सिद्धार्थनगर जिले के खेसरहा क्षेत्र की ग्राम पंचायत टिकुईया में लाखों रुपये की लागत से निर्मित रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) उपेक्षा का शिकार है। सरकार द्वारा स्वच्छता अभियान को बढ़ावा देने और गांव के कचरे के उचित प्रबंधन के उद्देश्य से बना यह केंद्र वर्तमान में केवल दिखावा बनकर रह गया है। इस आरआरसी सेंटर में मूलभूत सुविधाओं का अभाव स्पष्ट दिखाई देता है। केंद्र पर अब तक गेट नहीं लगाए गए हैं, जिससे इसकी सुरक्षा व्यवस्था भी नहीं हो पा रही है। हैरानी की बात यह है कि निर्माण के बाद से आज तक इस केंद्र में एक बार भी कचरा एकत्र नहीं किया गया है। केंद्र की दीवारों पर बच्चे खेलते नजर आते हैं, जो इसकी बदहाली को दर्शाता है। इस संबंध में ग्राम प्रधान शालिनी के प्रतिनिधि महेश ने बताया कि सरकार ने केंद्र का निर्माण तो करा दिया, लेकिन इसके रखरखाव और संचालन के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। उनके अनुसार, न तो यहां कचरा लाने के लिए कोई कर्मचारी नियुक्त किया गया है और न ही कोई निश्चित कार्ययोजना बनाई गई है, जिसके कारण यह केंद्र पूरी तरह निष्क्रिय पड़ा हुआ है। ग्रामीणों ने भी इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। रामलाल जैसे ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने पैसा तो खर्च कर दिया, लेकिन इसका कोई फायदा गांव को नहीं मिल रहा है और कचरा आज भी इधर-उधर फैला रहता है। सुनीता देवी और शिवकुमार जैसे अन्य ग्रामीणों ने भी सफाई व्यवस्था में कोई सुधार न होने और केंद्र की असुरक्षा पर सवाल उठाए हैं, जहां बच्चे खेलते रहते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल आरआरसी सेंटर को संचालित करने और इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि स्वच्छता अभियान का वास्तविक लाभ गांव तक पहुंच सके और कचरा प्रबंधन की समस्या का समाधान हो सके।
टिकुईया का आरआरसी सेंटर बना शोपीस:गेट गायब, कर्मचारी नदारद; बदहाली पर रो रहा रिसोर्स रिकवरी सेंटर
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