HomeArchitectureकौन हैं बागेर गालीबाफ जिनसे वार्ता की झूठी खबर फैला रहे डोनाल्ड...

कौन हैं बागेर गालीबाफ जिनसे वार्ता की झूठी खबर फैला रहे डोनाल्ड ट्रंप?

इजरायल, अमेरिका और ईरान की जंग 25वें दिन में पहुंच गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, ईरान पर दावा कर रहे हैं कि वहां का शीर्ष नेतृत्व उनसे बात कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका और ईरान मिलकर होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण रखेंगे। वह यह भी दावा कर रहे हैं कि ईरान ने होर्मुज पर उन्हें तोहफा दिया है। ईरान, डोनाल्ड ट्रंप के किसी भी दावे को नहीं मान रहा है। ईरान बार-बार खारिज कर रहा है कि ऐसी कोई बातचीत अमेरिका से नहीं हो रही है।|

अमेरिका का दावा है कि ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालीबाफ अमेरिका के साथ संपर्क में हैं। शांति वार्ता को लेकर डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के साथ चर्चा कर रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप के साथ किसी भी तरह की बातचीत से ईरान ने इनकार किया है। उन्होंने साफ कहा है कि ट्रंप के साथ कोई बातचीत नहीं हो रही है।

यह भी पढ़ें: ट्रंप का ईरान से हमला रोकने की बात कहना शांति नहीं बल्कि नैरेटिव गढ़ने की चाल है

किस सम्मानित व्यक्ति की बात कर रहे हैं ट्रंप?

मोहम्मद बागेर गालीबाफ ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अमेरिका के साथ कोई वार्ता नहीं हुई है। ऐसी खबरें वित्तीय और तेल बाजारों को प्रभावित करने के लिए फैलाई जा रही हैं। डोनाल्ड ट्रंप, ईरान पर कई गलत दावे कर चुके हैं। महज दो दिनों में जंग खत्म करने का दावा करने वाले ट्रंप, खाड़ी के देशों में अपने सैन्य ठिकाने गंवा चुके हैं। यह जंग, अमेरिका पर भारी पड़ रही है।

मोहम्मद बागेर गालीबाफ से बात कर रहे ट्रंप?

डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को दावा किया कि वह ईरान में सबसे सम्मानित शख्स के साथ बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया। मोजतबा खामेनेई उनसे बात नहीं करेंगे। राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन कभी ट्रंप से बात करेंगे नहीं। यह दावा भी डोनाल्ड ट्रंप का गलत साबित हो रहा है। खुद बागेर गालीबाफ बता चुके हैं कि वह अमेरिका से कोई बात नहीं कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें: ईरान को लेकर क्या है अगली रणनीति? डोनाल्ड ट्रंप ने की पीएम मोदी से बात

मोहम्मद बागेर गालीबाफ कितने दमदार?

मोहम्मद बागेर गालीबाफ, ईरान और मोजतबा खामेनेई के मजबूत सिपाही हैं। उन्होंने इस्लामिक गणराज्य की रक्षा के लिए आह्वान किया है। उनका कहना है कि ईरान की रक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। वह इस्लामिक ईरान की रक्षा के लिए प्रदर्शनकारियों के दमन के खिलाफ रहे हैं। 2013 के एक ऑडियो में उन्होंने दावा किया था कि युवा पुलिस कमांडर के रूप में उन्होंने मोटरसाइकिल पर सवार होकर लकड़ी की छड़ियों से प्रदर्शनकारियों को पीटा था।

कितने दागदार हैं गालिबाफ?

ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर गालीबाफ इस्लामी क्रांति के प्रति कट्टर रहे हैं। उन्होंने 1980 के दशक में ईरान-इराक युद्ध के दौरान इस्लामी क्रांतिकारी गार्ड कोर (IRGC) में शामिल होकर अपने करियर की शुरुआत की थी। वह पुलिस प्रमुख बने, 1999 और 2003 के छात्र प्रदर्शनों को कुचलने के लिए वह बदनाम रहे हैं। 2013 के एक ऑडियो में उन्होंने जिक्र किया था कि वह प्रदर्शनकारियों को छड़ी से पीटते हैं।

यह भी पढ़ें: ईरान-इजरायल युद्ध खिंचने पर पीएम मोदी किन चुनौतियों की बात कर रहे थे?

ट्रंप प्रशासन के बात कर रहे हैं गालिबाफ?

अमेरिका-इजराइल अभियान में कई ईरानी शीर्ष नेताओं के मारे जाने के बाद गालिबाफ ईरान के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि वह ईरान के बहुत सम्मानित व्यक्ति के साथ बातचीत कर रहे हैं। गालिबाफ ने तुरंत इनकार करते हुए इसे फर्जी खबर बताया। उन्होंने कहा कि कोई वार्ता नहीं हुई। ऐसी खबरें बाजारों को बचाने के लिए फैलाई जा रहीं हैं।

ट्रंप की बात मान पाएंगे गालिबाफ?

गालिबाफ के लिए इस्लामिक गणराज्य की सुरक्षा पहले हैं। उन्होंने युद्ध को क्षेत्रीय स्तर पर फैलाने की चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि वह युद्धविराम नहीं चाहते, बल्कि आक्रामक को सबक सिखाना चाहते हैं। उनका मकसद अब अमेरिका और इजरायल की तबाही है। ईरान ने इजरायल के खिलाफ नए सैन्य हमलों की शुरुआत की है।

गालिबाफ को ईरान में क्यों पसद करते हैं लोग?

12 साल तक गालिबाफ तेहरान के मेयर रहे हैं। उन्होंने तेहरान को वर्ल्ड क्लास सिटी बनाई। उनके कार्यकाल पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे। वह राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार भी बने लेकिन सफल नहीं हो पाए।

यह भी पढ़ें: ‘अमेरिका-इजरायल जो कहते हैं, PM वही करते हैं,’ ईरान संकट पर बोले राहुल गांधी

2020 से ताकतवर पद में हैं गालिबाफ

2020 से ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद गालिबाफ हैं। वह सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के करीबी रहे हैं। मोजतबा खामेनेई के साथ भी उनके पारिवारिक संबंध हैं। लोग उन्हें असली खिलाड़ी मानते हैं, जिनके बिना ईरान की विदेश नीति से जुड़े कोई फैसले नहीं लिए जाते हैं।

अमेरिका पर क्या सोचते हैं गालिबाफ?

गालिबाफ ईरान की अस्मिता पर हमला बर्दाश्त करने वाले नेताओं में शामिल नहीं हैं। वह बाहरी शक्ति और दबाव का मुंहतोड़ जवाब देने की कूटनीति अपनाते हैं। वह ट्रंप के सामने झुकने के इरादे नहीं रखते हैं।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments