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बस्ती में उपभोक्ता आयोग ने विद्युत निगम के दो अधिकारियों को तीन-तीन माह के कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 25-25 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर एक-एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अधिकारियों पर आयोग के आदेश का निर्धारित समय में पालन नहीं करने का आरोप था। सजा पाने वालों में विद्युत वितरण खंड द्वितीय के एक्सईएन अरुण कुमार सिंह और कुदरहा के एसडीओ संतोष कुमार चौधरी शामिल हैं। जिले में वर्ष 1991 में उपभोक्ता फोरम की स्थापना के बाद यह पहला मामला बताया जा रहा है, जिसमें उपभोक्ता आयोग ने किसी अधिकारी को कारावास की सजा सुनाई है। मीटर और बिजली बिल में गड़बड़ी से शुरू हुआ विवाद मामला भानपुर निवासी ऑटोमोबाइल एजेंसी संचालक मानवेंद्र सिंह से जुड़ा है। उन्होंने बिजली के मीटर और बिल में गड़बड़ी को लेकर 9 जनवरी 2024 को विद्युत निगम में शिकायत की थी। मानवेंद्र सिंह के मुताबिक, शिकायत के बावजूद अप्रैल 2024 में उन्हें तीन महीने का 59 हजार रुपए का बिजली बिल भेज दिया गया। उन्होंने बिल जमा कर दिया। इसके बाद मई में फिर 8,566 रुपए का बिल भेजा गया। पोर्टल पर शिकायत करने के बाद उनके खाते में बकाया राशि 62,143 रुपए दिखाई देने लगी। इसके बाद उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दाखिल किया। आयोग ने 1.20 लाख रुपए हर्जाना देने का दिया था आदेश मामले की सुनवाई के बाद जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष न्यायाधीश अमरजीत वर्मा और सदस्य अजय प्रकाश सिंह ने विद्युत निगम को उपभोक्ता को 1.20 लाख रुपए हर्जाना देने का आदेश दिया था। आयोग ने अप्रैल 2024 के बाद जारी किए गए सभी बिजली बिलों को निरस्त करने का भी निर्देश दिया था। आदेश में कहा गया था कि यदि 45 दिन के भीतर इसका पालन नहीं किया जाता है तो उपभोक्ता को 12 प्रतिशत ब्याज भी देना होगा। आदेश नहीं माना तो दाखिल किया इजरा वाद आरोप है कि निर्धारित समय बीतने के बाद भी विद्युत निगम के अधिकारियों ने आयोग के आदेश का पालन नहीं किया। इसके बाद मानवेंद्र सिंह ने इजरा वाद के साथ उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 72 के तहत प्रकीर्ण वाद दाखिल किया। मामले में आयोग ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ वारंट भी जारी किए। आरोप है कि वारंट तामील होने के बाद भी अधिकारी आयोग के समक्ष उपस्थित नहीं हुए और न ही आदेश का अनुपालन किया गया। दोनों अधिकारियों को 3-3 माह की सजा मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला उपभोक्ता आयोग ने धारा 72 के तहत एक्सईएन अरुण कुमार सिंह और एसडीओ संतोष कुमार चौधरी को तीन-तीन माह के कारावास की सजा सुनाई। दोनों अधिकारियों पर 25-25 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर उन्हें एक-एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। जिले में उपभोक्ता फोरम की स्थापना के बाद पहली बार कारावास की सजा सुनाए जाने के कारण यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मामले की अगली सुनवाई 20 अक्तूबर को निर्धारित की गई है।
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बस्ती में XEN-SDO को 3-3 माह की जेल:उपभोक्ता आयोग के आदेश की अवहेलना पर फैसला, 25-25 हजार रुपए जुर्माना
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