बख्शी का तालाब। तहसील में मंगलवार को सरकारी पोखरों और तालाबों को ठेके पर देने के लिए खुली बोली लगाई गई। मत्स्य विभाग के अधिकारियों की देखरेख में हुई इस खुली प्रतियोगिता में इलाके के कई मछली पालकों और कारोबारियों ने हिस्सा लिया।
पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह साफ-सुथरा रखने के लिए मौके पर वीडियो रिकॉर्डिंग और अधिकारियों की सीधी निगरानी मौजूद रही, जिससे किसी भी तरह की धांधली की गुंजाइश न रहे।इस बोली के दौरान चार बड़े तालाबों का फैसला मौके पर ही कर दिया गया। सबसे बड़ी टक्कर जमखनवा गांव के दो पोखरों को लेकर देखने को मिली।
यहाँ पहले पोखर को हथियाने के लिए शिवकुमार ने सबसे ऊंची 1 लाख रुपये की बोली लगाकर सबको चौंका दिया। इसी गांव के दूसरे पोखर को सुन्दारा ने 45 हजार रुपये में अपने नाम किया। इसके अलावा दरियापुर गांव का तालाब 42 हजार रुपये की कीमत के साथ बबलू के खाते में गया, जबकि उनई गांव के तालाब को लवकुश ने बेहद कम कीमत यानी मात्र 7,600 रुपये में हासिल कर लिया।
इन गांवों में अगले हफ्ते फिर सजेगा बाजार
जिन जगहों पर कागजी कमियों या मनमुताबिक बोली न मिलने के कारण फैसला नहीं हो सका, वहां के लिए अगली तारीख तय कर दी गई है। वाजपुर, गंगौरा और भटेसुवा गांवों के तालाबों के लिए अब अगले मंगलवार, यानी 14 जुलाई को दोबारा बाजार सजेगा। लोकल कारोबारियों का मानना है कि, अगली बार होने वाली इस भिड़ंत में और भी तगड़ी रकम देखने को मिल सकती है। मछली पालन के इस बिजनेस में मुनाफा कमाने के लिए अभी से कई गुट अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं।












