
कौशाम्बी । जिले के थाना सैनी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम उसरैना में 18 अप्रैल को हुई नवविवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर महत्वपूर्ण खुलासा करते हुए मृतका के पति और सास को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में दहेज प्रताड़ना, वैवाहिक विवाद और साक्ष्य मिटाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं।पुलिस के अनुसार, करीब 25 वर्षीय नवविवाहिता का शव घर के अंदर बेसमेंट में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। प्रारंभिक सूचना में सिर पर प्रहार कर हत्या की आशंका जताई गई थी। सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी सिराथू, थाना सैनी पुलिस व फील्ड यूनिट टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए। शव को पोस्टमार्टम हेतु भेजा गया।घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने स्वयं मौके का निरीक्षण कर शीघ्र अनावरण के निर्देश दिए और तीन टीमों का गठन किया। मृतका की मां रीता देवी की तहरीर पर पति अमन और सास गीता देवी के खिलाफ दहेज प्रताड़ना व हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना क्षेत्राधिकारी सिराथू सत्येन्द्र प्रसाद तिवारी को सौंपी गई।जांच के दौरान कई अहम तथ्य सामने आए। पुलिस को पता चला कि घटना से कुछ घंटे पहले मृतका ने अपने भाई को व्हाट्सएप पर पति से हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भेजी थी। साथ ही उसने एक भावनात्मक संदेश—“मेरी बेटी का ख्याल रखना”—भी भेजा और अपने मोबाइल का पासवर्ड साझा किया।घटनास्थल की तलाशी के दौरान मृतका के कमरे से एक सुसाइड नोट और मोबाइल फोन बरामद हुआ। सुसाइड नोट के हस्तलेख की पुष्टि मृतका के भाई ने की है। नोट में ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ना का उल्लेख किया गया है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि मृतका की मौत सिर पर चोट से नहीं, बल्कि गोली लगने से हुई है। विस्तृत विवेचना में यह सामने आया कि मृतका अपने पति के कथित विवाहेत्तर संबंधों से मानसिक रूप से अत्यधिक परेशान थी और इसी तनाव में उसने अवैध तमंचे से खुद को गोली मार ली।हालांकि, मामले में सास की भूमिका संदिग्ध पाई गई। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद सास ने मौके से तमंचा हटाकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया।19 अप्रैल को थाना सैनी पुलिस ने आरोपी पति अमन और सास गीता देवी को गिरफ्तार कर लिया। सास की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त तमंचा और खोखा कारतूस भी बरामद कर लिया गया है।पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा। साथ ही, विवेचना के दौरान सभी पहलुओं—दहेज प्रताड़ना, आत्महत्या के लिए उकसाने और साक्ष्य छुपाने—की गहन जांच जारी है। यह मामला केवल एक संदिग्ध मौत का नहीं, बल्कि वैवाहिक तनाव, सामाजिक दबाव और पारिवारिक प्रताड़ना के जटिल ताने-बाने को उजागर करता है, जिसमें पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है।












