीट वाचर गोविंद, त्रिवेणी और वन्य जीव प्रेमी मिथिलेश जायसवाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने को गोष्ठी:भज्जापुरवा में वन विभाग ने दिए बचाव के टिप्स
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