सिद्धार्थनगर के खेसरहा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बंजरहा बुजुर्ग में माता काली के स्थान पर आयोजित पंचदिवसीय राम कथा का दूसरा दिन श्रद्धा और भक्ति के माहौल में संपन्न हुआ। यह कथा रात्रि 8 बजे से प्रारंभ होकर देर रात 12 बजे तक चली, जिसमें दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। हनुमान बाग, अयोध्या धाम से पधारे प्रख्यात कथावाचक पंडित राकेश शास्त्री ने अपनी ओजस्वी वाणी में विभिन्न प्रसंगों का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने सती के देह त्याग, दक्ष प्रजापति के यज्ञ विध्वंस और हिमाचल पुत्री के रूप में माता पार्वती के जन्म तथा उनकी कठोर तपस्या का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। शास्त्री जी ने कामदेव और रति द्वारा भगवान भोलेनाथ का ध्यान भंग करने के प्रयास और भगवान शिव के त्रिनेत्र से कामदेव के भस्म होने की घटना को अत्यंत भावपूर्ण ढंग से सुनाया। कथा का मुख्य आकर्षण भगवान भोलेनाथ की भव्य बारात और माता पार्वती के साथ उनके दिव्य विवाह का प्रसंग रहा। इस दौरान पूरा पंडाल “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालु तालियां बजाते और नृत्य करते हुए भगवान शिव के विवाह उत्सव में डूब गए, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम के आयोजक एवं ग्राम प्रधान पद के भावी प्रत्याशी फारूक अहमद ने सभी उपस्थित श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि यह राम कथा 21 अप्रैल 2026 तक निरंतर चलेगी, जिसके समापन पर भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। इस अवसर पर क्षेत्र के सैकड़ों महिला, पुरुष एवं बच्चे उपस्थित रहे और उन्होंने कथा का रसपान कर धर्म लाभ अर्जित किया।
बंजरहा बुजुर्ग में पंचदिवसीय राम कथा:दूसरे दिन शिव-पार्वती विवाह प्रसंग पर भाव-विभोर हुए श्रद्धालु
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