गाजीपुर: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के गौसाबाद गांव में गुरुवार को परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर भीषण पथराव कर दिया. वे विनीत राय हत्याकांड के आरोपी और एक लाख के इनामी बदमाश कमलेश बिंद के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने से बेहद नाराज थे.
प्रधान पति संजय चौधरी के उकसावे पर अराजक तत्वों ने पुलिस टीम पर हमला किया, जिसमें सीओ सिटी शेखर सेंगर समेत पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए. पुलिस बल कमलेश बिंद का शव पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार के लिए ले जा रहा था, तभी भीड़ ने हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया.
गुरुवार को पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस परिजनों के साथ एक पिकअप वाहन में कमलेश बिंद का शव अंतिम संस्कार के लिए भेज रही थी. इसी बीच फुल्लनपुर क्रॉसिंग के पास महिलाओं और परिजनों ने पुलिसिया कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी.
देखते ही देखते धक्का-मुक्की और पथराव शुरू हो गया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. इसके बाद मौके पर भारी पुलिस बल और वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाकर स्थिति को नियंत्रित किया गया और सुरक्षा घेरे में अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया.
गाजीपुर के एसपी डॉ. इरज राजा ने इस पूरे मामले पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने पुष्टि की है कि कुछ अराजक तत्वों ने प्रधान पति संजय चौधरी के उकसावे पर पुलिस बल पर जानबूझकर पथराव किया.
एसपी ने साफ किया कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले 60 से 70 उपद्रवियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने सख्त चेतावनी दी है कि माहौल खराब करने वाले इन आरोपियों के खिलाफ जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत भी कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी.
मुठभेड़ में मारा गया कमलेश बिंद विनीत राय हत्याकांड में मुख्य आरोपी था. उस पर साल 2017 से 2026 तक आबकारी अधिनियम, मारपीट, बलवा और हत्या के प्रयास समेत सात गंभीर मुकदमे दर्ज थे.
दूसरी तरफ, मृतक के बड़े भाई संजय चौधरी ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि उनके भाई को मुठभेड़ में नहीं बल्कि योजनाबद्ध तरीके से मार दिया गया. उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है.












