- मिलेट्स, योग और प्राकृतिक जीवनशैली अपनाने पर विशेष जोर
मांड्या (कर्नाटक)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि भारत हजारों वर्षों से एक जीवंत सभ्यता है, जहां सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं की निरंतरता विश्व में अद्वितीय है। उन्होंने कहा कि बहुत कम देशों में इतनी लंबी अवधि तक परंपराएं जीवित रहती हैं।
प्रधानमंत्री कर्नाटक के मांड्या जिले स्थित आदिचुनचनगिरी मठ में नवनिर्मित श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उनके साथ पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवे गौड़ा भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने ‘सौंदर्य लहरी’ और ‘शिव महिम्ना स्तोत्रम’ ग्रंथों का विमोचन भी किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की परंपरा रही है कि यहां समय-समय पर ऐसे संत और महापुरुष जन्म लेते रहे हैं, जिन्होंने समाज को दिशा दी और लोगों के दुख-दर्द को समझते हुए उन्हें मार्ग दिखाया। उन्होंने आदिचुनचनगिरी मठ की करीब दो हजार वर्षों पुरानी परंपरा को भारतीय संस्कृति का सशक्त स्तंभ बताया।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने देशवासियों के सामने नौ प्रमुख आग्रह रखे। उन्होंने जल संरक्षण को अपनाने, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण करने, स्वच्छता को जन आंदोलन बनाने और ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा देने की अपील की। साथ ही घरेलू पर्यटन को प्रोत्साहित करने और किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आग्रह किया।
स्वास्थ्य के विषय में उन्होंने मोटापे को बड़ी चुनौती बताते हुए भोजन में तेल की मात्रा कम करने और मिलेट्स (श्री अन्न) को शामिल करने की सलाह दी। उन्होंने योग और खेल को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि जरूरतमंदों की सेवा समाज को मजबूत बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। पारंपरिक आहार का उल्लेख करते हुए उन्होंने ‘रागी मुड्डे’ को शक्ति का स्रोत बताया और युवाओं से इसे अपने आहार में शामिल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक आध्यात्मिकता और तकनीकी प्रगति का अनूठा संगम है।
प्रधानमंत्री ने दिवंगत बालगंगाधरनाथ स्वामीजी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके प्रयासों से शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन आया और लाखों लोगों को लाभ मिला। उन्होंने कहा कि श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि सेवा, साधना और प्रेरणा का प्रतीक बनेगा। प्रधानमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत करोड़ों लोगों को मुफ्त इलाज मिल रहा है और इसका विस्तार वरिष्ठ नागरिकों तक किया गया है।
प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि यह पावन स्थल आने वाले समय में समाज को नई दिशा देगा और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में प्रेरणा का केंद्र बनेगा।











