हरियाणा के फतेहाबाद में करीब डेढ़ साल पहले सामने आए एक मामले ने सभी को हैरान कर दिया था। यह मामले फतेहाबाद जिले के गांव भूथन कलां का था, जहां एक पिता ने अपने ही बेटे की हत्या कर दी थी। इस मामले में जिला कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुना दी है।
इस मामले में पीड़ित के पिता सरजीत सिंह एक दिन नशे में धूत होकर घर पर आया था। जिस समय वह घर पर आया था उस समय उसका इकलौता बेटा परमजीत ही घर पर था। उसकी उम्र 17 साल थी। इस घटना के समय परमजीत की मां रोशनी देवी घर पर नही थीं। किसी बात को लेकर पिता का अपने बेटे से विवाद हो जाता है। विवाद होने के कारण पिता ने गुस्से में अपने बेटे के सिर पर लकड़ी के डंडे से जोरदार वार कर दिया। इस घटना के बाद बेटे को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
यह भी पढ़ें: लूट के बाद हरिद्वार में मना रही थी हनीमून, रील पोस्ट करने के चक्कर में पकड़ी गई
कहां थी बेटे की मां?
पीड़ित की मां रोशनी देवी ने बताया कि उसके दो बच्चे एक बेटी और एक बेटा है। बेटी शादीशुदा है, जबकि बेटा परमजीत अभी नाबालिग था। 20 दिसंबर 2024 को वह अपनी बेटी किरण के ससुराल चिकनवास गई हुई थी। जब उसे सूचना मिली कि उसके पति सरजीत सिंह ने अपने बेटे परमजीत की हत्या कर दी तो वह हैरान हो गई। इस घटना की जानकारी मिलने के तुरंत बाद वह अपने घर पहुंची, तो पति सरजीत सिंह ने रोते हुए बताया कि रात को शराब के नशे में मैंने अपने बेटे के सिर में डंडा मारकर हत्या कर दी।
थाने पहुंची पीड़ित मां
इस मामले में पीड़ित मां रोशनी देवी की शिकायत पर थाना सदर फतेहाबाद में उसके पति के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया गया था। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर सबूत इकट्ठा किए। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने हत्या समेत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया था।
यह भी पढ़ें: लूट के बाद हरिद्वार में मना रही थी हनीमून, रील पोस्ट करने के चक्कर में पकड़ी गई
कोर्ट ने सुनाई सजा
प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयान, मेडिकल साक्ष्य और अन्य सबूत आरोपी पिता के खिलाफ थे। यह सारे सबूत कोर्ट में पेश किए गए। इस मामले में जिला अटॉर्नी अरुण बंसल ने पीड़ित का पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान सभी सबूतों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी सरजीत सिंह को अपने ही बेटे की हत्या का दोषी माना। इस मामले में कोर्ट ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही उस पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।












