#बस्ती_न्यूज
बस्ती में बुवाई का सीजन शुरू होने से पहले ही यूरिया खाद की भारी किल्लत सामने आई है। निजी दुकानों और सरकारी गोदामों से यूरिया खाद गायब होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खाद न मिलने के कारण किसान परेशान हैं और यूरिया के लिए ब्लॉक से लेकर जिला मुख्यालय तक चक्कर लगाने को मजबूर हैं। कई निजी दुकानों और सरकारी गोदामों पर ताले लटके होने से किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। यूरिया खाद की इस कमी से बड़े पैमाने पर कालाबाजारी की आशंका जताई जा रही है। किसानों को मजबूरन अधिक दामों पर यूरिया खाद खरीदनी पड़ रही है, जिससे उनकी खेती की लागत बढ़ रही है। सीजन से पहले यूरिया खाद का गायब होना कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। यदि जिम्मेदार अधिकारियों का यही रवैया रहा, तो किसानों को यूरिया खाद के लिए भविष्य में और अधिक मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। स्थिति यह है कि पेट्रोल, डीजल और गैस सिलेंडर की तरह अब यूरिया खाद के लिए भी किसानों को लंबी कतारें लगानी पड़ सकती हैं, जिससे खेती-किसानी बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है। इस संबंध में स्थानीय कृषि अधिकारी (एडीओ एजी) रमेश कुमार पाठक ने बताया कि जिले में उर्वरक की रैक नहीं आ रही है, जिसके कारण यह समस्या बनी हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि उर्वरक उपलब्ध होते ही सभी किसानों को मुहैया कराया जाएगा।
#बस्ती न्यूज़ टुडे
बस्ती में यूरिया खाद गायब, किसान परेशान:निजी दुकानों, सरकारी गोदामों से किल्लत
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!












