श्रावस्ती के गिलौला क्षेत्र में मुहर्रम पर्व पर मुस्लिम समुदाय में आस्था का माहौल है। ग्राम पंचायत पिपरा में हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत की याद में ताजिया स्थापित की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग एकत्र हुए। ताजिया को गांव के चबूतरे पर रखा गया। इस दौरान लोगों ने “या हुसैन” और “या अली” के नारे लगाए, इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद किया। समुदाय के सदस्यों ने मातम किया और फातिहा पढ़कर शहीद-ए-कर्बला को श्रद्धांजलि दी। मुहर्रम इस्लाम धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो कर्बला की ऐतिहासिक घटना की याद दिलाता है। इस अवसर पर हजरत इमाम हुसैन ने सत्य, न्याय और मानवता की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था। इसी शहादत की स्मृति में मुस्लिम समुदाय ताजिया स्थापित करता है और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करता है। पिपरा ग्राम पंचायत में आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चे, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए। लोगों ने शांतिपूर्ण ढंग से धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए मातम और फातिहा का आयोजन किया। पूरे क्षेत्र में मुहर्रम को लेकर श्रद्धा और भाईचारे का माहौल देखा गया। पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि मुहर्रम का पर्व सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके।
पिपरा में मुहर्रम पर रखी गई ताजिया:हजरत इमाम हुसैन की शहादत को किया गया याद
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