रायबरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस 50 वर्षों में जितने लोगों को आवास उपलब्ध नहीं करा पाई, भाजपा सरकार ने मात्र नौ वर्षों में उतने लोगों को आवास उपलब्ध करा दिए। उन्होंने कहा कि आज गरीबों को सम्मान भी मिल रहा है और उनका हक भी मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने बिना भेदभाव के गरीबों को योजनाओं का लाभ दिया है। कांग्रेस 50 वर्षों में जितने परिवारों को शौचालय उपलब्ध नहीं करा पाई, उससे कई गुना अधिक परिवारों को भाजपा सरकार ने शौचालय उपलब्ध कराए हैं। युवाओं के लिए भी विभिन्न योजनाएं लागू कर उन्हें रोजगार और नौकरी के अवसर दिए गए हैं। शिक्षामित्रों के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी को घेरते हुए कहा कि सपा ने शिक्षामित्रों के मामले को अधर में लटकाए रखा। भाजपा सरकार ने उनका मानदेय तीन हजार से बढ़ाकर दस हजार और अब 18 हजार रुपये किया है। साथ ही पांच लाख रुपये की सुरक्षा की गारंटी भी दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने सपेरा जैसे घुमंतू समुदायों को भी मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया है। सपेरा समुदाय के लोगों को आवासीय पट्टे दिए गए हैं और उनके आवास भी स्वीकृत किए गए हैं।
879 करोड़ की 346 विकास परियोजनाओं की दी सौगात
सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले को 879 करोड़ रुपये से अधिक की 346 विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने 624 करोड़ रुपये की 185 परियोजनाओं का लोकार्पण तथा 277 करोड़ रुपये की 162 नई परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें बछरावां और हरचंदपुर विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाएं भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने सपेरा समुदाय समेत 60 से अधिक आवासविहीन परिवारों को आवासीय पट्टे आवंटित किए। विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों के खातों में 19 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि हस्तांतरित की गई। इसके साथ ही आयुष्मान कार्ड, लैपटॉप, स्वीकृति पत्र और आवास की चाबी समेत अन्य योजनाओं का लाभ लाभार्थियों को वितरित किया गया।
इन विकास परियोजनाओं को किया शामिल
महराजगंज-इन्हौना मार्ग का सुदृढ़ीकरण
महराजगंज-इन्हौना मार्ग के सुदृढ़ीकरण की परियोजना को प्रमुख विकास कार्यों में शामिल किया गया है।
पुलिस लाइन में ट्रांजिट हॉस्टल
पुलिस लाइन में ट्रांजिट हॉस्टल की परियोजना का लोकार्पण किया गया।
सड़कों का चौड़ीकरण
कुंदनगंज तथा पश्चिमगांव-टेरा-अघौरा मार्ग के चौड़ीकरण की परियोजनाएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय
शिवगढ़ के ओसाह और बेला-भेला में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों का शिलान्यास किया गया।
हरचंदपुर में आरसीसी बॉक्स पुलिया
क्षतिग्रस्त पुलिया के स्थान पर आरसीसी बॉक्स पुलिया के निर्माण की परियोजना भी प्रमुख कार्यों में शामिल रही।
346 परियोजनाएं, 879 करोड़ से अधिक
कुल 346 परियोजनाओं में 624 करोड़ रुपये की 185 परियोजनाओं का लोकार्पण और 277 करोड़ रुपये की 162 परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया।
1857 की क्रांति के अवध केसरी थे राना बेनी माधव – योगी
