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‘भ्रम फैलाया जा रहा’, परिसीमन पर विपक्ष के एक-एक सवाल का शाह ने दिया जवाब

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पर विपक्ष के एक-एक सवाल का जवाब दिया। गुरुवार को लोकसभा में अमित शाह ने कहा कि पूरी तरह से झूठा नैरेटिव फैलाया जा रहा है कि महिला आरक्षण और निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के लागू होने के बाद लोकसभा की सीटें बढ़कर 816 हो जाएंगी तो दक्षिण के राज्यों का प्रतिनिधित्व कम हो जाएगा।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि असलियत यह है कि सीटों की संख्या बढ़ेगी और ताकत भी बढ़ेगी। शाह ने प्रियंका गांधी के सवाल के जवाब में कहा कि हमने परिसीमन आयोग अधिनियम में कोई बदलाव नहीं किया है। आपके के ही डिलिमिटेशन कानून को हमने रिपीट किया है। अगर आपने उस वक्त मैनुपुलेशन किया है तो मैं इतना कर सकता हूं कि हम नहीं करेंगे।

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मौजूदा चुनाव पर परिसीमन का कोई असर नहीं होगा: शाह

शाह ने आगे बताया कि मोदी कैबिनेट ने जाति जनगणना कराने का फैसला किया है। मौजूदा जनगणना जाति जनगणना के आधार पर ही की जा रही है। इस बारे में कोई गलत जानकारी नहीं फैलाई जानी चाहिए। परिसीमन आयोग का कानून पूरी तरह से पुराने कानून के अनुरूप है। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसका मौजूदा चुनावों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

‘घटेगी नहीं, बल्कि बढ़ेगी दक्षिण के राज्यों की ताकत’

अमित शाह ने कहा कि सबसे बड़ा नैरेटिव खड़ा किया जा रहा है और भ्रांति फैलाई जा रही है कि ये तीन बिल- संविधान संशोधन बिल, परिसीमन पर दो कानून, निर्वाचन क्षेत्र चुनाव कानून में बदलाव के आने से दक्षिण की क्षमता लोकसभा में बहुत कम हो जाएगी और हमारे दक्षिण के राज्यों को बहुत बड़ा नुकसान होगा। अमित शाह ने लोकसभा में बताया कि 50 फीसद का इजाफा होने के बाद दक्षिण के राज्यों की ताकत संसद में घटेगी नहीं, बल्कि और बढ़ेगी। उन्होंने सदन पटन के आगे राज्यवार आंकड़ा रखा और यह बताने की कोशिश कि नए परिसीमन के बाद दक्षिण के पांच राज्यों का प्रतिनिधित्व और बढ़ेगा।

शाह ने राज्यवार विपक्ष के आरोपों का दिया जवाब

अमित शाह ने बताया कि कर्नाटक में कुल 28 लोकसभा सीटें हैं। सदन की कुल संख्या 543 के 5.15 फीसद सदस्य कर्नाटक से आते हैं। विधेयक पारित होने के बाद कर्नाटक में सांसदों की संख्या 28 से बढ़कर 42 हो जाएगी। लोकसभा में 816 में उसका प्रतिशत बढ़कर 5.44% हो जाएगा। कर्नाटक का जरा भी नुकसान नहीं होगा।

आंध्र प्रदेश में 25 सीटें हैं। अभी लोकसभा में उसकी 4.60 फीसद हिस्सेदारी है। विधेयक पारित होने के बाद सांसदों की संख्या 25 से बढ़कर 38 हो जाएगी। वहीं हिस्सेदारी भी 4.65 प्रतिशत हो जाएगी।

तेलंगाना में 17 सीटें हैं, जो लोकसभा का 3.13 प्रतिशत है। बिल पास होने के बाद सांसदों की संख्या 17 से बढ़कर 26 हो जाएगी। उसकी हिस्सेदारी भी 3.18 प्रतिशत उनकी क्षमता होगी।

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शाह ने कहा कि मैं तमिलनाडु की जनता को आश्वास्त करना चाहता हूं कि आपकी शक्ति कम नहीं होगी, बल्कि बढ़ रही है। अभी 39 सांसद तमिलनाडु राज्य से चुनकर यहां आते हैं। 543 के सदन में उसकी हिस्सेदारी 7.118 फीसद है। अब 50 फीसद की वृद्धि के बाद लोकसभा सदस्यों की संख्या 59 हो जाएगी। 816 के सदन में तमिलनाडु की हिस्सेदारी 7.23 फीसद हो जाएगी। तमिलनाडु को भी कोई नुकसान नहीं होगा।

केरल में अभी 20 सांसद हैं। इनकी क्षमता 3.68 फीसद है। विधेयक के पास होने के बाद सांसदों की संख्या 20 की जगह 30 होगी और सदन में इनकी क्षमता 6.67 इनकी हिस्सेदारी होगी। शाह ने कहा कि दक्षिण का जो नैरेटिव बनाया गया है अगर उसे हम सुनते हैं तो 543 सीटों में से वर्तमान में इस सदन में 129 सांसद बैठते हैं। यह लगभग 23.76% दक्षिण के सांसदों की स्ट्रेंथ है। अब 50 फीसद वृद्धि होने के बाद 129 की जगह 195 सांसद बैठेंगे और उनकी शक्ति 23.97% होगी।

परिसीमन आयोग का जिक्र किया गया था, यह कहते हुए कि आप परिसीमन आयोग में अपने लोगों को रखेंगे। यह करेंगे और वह करेंगे। मैं प्रियंका गांधी से कहना चाहता हूं कि हमने परिसीमन आयोग में कोई बदलाव नहीं किया है। हमने आपके परिसीमन आयोग अधिनियम को ही दोहराया है। अगर आपने इसमें कोई छेड़छाड़ की है तो मैं कह सकता हूं कि हम ऐसा नहीं करेंगे। अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री।

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