लखनऊ में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है। कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाया गया, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
झंडा जलाने के आरोप से बढ़ा विवाद
सपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि अपर्णा यादव ने महिला आरक्षण बिल के विरोध के दौरान विधानसभा के सामने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का झंडा जलाया। उनका कहना है कि इस घटना से दोनों दलों के समर्थकों की भावनाएं गहराई से आहत हुई हैं और इससे राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है।
‘पार्टी के झंडे से जुड़ी होती हैं भावनाएं’
सपा के राष्ट्रीय सचिव प्रदीप कुमार ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल के झंडे का अपमान करना बेहद निंदनीय है। उन्होंने बताया कि झंडे से करोड़ों कार्यकर्ताओं की भावनाएं जुड़ी होती हैं। ऐसे में विरोध के नाम पर इस तरह की हरकत स्वीकार नहीं की जा सकती।
प्रदेश का माहौल बिगाड़ने का आरोप
प्रदीप कुमार ने आगे कहा कि जिस झंडे को जलाया गया, उसमें पार्टी का चुनाव चिन्ह साइकिल के साथ-साथ नेताजी मुलायम सिंह यादव और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की तस्वीर भी थी। उनका आरोप है कि इस घटना से प्रदेश का माहौल खराब हो सकता है और कार्यकर्ताओं में आक्रोश बढ़ा है।
राजनीतिक मर्यादा पर उठे सवाल
सपा कार्यकर्ताओं ने इस घटना को राजनीतिक शिष्टाचार के खिलाफ बताया है। उनका कहना है कि विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन इसकी भी एक मर्यादा होती है। विधानसभा जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह की घटना होना चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए इस मामले में सख्त कार्रवाई जरूरी है।
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