लखनऊ। संसद में महिला आरक्षण बिल पारित न हो पाने को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। इसी क्रम में राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने शुक्रवार देर रात विधानभवन के सामने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के झंडे जलाकर नाराजगी जताई।
अपर्णा यादव ने कहा कि वर्षों से लंबित महिला आरक्षण बिल पारित न होने से महिलाओं को उनका अधिकार नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों की राजनीतिक इच्छा शक्ति की कमी के कारण यह महत्वपूर्ण विधेयक अब तक अटका हुआ है।
वहीं, राज्य महिला आयोग की अन्य सदस्यों ने भी समाजवादी पार्टी कार्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। आयोग की ओर से शनिवार को बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने की भी बात कही गई है।
इस पूरे मामले पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा को उत्तर प्रदेश की करोड़ों महिलाओं के बीच प्रदर्शन के लिए कम से कम कुछ महिलाओं को भेजना चाहिए था।
उधर, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि आजादी के बाद से आधी आबादी को उनका पूरा हक नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण की पहल का देशभर में स्वागत हो रहा है और जो दल इसका विरोध कर रहे हैं, उन्हें इसका राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।फिलहाल महिला आरक्षण बिल को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासत और गरमाने के आसार हैं।