रायबरेली। बैसवारे की माटी में जन्मे अमर सेनानी एवं 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के महानायक अवध केसरी राना बेनी माधव बक्श सिंह की 222वीं जयंती पर सोमवार को भाव समर्पण समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से तैयार राना बेनी माधव बक्श सिंह स्मृति सभागार का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सभागार जनपदवासियों के लिए उपयोगी होने के साथ ही राना साहेब की स्मृति को हमेशा जीवंत रखेगा। यहां आने वाला प्रत्येक व्यक्ति अवध केसरी राना बेनी माधव बक्श सिंह को एक उज्ज्वल नक्षत्र के रूप में याद करेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया। साथ ही ‘अवध केसरी स्मारिका’ का विमोचन तथा राना बेनी माधव बक्श सिंह के सम्मान में डाक विभाग का विशेष आवरण जारी किया गया। समारोह से पूर्व मुख्यमंत्री ने नेहरू नगर चौराहे पर स्थापित राना बेनी माधव बक्श सिंह की अश्वारोही प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। स्मारक समिति के अध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप सिंह, संरक्षक इंद्रेश विक्रम सिंह, पूर्व एमएलसी राजा राकेश प्रताप सिंह, उपाध्यक्ष राकेश भदौरिया एवं पूर्व ब्लॉक प्रमुख उमेश सिंह ने मुख्यमंत्री का त्रिशूल एवं स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया।
18 महीने तक अंग्रेजों से किया संघर्ष
भाव समर्पण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बैरकपुर से मंगल पांडेय के नेतृत्व में उठी स्वतंत्रता संग्राम की चिंगारी ने 1857 में विकराल रूप ले लिया। मेरठ में धवन सिंह गुर्जर, बुंदेलखंड में रानी लक्ष्मीबाई और कानपुर में नाना साहेब ने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष का नेतृत्व किया। उसी प्रकार अवध क्षेत्र में हजारों सैनिकों के साथ राना बेनी माधव बक्श सिंह ने 18 महीने तक अंग्रेजों से संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि राना बेनी माधव बक्श सिंह के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष करने वाले राजा चंद्रिका बख्श सिंह, लालचंद्र स्वर्णकार और सेनापति वीरा पासी के योगदान को भी भुलाया नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री ने सभागार के द्वितीय चरण के कार्य में इन वीर योद्धाओं की प्रतिमाएं भी परिसर में स्थापित किए जाने पर जोर दिया, ताकि यहां आने वाली युवा पीढ़ी उनके त्याग और शौर्य से प्रेरणा ले सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी राना बेनी माधव बक्श सिंह जैसे हजारों वीरों और शहीदों के बलिदान का परिणाम है। शहीद हमारी धरोहर हैं और उनकी स्मृतियों को सुरक्षित रखना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने स्मारक समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि समिति के निरंतर प्रयासों से रायबरेली को यह भव्य सभागार मिला है। इसके संचालन और अमर सेनानियों के इतिहास से युवा पीढ़ी को जोड़ने की जिम्मेदारी भी समिति की है। मुख्यमंत्री ने वीरांगना सुमन यादव, कृष्णावती, ललिता देवी और ज्ञानवती को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
रायबरेली के इतिहास को किताबों तक सीमित न रखें : जयवीर सिंह
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि रायबरेली को मिली यह सौगात राना बेनी माधव बक्श सिंह स्मारक समिति के समर्पण और दूरदृष्टि का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राना बेनी माधव बक्श सिंह राष्ट्रीय गौरव हैं। उन्होंने अवध क्षेत्र में अंग्रेजों के खिलाफ अपनी सेना के साथ बड़ा संघर्ष किया था। रायबरेली की आस्था, वीरता और लोकसंस्कृति की अपनी अलग पहचान है। जिले के गौरवशाली इतिहास को सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
