सिद्धार्थनगर के कुर्थिया चौराहे से तिलौली जाने वाले मार्ग पर एक पुलिया का निर्माण कार्य पिछले दो माह से रुका हुआ है। इससे क्षेत्रीय लोगों में नाराजगी है और आगामी बरसात को लेकर उनकी चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अधूरा निर्माण कार्य और नीचा वैकल्पिक मार्ग बारिश में जलभराव का कारण बन सकता है, जिससे कई गांवों का संपर्क बाधित होने की आशंका है। सथवा गांव के पास लगभग छह दशक पुरानी जर्जर पुलिया को तोड़कर 15 फरवरी से नई पुलिया का निर्माण शुरू किया गया था। इसकी अनुमानित लागत करीब 12 लाख रुपये है। आवागमन सुचारु रखने के लिए बगल में एक अस्थायी संपर्क मार्ग भी बनाया गया था। निर्माण कार्य शुरुआती तीन माह तक चला, लेकिन पिछले दो माह से यह पूरी तरह ठप पड़ा है। इस कारण परियोजना पांच माह पहले शुरू होने के बावजूद अधूरी है। ग्रामीणों के अनुसार, पुलिया की दीवार सहित कुछ कार्य पूरे हो चुके हैं, लेकिन छत की ढलाई अभी बाकी है। धान की रोपाई का मौसम शुरू होने के साथ ही बारिश की आशंका बढ़ गई है। यदि जल्द बारिश होती है, तो अस्थायी मार्ग पर पानी भर जाएगा। इससे सथवा, डढिया, कुनौना, जिगिना, दुभरा, रोवारी, पिंडवा जैसे कई गांवों के लोगों का तिलौली और कुर्थिया चौराहे तक पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। यह मार्ग स्कूली बच्चों और किसानों के दैनिक आवागमन के लिए भी महत्वपूर्ण है। लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता रवि प्रकाश ने बताया कि धन की कमी के कारण निर्माण कार्य कुछ समय के लिए रुका था। उन्होंने जानकारी दी कि अब धन अवमुक्त हो गया है और ठेकेदार से बातचीत जारी है। रवि प्रकाश ने आश्वासन दिया कि दो-तीन दिनों के भीतर निर्माण कार्य दोबारा शुरू करा दिया जाएगा। ग्रामीणों ने विभाग से मांग की है कि बरसात शुरू होने से पहले पुलिया का निर्माण कार्य हर हाल में पूरा किया जाए, ताकि लोगों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
कुर्थिया में पुलिया निर्माण दो माह से ठप:बारिश में आवागमन बाधित होने की आशंका, ग्रामीण चिंतित
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