बहराइच में समाजवादी पार्टी कार्यालय में 19 अप्रैल को भगवान परशुराम की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता सपा नेता हर्षित त्रिपाठी ने की, जबकि मंच संचालन लोहिया वाहिनी के जिला उपाध्यक्ष मयंक मिश्रा ‘मोनू’ ने किया। सपा नेता हर्षित त्रिपाठी ने बताया कि परशुराम जन्मोत्सव हिंदू धर्म में भगवान विष्णु के छठे अवतार के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को आता है, जिसे अक्षय तृतीया भी कहा जाता है। समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष देवेश चंद्र मिश्रा ने भगवान परशुराम के बचपन के नाम पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता ने उनका नाम रामभद्र रखा था, जबकि महर्षि कण्व ने जन्म के समय उन्हें कोटिकर्ण नाम दिया था। मयंक मिश्रा ने परशुराम के ब्राह्मण मूल और उनकी शिक्षा पर बात की। उन्होंने बताया कि परशुराम ने अपने बाबा महर्षि ऋचिक और पिता महर्षि जमदग्नि से वेद और धनुर्वेद की शिक्षा प्राप्त की थी। परशु चलाने की शिक्षा उन्होंने भगवान शंकर के सान्निध्य में गणेश जी से प्राप्त की थी, और यह दिव्यास्त्र उन्हें भगवान शंकर से ही मिला था। अधिवक्ता शोभीत बाजपेई ने महर्षि जमदग्नि द्वारा परशुराम को दिए गए आशीर्वाद का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि महर्षि ने परशुराम को स्वच्छंद मरण का आशीर्वाद प्रदान किया और उनकी माता व भाइयों को पुनर्जीवित किया। इस अवसर पर सत्यम मिश्रा, अज्जु बाजपेई, अभिषेक बाजपेई, राहुल मिश्रा, अंकित पांडे, अमन दुबे, प्रकाश मिश्रा, अजय त्रिपाठी, मोहित मिश्रा, हरि ओम मिश्रा (रमपुरवा), नांदेश्वर नंद यादव, पेशकार राव, शैलेश सिंह ‘शेलू’, अन्नू गुप्ता सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
बहराइच में भगवान परशुराम की जयंती मनाई गई:सपा कार्यालय में कार्यक्रम का आयोजन, उनके जीवन का वर्णन किया
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