प्रभारी मंत्री राकेश सचान ने कहा कि राना बेनी माधव बक्श सिंह ने 18 महीने तक अंग्रेजों से लोहा लिया और अवध क्षेत्र में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। विधायक अदिति सिंह ने कहा कि राना साहेब हमारे पूर्वज रहे हैं और पूर्वजों का सम्मान करना ही हमारा स्वाभिमान है। उनकी स्मृति में बना सभागार जनपदवासियों के लिए उपयोगी साबित होगा। कार्यक्रम का संचालन अर्चना सतीश ने किया। इस अवसर पर मंत्री डॉ. मनोज पांडेय, राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह, विधायक अशोक कुमार समेत स्मारक समिति के पदाधिकारी, सदस्य एवं बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।
शौर्य और साहित्य सम्मान से विभूतियां सम्मानित
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह की ओर से राना बेनी माधव बक्श सिंह शौर्य सम्मान से कारगिल युद्ध के सूबेदार मेजर शत्रोहन सिंह तथा ऑपरेशन सिंदूर में विशिष्ट सेवा के लिए मेजर जनरल दिगेंद्र प्रताप सिंह को सम्मानित किया गया। डॉ. शिव बहादुर सिंह भदौरिया साहित्य सम्मान पद्मश्री डॉ. विद्या बिंदु सिंह और साहित्य भूषण सम्मान डॉ. महेशचंद्र दिवाकर को प्रदान किया गया।
वीरा पासी सम्मान अशोक तपस्वी एवं रोटरी सेवा सदन समिति, रायबरेली को दिया गया। लालचंद्र स्वर्णकार मेधा सम्मान संस्कार अग्रहरि और शौर्य प्रताप सिंह, स्व. गजाधर सिंह मेधा सम्मान दिया और सेजल तथा स्व. श्रीमती जनक सिंह मेधा सम्मान महक और समीक्षा को प्रदान किया गया। इसके अलावा अवध क्षेत्र के 15 जनपदों से आए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं शहीदों के परिजनों को भी सम्मानित किया गया।
प्राथमिक विद्यालय दौतरा की राष्ट्रीय उपलब्धि को मिला गौरवपूर्ण स्थान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम में रायबरेली के विकास कार्यों एवं उपलब्धियों पर आधारित लघु फिल्म विशाल जनसभा के समक्ष प्रस्तुत की गई। इस फिल्म में बेसिक शिक्षा विभाग की उपलब्धि के रूप में प्राथमिक विद्यालय दौतरा द्वारा राष्ट्रीय स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग प्रतियोगिता 2025-26 में राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त 51वीं रैंक को भी स्थान दिया गया। विद्यालय के शिक्षकों, बच्चों एवं समस्त ग्रामवासियों के लिए अत्यंत गौरव का विषय रहा। विद्यालय के शिक्षक आशीष प्रताप सिंह ने कहा कि इस गौरवपूर्ण अवसर के लिए अभी तक जिला प्रशासन तथा बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा मिले सहयोग एवं मार्गदर्शन का विद्यालय परिवार व समस्त ग्रामवासी आभारी है।
मुख्यमंत्री ने एनटीपीसी की प्रदर्शनी और पहलों की सराहना की
मुख्यमंत्री ने राणा बेनी माधव सिंह प्रेक्षागृह के लोकार्पण के अवसर पर फिरोज़ गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में जिला प्रशासन के सहयोग से एनटीपीसी द्वारा लगाए गए विशेष प्रदर्शनी स्टॉल का अवलोकन किया। इस स्टॉल में एनटीपीसी की परिचालन उपलब्धियों, संधारणीय विद्युत उत्पादन, भविष्य की विकास योजनाओं, नैगम सामाजिक दायित्व (सीएसआर) की पहलों और व्यापक सुरक्षा प्रक्रियाओं को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया था। मुख्यमंत्री ने एनटीपीसी के विकासात्मक कार्यों में गहरी रुचि दिखाई और संस्थान के बहुआयामी योगदान तथा स्टॉल की प्रस्तुति की सराहना करते हुए “बहुत सुंदर” कहकर प्रशंसा की। अपने ब्रांड-बिल्डिंग और जन-संपर्क अभियान के तहत एनटीपीसी ने रायबरेली में दो प्रमुख स्थलों पर सूचनात्मक प्रदर्शनी स्थापित कि गई, राणा बेनी माधव सिंह प्रेक्षागृह में लगाए गए स्टॉल में एनटीपीसी की विकास यात्रा, तकनीकी उपलब्धियों और सामुदायिक विकास की पहल को प्रदर्शित किया गया, जबकि फिरोज गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में जनसभा स्थल पर स्थापित प्रदर्शनी में एनटीपीसी के विद्युत उत्पादन, सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक विकास से जुड़े कार्यों को प्रमुखता दी गई।












