- पूर्व खरीद घोटाले के बाद फिर घिरा पशुपालन विभाग, नए गबन आरोपों से मचा हड़कंप
- डीएम को भेजे पत्र में सीवीओ व डिप्टी सीवीओ पर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप, जांच की मांग
लखनऊ। पशु पालन विभाग में राजधानी मुख्यालय से सटे अहम जनपद उन्नाव में कार्यरत और पूर्व में निलंबित सीवीओ महावीर सिंह ने मानक से विपरीत जाकर अधिक दाम में खरीदारी की थी। इसमें प्रयागराज की एक संस्था शामिल थी। मामले में सीवीओ डॉ महावीर सेवनिवृत्त के एक दिन पहले व अकाउंटेंट निलंबित किए गए थे। इसके बावजूद विभाग सुधरने का नाम नहीं ले रहा है।
इधर, पशु चिकित्सक एसोसिएशन ने सीवीओ व उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी पर 75 लाख रुपये के गबन का आरोप लगाया है। उत्तर प्रदेश पशु चिकित्सक एसोसिएशन ने जिलाधिकारी उन्नाव को शिकायती पत्र भेजकर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विनोद कुमार और उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. हरीओम पटेल पर वित्तीय अनियमितता एवं सरकारी धन के गबन का गंभीर आरोप लगाया है। एसोसिएशन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में कहा गया है कि पशु रोग अनुश्रवण एवं नियंत्रण सेवाओं के विस्तार योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में लगभग 75 लाख रुपये की धनराशि से सामग्री क्रय दिखाई गई, जबकि आरोप है कि वास्तविकता में कोई सामग्री खरीदी ही नहीं गई। एसोसिएशन का दावा है कि भुगतान कर सरकारी धन का गबन किया गया है। शिकायती पत्र में केंद्रीय भंडार रजिस्टर, बिलों की प्रतियां तथा खरीदे गए सामान का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की गई है। एसोसिएशन का कहना है कि यदि अभिलेखों और मौके पर उपलब्ध सामग्री का मिलान कराया जाए तो पूरे मामले का खुलासा हो सकता है। एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि यदि जांच में शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध गबन का मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है।
क्या बोली नवनियुक्त निदेशक…!
इस मामले को लेकर जब नवनियुक्त निदेशक पशु पालन विभाग उत्तर प्रदेश संगीता तिवारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि एक दो दिनों में हमें शासन से पत्र मिल जाएगा। चार्ज मिलने के बाद हम इस मामले को गंभीरता से लेंकर कार्रवाई करेंगे।
क्या बोले डीएम…!
उपरोक्त पूरा प्रकरण जब तरूणमित्र टीम ने डीएम उन्नाव घनश्याम मीना के संज्ञान में लाया तो उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जांच कराकर आगे की कार्रवाई की जायेगी।












