श्रावस्ती में ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ के तहत एक महत्वपूर्ण फैसले में, गैर इरादतन हत्या के अभियुक्त अज्जम को 10 साल के सश्रम कारावास और 40,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। यह निर्णय पुलिस और अभियोजन की प्रभावी पैरवी का परिणाम है। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर राज्य में अपराधियों को त्वरित और सख्त सजा दिलाने के लिए प्रदेशव्यापी ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ अभियान चलाया जा रहा है। गोरखपुर जोन के अपर पुलिस महानिदेशक और देवीपाटन परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक इसकी निरंतर निगरानी कर रहे हैं। श्रावस्ती जनपद में पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी स्वयं महत्वपूर्ण और चिन्हित मामलों का पर्यवेक्षण कर रहे हैं। उन्होंने संबंधित थाना प्रभारियों, पैरोकारों और अभियोजन अधिकारियों को एससी/एसटी एक्ट और अन्य गंभीर अपराधों में प्रभावी पैरवी कर अभियुक्तों को सजा दिलाने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। पुलिस अधीक्षक के निर्देशों के अनुपालन में, मॉनिटरिंग सेल, जिला शासकीय अधिवक्ता और कोर्ट पैरोकार द्वारा की गई सशक्त पैरवी के बाद यह फैसला आया। 25 मई 2026 को एससी/एसटी एक्ट न्यायालय ने थाना सोनवा में पंजीकृत मु0अ0सं0 142/2021 (धारा 304 भा.दं.वि. एवं 3(2)5 एससी/एसटी एक्ट) के मामले में निर्णय सुनाया। अभियुक्त अज्जम पुत्र जमादार, निवासी रायपुर बिलैला, थाना गिलौला, जनपद श्रावस्ती को दोषी ठहराया गया। अभियोग के अनुसार, अभियुक्त ने वादी के दामाद के कंधे पर लाठी से जोरदार प्रहार किया था। इससे वह अचेत होकर गिर पड़े और अस्पताल ले जाते समय उनकी मृत्यु हो गई। न्यायालय ने अभियुक्त को 10 वर्ष के सश्रम कारावास के साथ 40,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया। यह फैसला समाज में अपराध करने वालों के लिए एक कड़ा संदेश है कि गंभीर अपराधों में कानून से बच पाना संभव नहीं है और दोषियों को हर हाल में सजा दिलाई जाएगी।
श्रावस्ती में ऑपरेशन कनविक्शन का असर:गैर इरादतन हत्या के दोषी को 10 साल की सज़ा, 40 हजार लगा जुर्माना
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