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तेहरान और अमेरिका के बीच शांति के लिए मध्यस्थता वाली खबरें फेक: ईरान

वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग जल्द ही शांति में बदल जाएगी। इसके लिए कई देश मध्यस्थता कर रहे हैं और बातचीत कर शांति बहाल हो जाएगी। इस तरह की राहत भरीं खबरें हकीकत में बदलतीं इससे पहले ही ईरान ने साफ कर दिया कि ये सिर्फ अटकलें और भ्रामक खबरें है। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बघेर गालिबाफ ने सीधे संवाद की खबरों को खारिज करते हुए इन्हें फेक न्यूज करार दिया। ईरान का रुख फिलहाल सख्त बना हुआ है, लेकिन अमेरिका के इस रुख के बाद वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है और कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गई हैं। भले ही ईरान ने प्रस्ताव मिलने की बात स्वीकार की है, लेकिन अंतिम समझौते तक पहुंचने की राह अब भी कूटनीतिक दांव-पेचों में फंसी नजर आती है। वहीं दूसरी तरफ बताया जा रहा है कि ईरान के विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि उन्हें मध्यस्थों के माध्यम से अमेरिका की ओर से कुछ महत्वपूर्ण प्रस्ताव मिले हैं।
इधर खबरें चल रहीं है कि ईरान इन प्रस्तावों की गंभीरता से समीक्षा कर रहा है। अधिकारी के अनुसार, अमेरिका की ओर से भेजे गए कुछ बिंदुओं पर विचार किया जा रहा है, जिससे यह संकेत मिलता है कि लंबे समय से जारी गतिरोध और प्रत्यक्ष टकराव के बावजूद दोनों देशों के बीच पर्दे के पीछे कूटनीतिक संवाद का रास्ता खुला है। यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ समझौते की संभावना जताई थी। हालांकि खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष जारी है और इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं, लेकिन अब ईरान ने भी स्वीकार किया है कि मध्यस्थों के जरिए अमेरिका का प्रस्ताव उन तक पहुंचा है। इससे पहले ईरान किसी भी तरह की बातचीत से इनकार करता रहा था। बताया जा रहा है कि अमेरिका की ओर से ईरान को 15 बिंदुओं का एक ड्राफ्ट भेजा गया है, जिसमें तनाव कम करने की रूपरेखा तैयार की गई है। क्षेत्रीय शांति के लिए तुर्की और मिस्र जैसे देश सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान से फोन पर चर्चा की है। फिदान ने कतर, सऊदी अरब, पाकिस्तान और यूरोपीय संघ के अधिकारियों के साथ भी संपर्क साधा है। दूसरी ओर, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतेह अल सीसी ने भी स्पष्ट किया है कि उन्होंने ईरान को तनाव कम करने के लिए कड़े संदेश भेजे हैं। मिस्र के अधिकारियों के अनुसार, इन संदेशों का मुख्य उद्देश्य ऊर्जा के बुनियादी ढांचे पर हमलों को रोकना है, ताकि वैश्विक अर्थव्यवस्था को बड़े संकट से बचाया जा सके। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक चौंकाने वाले बयान में कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच सकारात्मक बातचीत हुई है, जिसके बाद उन्होंने ऊर्जा ढांचों पर होने वाले संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए टालने का निर्णय लिया। ट्रंप ने दावा किया कि बातचीत बेहद मजबूत रही है और लगभग सभी मुद्दों पर सहमति बन सकती है।

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