श्रावस्ती जनपद के विकासखंड इकौना क्षेत्र के सिसवारा चौराहे पर लगा सरकारी हैंडपंप पिछले कई महीनों से खराब पड़ा है। इसके कारण राहगीरों और स्थानीय लोगों को पीने के पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को अपनी प्यास बुझाने के लिए 20 रुपये में पानी की बोतलें खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, हैंडपंप खराब होने के बाद से अब तक इसकी मरम्मत नहीं कराई गई है। चौराहे के आसपास साफ-सफाई की भी कोई उचित व्यवस्था नहीं की गई है। स्थानीय निवासी पप्पू यादव, विजयेंद्र, मेवाराम और उमेश शर्मा समेत अन्य लोगों ने बताया कि चौराहे पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं। गर्मी के मौसम में जब राहगीरों और बाजार आने वाले लोगों को प्यास लगती है, तो उन्हें 20 रुपये की पानी की बोतल खरीदनी पड़ती है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। लोगों का यह भी कहना है कि आसपास मौजूद छोटे हैंडपंपों का बोर कम होने के कारण उनसे निकलने वाला पानी भी साफ और पीने योग्य नहीं है। ऐसे में लोगों के सामने बोतलबंद पानी खरीदने या दूषित पानी पीने का जोखिम उठाने के दो ही विकल्प रह जाते हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और विकासखंड के जिम्मेदार अधिकारियों से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए सिसवारा चौराहे पर खराब पड़े सरकारी हैंडपंप की जल्द से जल्द मरम्मत कराई जाए। साथ ही, आसपास साफ-सफाई की भी उचित व्यवस्था की जाए, ताकि राहगीरों और स्थानीय लोगों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके।
सिसवारा चौराहे पर महीनों से खराब पड़ा सरकारी हैंडपंप:20 रुपये में पानी खरीदने को मजबूर लोग
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