लखनऊ। डॉ.राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में लेट नाइट डीजे और डांस पार्टी आयोजित करने के मामले में 107 छात्रों पर कार्रवाई की गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी छात्रों पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। हालांकि, नोटिस पाने वाले तीन छात्रों को जवाब संतोषजनक मिलने के बाद उन्हें राहत दे दी गई। पूरा मामला 19 मई की रात आयोजित पार्टी से जुड़ा है।
पार्टी के दौरान दो छात्राओं ने अलग-अलग मामलों में छात्रों पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। इसकी शिकायत आईसीसी से की गई थी। शुक्रवार को मामले की सुनवाई हुई, जिसमें दोनों आरोपी छात्रों ने आईसीसी के सामने माफी मांग ली। बिना परमिशन पार्टी की शिकायत पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के आधार पर 110 छात्रों की पहचान की थी। ये सभी छात्र देर रात विश्वविद्यालय परिसर में पार्टी के दौरान देखे गए थे।
विश्वविद्यालय ने इनके खिलाफ नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। छात्रों की पहचान होने के बाद दी गई राहत बीए एलएलबी के फाइनल ईयर के ये स्टूडेंट 19 मई की देर रात कैंपस में पार्टी कर रहे थे। पार्टी कई घंटे तक चली। सुरक्षाकर्मियों ने पार्टी की सूचना विश्वविद्यालय प्रशासन को दी। बिना अनुमति पार्टी करने के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले। पार्टी करने वाले 110 स्टूडेंट्स को नोटिस जारी किया गया था। साथ ही एक-एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। शुक्रवार को इन्हें अपना पक्ष रखना था। शुक्रवार को तीन छात्रों के जवाब सही पाए जाने पर राहत दी है। जबकि 107 छात्रों पर देर रात तक पार्टी करने के आरोप सही पाए गए। इन्हें एक-एक हजार रुपये जुर्माना देना होगा।
इनकी मौजूदगी में हुई सुनवाई आईसीसी की बैठक प्रो. वंदना सिंह की अध्यक्षता में हुई। जिसमें डॉ. मनोज कुमार, डॉ. शकुंतला, डॉ. इंदु सुभाष, आंचल गुप्ता, उत्कर्ष चड्ढा और रिचा मिश्रा ने मामले की सुनवाई की। जांच में 3 छात्र मौके पर नहीं मिले राम मनोहर लोहिया विधि विवि प्रवक्ता डॉ.शशांक शेखर ने बताया बिना अनुमति पार्टी में शामिल 110 छात्रों को नोटिस जारी किया गया था।
जांच में तीन छात्रों को बरी किया गया है। अन्य को जुर्माने की राशि देनी होगी। वहीं, आईसीसी को भेजी गई कंप्लेंट मामले में संबंधित छात्रों द्वारा माफी मांगे जाने के बाद दोनों छात्राओं ने स्वेच्छा से अपनी शिकायत वापस ले ली है। प्रकरण आईसीसी के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। शिकायत वापस लिए जाने के तथ्य को समिति द्वारा नियमानुसार रिकॉर्ड पर लिया गया है।












