लखनऊ। महंगी चीनी और एथेनॉल मिश्रित ईंधन पर तुरत निर्णय लेने के संबंध में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा है। इस पत्र में 2024-25 में पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण 19.24 प्रतिशत तक पहुँच चुका था और 20 प्रतिशत मिश्रण का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में नीति आगे बढ़ी। लेकिन अब 20 अगस्त को सरकार को 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति लगभग एक दशक में पहली बार देनी पड़ी है।
अजय राय ने कहा कि एथेनॉल नीति से पेट्रोलियम आयात पर विदेशी मुद्रा की बचत का दावा किया जाता है, लेकिन यदि घरेलू चीनी की कमी के कारण चीनी का आयात करना पड़े तो उस पर भी विदेशी मुद्रा खर्च होगी। इसलिए एथेनॉल, चीनी उत्पादन, घरेलू कीमतों और आयात इन सभी का वास्तविक लेख-जोखा सार्वजनिक होना चाहिए। अस पत्र में नितिन गडकरी के नेतृत्व में परिवहन क्षेत्र में ई 20 के बाद आगे की दिशा सहित उनके मंत्री पद व पारिवारिक हितों के विषय समाचारों में उपलब्ध हैं, वहीं स्वयं भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने हाल में ई20 के साथ ई10 जैसे कम-मिश्रण वाले ईंधन को फिर से उपलब्ध कराने का सुझाव दिया है, ताकि पुराने वाहनों के मालिकों की चिंता कम हो सके। उन्होंने कहा कि देश में त्योहार शुरू होने वाले है ऐसे में अब एथेनॉल के साथ देश में चीनी के मूल्यों पर भी केन्द्र सरकार को ठोस निर्णय लेना होगा।
मंहगी चीनी को लेकर अजय राय ने लिखा प्रधानमंत्री को पत्र
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