लखनऊ /अंबेडकरनगर। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की नोएडा यूनिट ने मंगलवार तड़के अंबेडकरनगर जिले के बेवाना थाना क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान एक लाख रुपये के इनामी कुख्यात बदमाश आसिफ उर्फ विक्की छैमार को मार गिराया। मुठभेड़ में गोली लगने के बाद उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके कब्जे से पिस्टल, देशी बंदूक, कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
एसटीएफ के अनुसार, मारा गया बदमाश आसिफ उर्फ विक्की अली पुत्र बाबू उर्फ मजहर, कानपुर नगर के बिल्हौर थाना क्षेत्र के मकरनपुर गांव का निवासी था। वह पिछले करीब आठ वर्षों से पुलिस की गिरफ्त से फरार चल रहा था। उस पर हत्या, डकैती और डकैती के दौरान हत्या जैसे गंभीर अपराधों के 21 से अधिक मुकदमे उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में दर्ज थे। कुछ पुलिस अभिलेखों में उसके विरुद्ध मामलों की संख्या 25 से अधिक भी दर्ज है।
तड़के चार बजे हुई मुठभेड़
एसटीएफ को आसिफ की मौजूदगी की सूचना मिलने पर बेवाना थाना क्षेत्र के जगदीशपुर मुस्लिमपुर के पास घेराबंदी की गई। खुद को घिरता देख आसिफ ने पुलिस टीम पर कई राउंड फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में एसटीएफ ने भी गोली चलाई, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल भेजा गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मौके से हथियार और कारतूस बरामद
पुलिस ने घटनास्थल से 32 बोर की पिस्टल, 12 बोर की पौनिया (देशी बंदूक), भारी मात्रा में जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। बरामद हथियारों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी।
घरों में बंधक बनाकर डालता था डकैती
एसटीएफ के मुताबिक, आसिफ अपने गिरोह के साथ रात में घरों में घुसकर परिवार के लोगों को बंधक बनाता था। विरोध करने पर वह और उसके साथी बेरहमी से हमला कर हत्या तक कर देते थे। यही वजह थी कि वह प्रदेश के सबसे वांछित डकैतों में शामिल था और उसके सिर पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
कई सनसनीखेज मामलों में था वांछित
पुलिस के अनुसार, आसिफ कई चर्चित वारदातों में फरार चल रहा था। इनमें प्रमुख घटनाएं शामिल हैं—
19 अक्टूबर 2013: सुल्तानपुर के कोतवाली देहात क्षेत्र में साथियों के साथ घर में घुसकर हत्या के बाद डकैती।
वर्ष 2014: जौनपुर के शाहगंज थाना क्षेत्र में परिवार को बंधक बनाकर लाखों रुपये की लूट। विरोध करने पर परिवार के पांच लोगों पर धारदार हथियार से हमला किया गया, जिसमें स्वाति और सुमन की इलाज के दौरान मौत हो गई।
15 अगस्त 2015: कौशांबी के कोखराज थाना क्षेत्र में डकैती के दौरान अवनि कुमार टैगोर के माता-पिता की हत्या।
19 अगस्त 2015: मुजफ्फरनगर के छपार थाना क्षेत्र में एक ही रात कई घरों में डकैती। एक घर में महिला को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया।
13 जनवरी 2021: कानपुर देहात के रसूलाबाद थाना क्षेत्र में तासीम की हत्या।
लंबे समय से कर रही थी तलाश
एसटीएफ के अनुसार, जौनपुर, सुल्तानपुर, कौशांबी और मुजफ्फरनगर की चर्चित डकैती और हत्या की घटनाओं के बाद से आसिफ लगातार फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए विभिन्न जनपदों की पुलिस और एसटीएफ लगातार प्रयास कर रही थी। आखिरकार मंगलवार सुबह हुई मुठभेड़ में उसका अंत हो गया।एसटीएफ का कहना है कि आसिफ के अन्य साथियों और उसके आपराधिक नेटवर्क के संबंध में भी जांच जारी है तथा उनसे जुड़े अन्य आरोपितों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।












