वायनाड : केरल के वायनाड जिले में निर्माणाधीन टनल परियोजना पर हुए मडस्लाइड हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 2 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने दो लोगों की मौत की पुष्टि की है, जबकि सात लोग अब भी लापता हैं। भारी बारिश और घने मलबे के कारण राहत एवं बचाव कार्य लगातार चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
यह हादसा अनक्कमपोयिल–कल्लाडी–मेप्पडी टनल रोड परियोजना के पास मीनाक्षी ब्रिज के निकट हुआ, जहां लगातार बारिश के बाद मिट्टी का बड़ा हिस्सा ढह गया।
9 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
जिला प्रशासन के अनुसार अब तक 9 लोगों को सुरक्षित बचाकर मेप्पडी के WIMS अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रभावित इलाके के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए चुलिक्का सरकारी लोअर प्राइमरी स्कूल में राहत शिविर भी बनाया गया है।
7 लापता लोगों में परियोजना के अधिकारी भी शामिल
प्रशासन ने बताया कि लापता सात लोगों में टनल परियोजना की निगरानी कर रहे वरिष्ठ अधिकारी और निर्माण कार्य में लगे मजदूर शामिल हैं। अधिकारियों की टीम रोजगार रिकॉर्ड और साइट के दस्तावेजों की मदद से लापता लोगों की पहचान और तलाश में जुटी है।
IMD का रेड अलर्ट, रेस्क्यू में हो रही परेशानी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने वायनाड और कोझिकोड जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इलाके में पिछले 24 घंटों में करीब 265 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिसे अत्यधिक भारी वर्षा की श्रेणी में रखा जाता है।लगातार बारिश, दलदली मिट्टी और खराब मौसम के कारण भारी मशीनों को घटनास्थल तक पहुंचाने में दिक्कत हो रही है, जिससे बचाव अभियान प्रभावित हो रहा है।
मंत्री ने फिर दोहराया- ‘यह मानवजनित भूस्खलन’
केरल के कृषि मंत्री टी. सिद्दीक ने एक बार फिर इस घटना को “मानवजनित भूस्खलन” बताया। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान निकाली गई मिट्टी और मलबे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण नहीं किया गया, जिससे यह हादसा हुआ। उन्होंने कहा कि पहले भी सुरक्षा संबंधी चेतावनियां दी गई थीं, लेकिन उन पर ध्यान नहीं दिया गया।
प्रशासन की निगरानी में बचाव अभियान
कृषि मंत्री टी. सिद्दीक, राजस्व विभाग और वायनाड जिला प्रशासन मौके पर मौजूद हैं। NDRF, पुलिस, दमकल विभाग और स्थानीय एजेंसियां मिलकर लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं। खराब मौसम के बावजूद राहत अभियान लगातार जारी है।












